यूएन मामले

प्रथम कमेटी: निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे

हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के नेता एकत्र होते हैं और लगभग एक सप्ताह के लिए दुनिया की नज़रें इस पर टिक जाती हैं. इस सत्र में अगले वर्ष के लिए एजेंडा तय किया जाता है जिस पर काम भी इसी वक़्त शुरू हो जाता है. लेकिन फ़ैसलों को किस तरह एक्शन में बदला जाए, उसके लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि छह प्रमुख कमेटियों के रूप में अपना कामकाज आगे बढ़ाते हैं. महासभा की छह कमेटियों के परिचय की इस श्रंखला में पेश है प्रथम कमेटी के बारे में कुछ जानकारी. प्रथम कमेटी पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों की ज़िम्मेदारी है.

यूएन महासभा में क्या होता रहता है!

संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह (जनरल डिबेट) के दौरान जगमगाती चकाचौंध के बीच दुनिया भर के लोगों और मीडिया का ध्यान इसी पर केंद्रित हो जाता है. मगर जब ये सप्ताह समाप्त होने के साथ ही चकाचौंध कुछ धीमी पड़ती है तो महासभा का विस्तृत कामकाज जारी रहता है जो ये सदन अपनी मुख्य समितियों के माध्यम से करती है. यूएन महासभा मुख्य रूप में विचार-विमर्श और चर्चा के केंद्र है और इस विश्व संगठन का बहुत सारा कामकाज इन्हीं समितियों के ज़रिए किया जाता है.

 

संयुक्त राष्ट्र के सामने नक़दी का गंभीर संकट

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सदस्य देशों को सचेत किया है कि यूएन के सामने नक़दी की कमी का गंभीर संकट मंडरा रहा है. महासचिव की ओर से जारी बयान के अनुसार सदस्य देशों ने अगर अपनी वार्षिक बक़ाया राशि का भुगतान नहीं किया तो संयुक्त राष्ट्र के कामकाज और सुधार प्रक्रिया के समक्ष जोखिम पैदा हो जाएगा.

जलवायु कार्रवाई: "आंदोलन ने रफ़्तार पकड़ ली है मगर मंज़िल अभी दूर है"

जलवायु आपदा की बात करें तो, “अभी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है. लेकिन आंदोलन ने रफ़्तार पकड़ ली है.” संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को अनेक अख़बारों में प्रकाशित अपने एक लेख में ये बात कही है. इस लेख में उन्होंने विश्व में बढ़ते तापमान की वजह से दरपेश ख़तरों पर अपनी चिंता दोहराई है और तुरंत ठोस कार्रवाई किए जाने का भी आहवान किया है.

अहिंसा दिवस पर महात्मा गाँधी के शांति संदेश की गूंज

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के अवसर पर अपने संदेश में कहा है कि महात्मा गांधी का जीवन दर्शन आज भी विश्व में प्रासंगिक बना हुआ है और यह संयुक्त राष्ट्र के कामकाज में भी परिलक्षित होता है – आपसी समझ, टिकाऊ विकास, युवाओं के सशक्तिकरण और विवादों के शांतिपूर्ण ढंग से निपटारे के लिए किए जाने वाले प्रयासों में.

जनरल डिबेट का समापन: बहुपक्षवाद की अहमियत पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने कहा है कि शांति, सुरक्षा और टिकाऊ विकास को हासिल करने का एकमात्र रास्ता यही है कि देश आपस में मिलकर काम करें. सोमवार को महासभा के 74वें सत्र के उच्चस्तरीय खंड के समापन भाषण के दौरान उन्होंने यह बात कही.

बांग्लादेश से 'रोहिंज्या शरणार्थियों की वापसी चाहता है म्यांमार'

म्यांमार के राखीन प्रांत में हिंसा से बचने के लिए बांग्लादेश में शरण लेने वाले रोहिंज्या शरणार्थियों की वतन वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. म्यांमार के राज्य काउंसलर कार्यालय में मंत्री क्यॉ तिन्त स्वे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. 

बांग्लादेश में चुनौतियों के बावजूद विकास के मोर्चे पर ‘चमत्कार’

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने शुक्रवार को यूएन महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक व्यवधानों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद दुनिया मानती है कि उनके देश को विकास के मोर्चे पर चमत्कारिक नतीजे हासिल हुए हैं. 

चीन किसी की 'धमकियों से नहीं डरेगा'

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को यूएन महासभा में अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि संरक्षणवाद की चुनौती का सामना करते हुए उनका देश ना तो धमकियों से डरेगा और ना ही किसी के दबाव में आएगा.
 

इमरान ख़ान: कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खुले टकराव की चेतावनी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार, 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश भारत के साथ खुले टकराव की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी. महासभा के 74वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जब विवादित क्षेत्र कश्मीर में लगभग दो महीनों से लगाया हुआ कर्फ्यू उठाएगा तो वहाँ ख़ूनख़राबा होने के बहुत आसार हैं.