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हर चौथा बच्चा अब भी 'अदृश्य', मगर क्यों!

पिछले एक दशक में विश्व में ऐसे बच्चों के अनुपात में 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है जिनके जन्म का आधिकारिक पंजीकरण किया जाता है, इसके बावजूद पांच साल से कम उम्र के 16 करोड़ से ज़्यादा बच्चों यानी हर चार में से एक बच्चे का पंजीकरण अब भी नहीं हुआ है. अपनी स्थापना के 73 वर्ष पूरे होने पर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.  

जलवायु सम्मेलन में सार्थक नतीजे हासिल करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने कहा है कि स्पेन में हो रहे जलवायु सम्मेलन से जलवायु संकट से निपटने के लिए ठोस नतीजों का सामने आना अनिवार्य है. स्पेन की राजधानी मैड्रिड में जारी कॉप-25 सम्मेलन के दौरान विज्ञान की स्पष्टता के बारे में बताते हुए कहा गया है वैश्विक और राष्ट्रीय स्तरों पर तत्काल असरदार जलवायु कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.

म्याँमार: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की अपील

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत यंगी ली ने कहा है कि रोहिंज्या लोगों पर अत्याचारों के आरोप में हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में नवंबर में गांबिया द्वारा दाख़िल किए गए क़ानूनी मुक़दमे के बाद से ही मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ ऑनलाइन मंचों पर विद्वेष यानी शत्रुता का माहौल बढ़ गया है. यंगी ली ने म्याँमार सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों से सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

 

मानवाधिकार दिवस: युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2019 के मानवाधिकार दिवस के मौक़े पर ख़ासतौर से युवाओं की सक्रियता व ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करते हुए सभी लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है.

मानवाधिकार दिवस: युवाओं पर है ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 2019 के मानवाधिकार दिवस पर जीवन में मानवाधिकार सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया है.  उन्होंने कहा है...

प्रगति की राह पर दक्षिण एशिया लेकिन चुनौतियां बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की नई रिपोर्ट कहती है कि दक्षिण एशिया ने मानव विकास के क्षेत्र में सबसे तेज़ प्रगति हासिल की है. वर्ष 1990 से 2018 की अवधि में दक्षिण एशिया क्षेत्र में 46 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई जिसके बाद 43 प्रतिशत बढ़ोत्तरी के साथ पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र का स्थान है. लेकिन दक्षिण एशिया में ही बहुआयामी ग़रीबी से पीड़ित लोगों की एक बहुत बड़ी संख्या भी रहती है है और जलवायु परिवर्तन हालात को और ज़्यादा गंभीर बना रही है. 

दिल दहला देने वाली है जलवायु की स्थिति

अत्यधिक गर्म हवाओं, सूखा, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़ों और जंगलों में लगी भीषण आग जैसी विशाल प्रभावों वाली घटनाओं ने सभी महाद्वीपों को प्रभावित किया है. करोड़ों लोगों को गर्म हवाओं और वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ा है. चौंकाने वाली है जलवायु स्थिति. एक झलक...

आपात राहत फ़ंड है मानवीय राहत कार्रवाई में 'असरदार निवेश'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सेंट्रल एमरजेंसी रिस्पॉंस फ़ंड (CERF) को मानवीय राहत कार्यों में एक कारगर निवेश क़रार दिया है. सोमवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती आपात ज़रूरतों से निपटने के लिए यह एक सामूहिक संकल्प है और संकटों में फंसे लोगों के लिए आशा और एकजुटता का संदेश भी. 

भ्रष्टाचार का दानव लील रहा है विकास की संभावनाएँ, एकजुटता की ज़रूरत

विश्व भर में हर साल खरबों डॉलर की रक़म या तो रिश्वतख़ोरी या फिर भ्रष्ट तरीकों की भेंट चढ़ जाती है जिससे क़ानून के शासन की अहमियत तो कम होती ही है, साथ ही मादक पदार्थों, हथियारों और लोगों की अवैध तस्करी को भी बढ़ावा मिलता है. हर साल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने वाली खरबों डॉलर की ये रक़म वैश्विक घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 5 फ़ीसदी के बराबर है. भ्रष्टाचार से एक बेहतर दुनिया बनाने के प्रयासों के रास्ते में भारी रुकावट पैदा होती है.

असमानता की वजह से मानव विकास के रास्ते में गंभीर रुकावट

दुनिया के कई देशों में हो रहे विरोध प्रदर्शन दर्शाते हैं कि ग़रीबी, भुखमरी और बीमारियों के मोर्चों पर अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद कई समाजों को अब भी समुचित विकास का एक लंबा रास्ता तय करना है. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक नई रिपोर्ट में विश्व में बढ़ती असमानताओं व विकास चुनौतियों को रेखांकित करते हुए हालात बेहतर बनाने के लिए सिफ़ारिशें पेश की गई है.