प्रवासी और शरणार्थी

समुद्र में फँसे रोहिंज्या समुदाय के लोगों को बचाने की पुकार

सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ ने बंगाल की खाड़ी और अन्डमान सागर में चक्रवाती तूफ़ानों के उग्र मौसम के आगमन का संकेत दे दिया है. आने वाले दिनों में मौसम की चुनौतियों के मद्देनज़र अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने समुद्र में फँसे सैकड़ों रोहिंज्या शरणार्थियों की व्यथा पर चिन्ता ज़ाहिर की है. यूएन एजेंसी का अनुमान है कि 500 लोग अब भी समुद्री मार्ग में फँसे हुए हैं और अपने नियत गंतव्य स्थान तक नहीं पहुँच पा रहे हैं.  

भुखमरी को टालने की कोशिश

सीरिया में बड़ी संख्या में मौजूद शरणार्थियों के सामने कोविड-19 का मुक़ाबला करने के माहौल में खाने-पीने के सामान की भी क़िल्लत पैदा होने का डर है. ऐसे में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) वहाँ खाद्य सामग्री वितरित करके भुखमरी को टालने की कोशिश कर रहा है...

कोविड-19: रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में घनी आबादी है चिन्ता का सबब

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में घनी आबादी वाले रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों में कोरोवनावायरस संक्रमण के फैलाव के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है जिससे चिन्ताएँ बढ़ गई हैं. यूएन एजेंसियों ने आठ लाख 60 हज़ार से ज़्यादा रोहिंज्या शरणार्थियों को पनाह देने वाले इन शिविरों में कोविड-19 से बचाव के लिए स्वास्थ्य तैयारियाँ और बचाव उपाय तेज़ कर दिए हैं. 

लैगो रोबोट की हाथ सफ़ाई

जॉर्डन के ज़ैतारी शरणार्थी शिविर में नवीकरण का इस्तेमाल करके एक ऐसा लैगो रोबोट बनाया गया है जो हाथ लगाए बिना ही लोगों की हाथ सफ़ाई में मदद करता है. संक्रमण का फैलाव रोकने के प्रयासों के तहत इस तकनीक को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाया जा रहा है. देखें वीडियो...

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविर में कोरोनावायरस की दस्तक

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थी शिविरों वाले इलाक़ों में वैश्विक महामारी कोविड-19 के मामले की पुष्टि होने के बाद संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसियों ने राहत और ऐहतियात के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है. साथ ही बीमारी के व्यापक फैलाव को रोकने के लिए 32 करोड़ डॉलर की धनराशि की अपील की है. 

रोहिंज्या शिविरों में ऐहतियाती तैयारियाँ

म्याँमार में 2017 में भड़की हिंसा व सुरक्षा बलों के दमन से बचकर भागे लगभग साढ़े सात लाख रोहिंज्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं. वहाँ पहले से लाखों अन्य रोहिंज्या शरणार्थी भी रहे हैं जिन्हें मिलाकर ये विशालतम शरणार्थी बस्ती बन गई है. यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस भीड़ भरी बस्ती में कोविड-19 महामारी के फैलने की आशंका के बीच यूएन ख़ास तैयारियाँ की हैं. देखें वीडियो फ़ीचर...

प्रवासी पक्षियों की दुनिया

दुनिया भर में ऐसे हज़ारों-लाखों पक्षी हैं जिनकी फ़ितरत प्रवासी है, यानि वो अपने अस्तित्व के लिए किसी एक जगह नहीं ठहर सकते और प्रवासन के लिए अक्सर हज़ारों मील का सफ़र तय करते हैं, अक्सर अदृश्य रास्तों से. ये एक अनोखी दुनिया है कि प्रवासी पक्षी किस तरह अपनी ज़िन्दगी जीते हैं. एक झलक पेश करती ये वीडियो जिसका फ़िल्मांकन कुछ समय पहले  किया गया था, और अब इसे नए अंदाज़ में पेश किया गया है...

‘दुनिया भर में फँसे’ हैं प्रवासी और कोविड-19 के कारण हैं ख़तरे में भी

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी, आईओएम के प्रमुख ने गुरुवार को कहा है कि हज़ारों प्रवासी "दुनिया भर में" फँसे हुए हैं, और कोविड-19 के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे का सामना कर रहे हैं. आईओएम प्रमुख एंतोनियो विटोरिनो ने नए कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए कुछ देशों द्वारा तथाकथित इम्युनिटी पासपोर्ट जारी करने और मोबाइल फ़ोन ऐप का उपयोग करने के प्रस्तावों का हवाला देते हुए कहा, "स्वास्थ्य ही अब नई संपदा है."

कोविड-19: बंगाल की खाड़ी में फँसे हज़ारों लोगों की जान पर संकट

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से उपजे संकट के बीच दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में भरी नावों में फँसे लोगों के लिए करुणा दिखाने का अनुरोध किया है. यूएन एजेंसियों ने आशंका जताई है कि ज़रूरी मदद के अभाव में हज़ारों लोगों की ज़िंदगियों के लिए जोखिम पैदा हो जाएगा. 

कोविड-19: अफ़ग़ानिस्तान में संक्रमण की ऊँची दर पर चिंता

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने अफ़ग़ानिस्तान में कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मामलों की ऊँची दर पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि तत्काल असरदार क़दमों के अभाव में कुल आबादी का 80 फ़ीसदी हिस्सा कोरोनावायरस के संक्रमण का शिकार हो सकता है. यूएन एजेंसी के मुताबिक ऐसे माहौल में इस साल जनवरी के बाद से अब तक पड़ोसी देशों, ईरान और पाकिस्तान से लौटने वाले दो लाख 70 हज़ार से ज़्यादा लोगों के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए भी ख़तरा है.