कोविड-19: अधिकाँश देश आर्थिक व सामाजिक दुष्प्रभावों से महिलाओं की रक्षा करने में विफल 

महिलाएं
© UNICEF/Vinay Panjwani

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण महिलाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन अधिकाँश देश उनके लिये पर्याप्त सामाजिक और आर्थिक संरक्षा उपाय करने में नाकाम साबित हो रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के लिये संयुक्त राष्ट्र की संस्था (UN Women) की प्रमुख पुमज़िले म्लाम्बो-न्गुका ने सोमवार को यह बात कही है. 

© UNICEF/Juan Haro

कोविड-19 महामारी के दौरान आपसी सहयोग की परीक्षा में ‘विफल हुई दुनिया’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए बहुपक्षवाद को मज़बूती देने और सभी देशों के बीच भरोसा क़ायम करने की आवश्यकता पर बल दिया है. गुरूवार को अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 ने विभिन्न मोर्चों पर ख़ामियाँ उजागर की हैं लेकिन अन्तरराष्ट्रीय समुदाय इस परीक्षा का सामना करने में विफल रहा है. 

WMO/Jordi Anon

'तेज़ बुखार में तप रही दुनिया' के लिये महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को जलवायु कार्रवाई पर आयोजित एक गोलमेज़ बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विश्व इस समय तेज़ ज्वर से पीड़ित है और जल रहा है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर दुनिया मौजूदा पथ पर ही आगे बढ़ती रही तो जलवायु व्यवधान से होने वाली पीड़ा का स्तर हमारी कल्पना से भी परे होगा, इसलिये तात्कालिक रूप से ठोस जलवायु कार्रवाई किये जाने की आवश्यकता है.

UNCTAD

UNCTAD: वैश्विक महामारी से उबरने में सभी की समृद्धि का रास्ता...

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की वर्ष 2020 की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी ने अत्यधिक वैश्वीकृत विश्व की कमियों को उजागर कर दिया है जो 1980 के दशक में शुरू हुआ था. इसमें असमानता के उच्च स्तर, किरायों का एकीकृत होना, श्रम बाज़ार का कम होता हिस्सा, अनौपचारिक सैक्टर का बढ़ता दायरा और क़र्ज़ का बढ़ता स्तर और देशों की घटती भूमिका जैसी ख़ामियाँ शामिल हैं. संगठन के  वैश्वीकरण और विकास रणनीति विभाग में आर्थिक मामलों की वरिष्ठ अधिकारी रश्मि बाँगा का ब्लॉग...

UN Photo/Eskinder Debebe

12 दिसम्बर को ब्रिटेन में होगा जलवायु सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश और ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने जलवायु मुद्दे पर एक वैश्विक सम्मेलन 12 दिसम्बर को संयुक्त रूप से आयोजित करने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर हर वर्ष अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करता है जिसे कॉप के नाम से जाना जाता है, मगर कोविड-19 के कारण पैदा हुए व्यवधानों से ये सम्मेलन भी प्रभावित हुआ है.

© UNICEF/Shehzad Noorani

मानवाधिकारों को मज़बूती व शान्ति को बढ़ावा देने वाले डिजिटल जगत का आहवान

नई टैक्नॉलॉजी की सम्भावनाओं से दमकती दुनिया एक ऐसे युग में प्रवेश कर रही है जहाँ वैश्विक शान्ति, स्थिरता और विकास के लिये नए जोखिम भी मौजूद हैं. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बुधवार को महासभा के 75वें सत्र के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में बेहतर भविष्य की ख़ातिर सर्वजन के लिये डिजिटल टैक्नॉलॉजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की पुकार लगाई है. 

एक नज़र में मुख्य बातें