वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

के द्वारा छनित:

नवीनतम समाचार

दक्षिणी लेबनान में ब्लू लाइन के नज़दीक UNIFIL मिशन के तहत भारतीय शान्तिरक्षक गश्त लगा रहे हैं.
Indian peacekeepers on deployment with the UN patrol along the Blue Line in southern Lebanon. (file)

लेबनान: इसराइली हवाई कार्रवाई के बाद, यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने किया आगाह

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा मिशन (UNIFIL) ने अपनी गतिविधि व संचालन क्षेत्र के दायरे में सिलसिलेवार ढंग से इसराइली हवाई हमलों को सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.

यूएन स्वयंसेवा के विकलांग समावेशन व सम्पर्क अधिकारी सुशील अधिकारी ने अपनी दृष्टि बाधित होने पर हिम्मत नहीं हारी.
© UNICEF

“दृष्टि गई, लेकिन हिम्मत नहीं’: यूएन स्वयंसेवक सुशील अधिकारी का साहसिक सफ़र

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के लिए काठमांडू में कार्यरत विकलांगता समावेशन एवं सहभागिता अधिकारी और यूएन स्वयंसेवक सुशील अधिकारी की कहानी हिम्मत और लगन का प्रेरक उदाहरण है. यूएन स्वयंसेवक संस्था (UNV) और यूनीसेफ़ के संयुक्त युवा पैरोकार कार्यक्रम के ज़रिए विकलांगजन समेत सभी युवजन को बच्चों के अधिकारों पर काम करने के लिए, एक साल का व्यावसायिक अनुभव मिलता है.

फ़लस्तीनी परिवार, पश्चिमी तट के हेब्रॉन में बस्तियों के बेहद नज़दीक रह रहे हैं.
© UNRWA/Kazem abu Khalaf

इसराइली कार्रवाई से, क़ाबिज़ पश्चिमी तट में फ़लस्तीनियों के लिए कठिन हालात

संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) ने चेतावनी दी है कि क़ाबिज़ पश्चिमी तट के उत्तरी इलाक़ों में इसराइली सैन्य बलों की कार्रवाई में तेज़ी आई है, जिससे आम फ़लस्तीनी विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए हैं. वहाँ आवाजाही पर पाबन्दी है, स्कूलों में पढ़ाई बन्द है और बार-बार इन सुरक्षा अभियानों की वजह से स्थानीय समुदायों के जीवन पर गहरा असर हुआ है.

भारत की एचआईवी कार्रवाई अब देशभर में लाखों ज़रूरतमन्द व कमज़ोर लोगों तक पहुँच रही है.
© UNDP India

एचआईवी, अधिकार और समावेशन, भारत में बदलाव की यात्रा

भारत में लम्बे समय तक ज़रूरी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं से दूर रहे लोग भी अब, सहायता केन्द्रोंसामुदायिक अर्ध-न्यायिक (para-legal) केन्द्रों और ऑनलाइन पंजीकरण अभियानों के ज़रिये, लाभान्वित हो रहे हैं. इसे सम्भव बनाने में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), प्रदेश सरकारों और UNDP जैसे साझीदारों की मदद का बड़ा हाथ है जोकि एचआईवी से निपटने में भारत के प्रयासों को मज़बूत बना रही है. 

सीरिया में, दिसम्बर 2024 में असद सरकार के पतन के बाद, भी सशस्त्र संघर्ष जारी रहा है और मानवाधिकार उल्लंघन के बहुत सी घटनाएँ हुई हैं.
© UNOCHA/Ali Haj Suleiman

सीरिया: असद सरकार के पतन के एक साल के दौरान भी, मानवाधिकार उल्लंघन धड़ल्ले से जारी

सीरिया में दिसम्बर 2024 में, तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार का पतन होने के बाद एक वर्ष के दौरान, लोगों को आनन-फ़ानन में मार दिए जाने और अन्य तरह के मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाएँ जारी रही हैं. यूएन मानवाधिकार कार्यालय OHCHR ने, देश में हिंसा को रोके जाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए अधिक ठोस कार्रवाई की पुकार लगाई है.

करोड़ों बच्चों को, ख़ुशहाल जीवन जीने के लिए ज़रूरी चीज़ें उपलब्ध नहीं हैं. बांग्लादेश भी अल्पतम विकसित देशों की श्रेणी से बाहर निकलने के लिए प्रयासरत है.
© UNICEF/Jannatul Mawa

LDCs: करोड़ों लोगों को निर्धनता से निकालने के उपायों पर दोहा सम्मेलन

संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों ने, क़तर की राजधानी दोहा में पिछले तीन दिनों के दौरान इन मुद्दों व उपायों पर चर्चा की है कि अल्प विकसित देशों (LDCs) में रहने वाले करोड़ों लोगों को, वंचित हालात से निकालकर, किस तरह प्रगति व समृद्धि के अवसरों तक पहुँचाया जा सकता है.

फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में मृत प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ करते हुए एक महिला
© UNICEF/Loulou d’Aki

ग़ाज़ा: चिकित्सा सुविधा के बिना ही, बच्चों को जन्म देने के लिए मजबूर महिलाएँ

ग़ाज़ा में युद्ध की तबाही ने, स्वास्थ्य प्रणाली को ध्वस्त करके रख दिया है. यहाँ, हर सप्ताह कम से कम 15 महिलाएँ, किसी भी तरह की स्वास्थ्य सुविधा के बिना ही, बच्चों को जन्म देने के लिए विवश हैं.

श्रीलंका के गमपाहा में बाढ़ की वजह से तीन फ़ीट तक जल भराव हो गया है.
© UNICEF/InceptChange

श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया समेत कई देशों में वर्षा, बाढ़, भूस्खलन का प्रकोप

संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) ने अपने एक अपडेट में बताया है कि श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियत नाम और मलेशिया समेत दक्षिण एशिया व दक्षिणपूर्व एशिया में स्थित अनेक देशों में भयावह बाढ़, वर्षा और भूस्खलन से जान-माल की भीषण हानि हुई है. इस आपदा में 1,500 लोगों की जान गई है, 1.1 करोड़ से अधिक लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.

अरब क्षेत्र व उत्तर अफ़्रीका के अनेक देशों में गम्भीर सूखा स्थिति दर्ज की गई है.
© UNICEF/Osman Rajab

अरब क्षेत्र में बेमिसाल गर्मी, विनाशकारी तूफ़ानों और जल कमी का बड़ा हाथ

अरब क्षेत्र में वर्ष 2024 के दौरान इतनी अधिक गर्मी दर्ज की गई जैसी पहले कभी नहीं देखी गई और इसमें सबसे बड़ा हाथ, विनाशकारी तूफ़ानों और पानी की भारी कमी का बताया गया है. बढ़ते पारे ने, सबसे कमज़ोर हालात में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक प्रभावित किया है.

सूडान के दारफ़ूर में हिंसा से बचने के लिए तवीला में शरण लेनी वाली एक महिला अपने बच्चे के साथ स्वास्थ केन्द्र पहुँची है.
© UNFPA

सूडान: आम नागरिकों के विरुद्ध 'अत्याचारों की एक और लहर' का जोखिम

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने चेतावनी दी है कि सूडान में एक और अल फ़शर को दोहराए जाने का जोखिम है, जहाँ कुछ सप्ताह पहले आम लोगों के विरुद्ध बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिए जाने के आरोप सामने आए थे. सूडान में परस्पर विरोधी सैन्य बलों के बीच भीषण टकराव अब कोर्दोफ़ान क्षेत्र में फैल गया है और अत्याचारों की नई लहर की आशंका बढ़ रही है.