प्रवासी और शरणार्थी

शरणार्थियों के विरूद्ध 'ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल' चिंताजनक

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR)  के उच्चायुक्त फ़िलिपो ग्रान्डी ने कहा है कि उनके साढ़े तीन दशक से भी लंबे अनुभव में शरणार्थियों, प्रवासियों और विदेशियों के लिए राजनीति, मीडिया और सोशल मीडिया में इतनी ज़हरीली भाषा का इस्तेमाल पहले कभी नहीं हुआ. सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शरणार्थी संकट से निपटने के लिए उसके बुनियादी कारणों पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

'शरणार्थियों के मुद्दे पर उदाहरण पेश कर रहे हैं अफ़्रीकी देश'

शरणार्थियों के साथ बर्ताव के मामले में अफ़्रीकी देश दुनिया के अमीर देशों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं. यह बात शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़्रीकी संघ आयोग के प्रमुख से मुलाक़ात के बाद एक मीडिया वार्ता में कही. 

शरणार्थियों को शरण देने की तंज़ानियाई परंपरा की सराहना

हिंसा और अत्याचार से बचकर आने वाले लोगों को शरण देने की लंबी परंपरा निभाने के लिए, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रान्डी ने तंज़ानिया की प्रशंसा की है. ग्रान्डी ने कहा कि तंज़ानिया अफ़्रीका के अस्थिर हिस्से में शांति कायम करने में भूमिका निभाता एक ऐसा देश है जिसे और अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना चाहिए. 

 

'सबसे घातक समुद्री रास्ते' में हर दिन 6 जानें गईं: यूएन रिपोर्ट

सुरक्षित जीवन की तलाश में भूमध्यसागर  सागर को पार कर यूरोप पहुंचने की कोशिश करना सैकड़ों लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ.  संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने अपनी एक नई रिपोर्ट में इसे दुनिया में सबसे घातक समुद्री रास्ता करार देते हुए कहा है कि पिछले साल हर दिन औसतन 6 लोगों की मौतें हुई.  

वेनेज़्वेला शरणार्थियों पर छिटपुट हमलों के ख़िलाफ़ 'एकजुटता की ज़रूरत'

पड़ोसी देशों में शरण ले रहे वेनेज़्वेला के लोगों के ख़िलाफ हमलों और नफ़रत भरे भाषणों की निंदा एकुजट होकर स्पष्ट और कड़े संदेश के ज़रिए की जानी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और यूएन प्रवासन एजेंसी (IOM) के संयुक्त विशेष प्रतिनिधि ने यह बात कही है. 

'सैन्य काल जैसी दमनकारी नीतियां अपना रही है म्यांमार सरकार'

म्यांमार में मानवाधिकारों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही हैै और निकट भविष्य में रोहिंज्या शरणार्थियों का वापस लौटना मुश्किल है. संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार विशेषज्ञ यैंगही ली ने थाईलैंड और बांग्लादेश के 11 दिनों के दौरे से लौटने के बाद बताया कि सरकार वहां लोकतांत्रिक सुधारों को लाने में विफल रही है.

यूरोपीय नागरिकों की तुलना में विस्थापितों को बीमारियों का ख़तरा अधिक

सुरक्षित देश में शरण लेने के लिए लंबे सफ़र, ख़राब परिस्थितियों में रहने की मजबूरी और जीवनशैली में आए बदलाव से यूरोप में प्रवासियों और शरणार्थियों के स्वास्थ्य को ख़तरे की आशंका बढ़ जाती है. ये निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें पहली बार यूरोप पहुंचने वाले विस्थापितों के स्वास्थ्य से जुड़ी मुश्किलों को समझने का प्रयास किया गया है. 

लंबी दूरियां तय करते शरणार्थियों के समर्थन में नई मुहिम

नए साल के पहले कुछ हफ़्ते आम तौर पर लोगों के लिए अपनी सेहत सुधारने का संकल्प लेने का अवसर होता है. ऐसे समय में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने  एक नई मुहिम शुरू की है जिसका उद्देश्य ये बताना है कि बेहतर जीवन की तलाश और अत्याचार से बचने के लिए शरणार्थी कितने लंबे रास्तों पर चलने को मजबूर हैं.

रोहिंज्या शरणार्थियों को वापस भेजने पर भारत से मांगा गया स्पष्टीकरण

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी मामलों की एजेंसी (UNHCR) ने रोहिंज्या शरणार्थियों के एक समूह को वापस म्यांमार भेजे जाने के भारत सरकार के निर्णय परअफ़सोस ज़ाहिर किया है. तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब भारत सरकार ने शरणार्थियों को म्यांमार भेजा है. 

प्रवासियों की बेहतरी के वैश्विक प्रवासन संधि का अनुमोदन

164 देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को ग्‍लोबल कम्‍पैक्‍ट फॉर माइग्रेशन नामक संधि का अनुमोदन कर दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने इस ऐतिहासिक क़दम को पीड़ा और उथल-पुथल से बचने की राह का निर्माण क़रार दिया. इस सम्मेलन में मुख्य रूप से सरकारों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की.