प्रवासी और शरणार्थी

आन्तरिक विस्थापन संकट: 'वास्तविक प्रगति' के लिये नई यूएन योजना

हिंसक संघर्षों, टकरावों, आपदाओं, जलवायु व्यवधानों और अन्य त्रासदियों के कारण, अपने गृहभूमि में ही विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है. इस पृष्ठभूमि में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने देशों की सीमाओं के भीतर विस्थापित होने वाले लोगों की सहायता और इस संकट का अन्त करने के लिये अपना नया कार्रवाई एजेण्डा प्रस्तुत किया है. 

यूक्रेन: नोबेल पदक की नीलामी से प्राप्त 10.35 करोड़ डॉलर दान करने के लिये यूनीसेफ़ 'उत्कृष्ट' विकल्प

बाल शरणार्थियों की ख़ातिर धन जुटाने के वास्ते, अपना नोबेल पदक नीलाम करने वाले - पत्रकार दिमित्री मुरातोफ़ ने यूएन न्यूज़ से कहा है कि 10 करोड़ 35 लाख डॉलर की रिकॉर्ड बिक्री ने साबित कर दिया है कि "कभी-कभी मानवता एक साथ आ सकती है, और एकजुटता दिखा सकती है".

यूएन खाद्य एजेंसी, शरणार्थियों को भोजन सामग्री में कटौती के लिये विवश

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने कहा कि उसके पास शरणार्थियों को मुहैया कराई जाने वाली खाद्य सामग्री की मात्रा में जल्द ही और ज़्यादा कटौती करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा.

बढ़ती ज़रूरतों व भुखमरी के बीच, शरणार्थियों के जीवन में भारी तूफ़ान

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य राहत एजेंसी (WFP) ने सोमवार को विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर चेतावनी दी है कि मानवीय ज़रूरतों में कई गुना बढ़ोत्तरी होने के बावजूद, पर्याप्त धन के अभाव से, शरणार्थियों की खाद्य सामग्री मात्रा में कटौती होने की सम्भावना निश्चित होती जा रही है.

यूएन महासचिव की न्यूयॉर्क में शरणार्थियों से भेंट, विकसित देशों से समर्थन का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ‘विश्व शरणार्थी दिवस’ के सिलसिले में, न्यूयॉर्क में इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के शरणार्थियों से शनिवार को मुलाक़ात की और उनके अनुभव सुने. यह अन्तरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 20 जून को मनाया जाता है.

यूनीसेफ़: दुनिया भर में रिकॉर्ड 3.7 करोड़ बच्चे विस्थापित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – UNICEF ने शुक्रवार को कहा है कि संघर्ष, हिंसा और अन्य संकटों ने, वर्ष 2021 के अन्त तक रिकॉर्ड तीन करोड़ 65 लाख बच्चों को उनके घरों से विस्थापित कर दिया था, जोकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से दर्ज सबसे उच्च संख्या है.

दस करोड़ से अधिक जबरन विस्थापन का शिकार – UNHCR

शरणार्थी मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि विश्व भर में क़रीब दस करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भागने के लिये मजबूर हुए हैं. बड़े पैमाने पर विस्थापन के लिये खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ़्रीका से अफ़ग़ानिस्तान तक अन्य आपात परिस्थितियों को मुख्य वजह बताया गया है.

'म्याँमार का बहुकोणीय संकट नाटकीय रूप में गहराया और फैला है'

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नोएलीन हेयज़र ने सोमवार को यूएन महासभा में बताया है कि देश में फ़रवरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद शुरू हुए राजनैतिक संकट ने, ऐसे अनेक मोर्चे खोल दिये हैं जहाँ लम्बे समय से शान्ति क़ायम थी, और देश में चुनौतियाँ ज़्यादा गहरी होने के साथ-साथ, उनका दायरा भी नाटकीय तरीक़े से फैला है.

ब्रिटेन-रवाण्डा शरणार्थी क़रार ग़लत है, यूएन शरणार्थी उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रैण्डी ने ब्रिटेन में पनाह चाहने वाले शरणार्थियों की अर्ज़ियों पर विचार किये जाने की प्रक्रिया को रवाण्डा स्थानान्तरित करने के प्रस्ताव को रद्द करते हुए, इस सम्बन्ध में दोनों देशों के बीच गत अप्रैल में हुए समझौते को एक त्रुटि क़रार दिया है.

यमन में फँसे प्रवासियों से मुँह नहीं फेरना होगा – IOM

प्रवासन मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने इस वर्ष अब तक, हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका क्षेत्र की सीमा पार करके 27 हज़ार से अधिक लोगों के युद्धग्रस्त यमन पहुँचने पर, उनके सुरक्षा व कल्याण के प्रति चिन्ता व्यक्त की है.