नवीनतम समाचार

सीरिया: अस्पताल पर हमले की निन्दा, जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीरिया के एक अस्पताल में पिछले सप्ताहांत हुए जानलेवा हमले की निन्दा की है. यूएन अधिकारियों ने देश में पिछले एक दशक से जारी युद्ध के दौरान अंजाम दिये गए अपराधों के लिये जवाबदेही तय किये जाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है.

प्रकृति की पुनर्बहाली हमारी पीढ़ी की नैतिक परीक्षा – यूएन महासभा प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने कहा है कि भूमि, जलवायु, जैवविविधता व प्रदूषण के संकट आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन्हें हल करना मौजूदा पीढ़ी के लिये एक बड़ी परीक्षा है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने भावी स्वास्थ्य व पर्यावरणीय ख़तरों से निपटने और भूमि को बहाल किये जाने के लिये वैश्विक प्रयासों को मज़बूत बनाये जाने का आहवान करते हुए महत्वपूर्ण उपायों को साझा किया है.

कोविड-19: लगातार सातवें हफ़्ते संक्रमण मामलों में गिरावट दर्ज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि पिछले सात हफ़्तों से कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि मृतक संख्या में गिरावट की रफ़्तार कम है. डेढ़ वर्ष में वैश्विक महामारी के दौरान यह पहली बार है जब इतनी लम्बी अवधि तक संक्रमितों की संख्या में कमी नज़र आई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने जी-7 समूह के देशों द्वारा वैक्सीन को साझा किये जाने की घोषणा का स्वागत किया है, मगर दोहराया है कि इन ख़ुराकों को जल्द से जल्द वितरित किया जाना होगा.

 

कोविड-19: वृद्धजनों के साथ हिंसा व दुर्व्यवहार के मामलों में उछाल

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान वृद्धजनों के साथ हिंसा, दुर्व्यवहार और उपेक्षा के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई है. संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ क्लॉडिया माहलेर ने बुज़ुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये, 15 जून को विश्व दिवस से पहले सदस्य देशों से ऐसे उपायों को अपनाने की पुकार लगाई है जिससे वृद्धजनों की स्वायत्ता को पूर्ण सम्मान देते हुए, उनके लिये न्याय को सुनिश्चित किया जा सके.

अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस' पर, सभी राष्ट्रों और समुदायों से रंगहीनता की स्थिति वाले व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सहायता व देखभाल प्रदान करने का आग्रह किया है...

जी-7 बैठक: वैक्सीन की 87 करोड़ ख़ुराकों को साझा करने के संकल्प का स्वागत

कोरोनावायरस वैक्सीन के न्यायसंगत वितरण के लिये स्थापित ‘कोवैक्स’ पहल के साझीदार संगठनों ने जी-7 समूह के  देशों की उस घोषणा का स्वागत किया है, जिसमें 87 करोड़ ख़ुराकों को सीधे तौर पर साझा करने का संकल्प लिया गया है. वैक्सीन की इन ख़ुराकों की आपूर्ति 2021 और 2022 में किये जाने की योजना है और इनमें से आधी ख़ुराकों को इस वर्ष के अन्त तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.   

रंगहीनता वाले लोगों के साथ भेदभाव का अन्त हो – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 13 जून, को ‘अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस' पर, एल्बीनिज़म यानी रंगहीनता की स्थिति वाले लोगों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई है. यह अन्तरराष्ट्रीय दिवस, अपने जीवन में बहुत से अवरोधों और चुनौतियों का सामना कर रहे, रंगहीनता वाले लोगों के लिये समर्थन जुटाने का एक अवसर है.

 

कोरोनावायरस वैक्सीन, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19, दुनिया के लिये असाधारण पीड़ा की वजह बनी है, और इस पर क़ाबू पाने के लिये, जीवनरक्षक कोविड-19 वैक्सीनों को वैश्विक सार्वजनिक भलाई के रूप में देखा जाना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अनेक देशों में, जंगल में आग की तरह फैल रहे वायरस को रोकने का कोई अन्य रास्ता नहीं है.

बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को गहरा झटका

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, दो दशकों में पहली बार, दुनिया भर में बाल मज़दूरी के शिकार बच्चों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुँच गई है. पिछले चार वर्षों में इस आँकड़े में 84 लाख की वृद्धि हुई है., अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष द्वारा जारी इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप, वर्ष 2022 के अन्त तक, वैश्विक स्तर पर, 90 लाख अतिरिक्त बच्चों को बाल श्रम में धकेल दिये जाने का ख़तरा है...

सुरक्षा परिषद: यूएन महासभा ने पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों को चुना

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान, शुक्रवार को अल्बानिया, ब्राज़ील, गेबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों के रूप में चुना गया है. नवनिर्वाचित सदस्य देश अपना कार्यकाल 1 जनवरी 2022 को शुरू करेंगे और उनके पास 31 दिसम्बर 2023 तक सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता रहेगी.