प्रवासी और शरणार्थी

बेसहारा इटली पहुंचने वाले 60 हज़ार युवाओं को सहारे की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने एक नई रिपोर्ट में उन बच्चों की ज़रूरतों को रेखांकित किया है जिन्होंने अकेले या अपने परिजनों से बिछुड़ कर ख़तरनाक रास्तों के ज़रिए इटली तक की यात्रा की है. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 से 2018 के बीच 60 हज़ार बच्चे इटली पहुंचे जिनमें 90 फ़ीसदी से ज़्यादा की उम्र 15 से 17 वर्ष तक थी लेकिन किशोरावस्था से बालिग़ होने के चरण में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.

तुर्की ने पेश की शरणार्थियों की वापसी योजना, यूएन एजेंसी करेगी आकलन

तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप अर्दोगान ने हज़ारों सीरियाई शरणार्थियों के पुनर्वास की एक योजना शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनिय गुटेरेश को पेश की. ये योजना तुर्की द्वारा सीरिया के पूर्वोत्तर इलाक़े में कथित कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ अक्तूबर में किए गए हमलों के माहौल में पेश की गई है. 

वेनेज़्वेला में शरणार्थी संकट पर तत्काल कार्रवाई की पुकार

वेनेज़्वेला के शरणार्थियों व प्रवासियों की तत्काल व संगठित रूप से मदद सुनिश्चित करने के इरादे से 28-29 अक्टूबर को ब्रसेल्स में एक उच्चस्तरीय सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. राजनैतिक और आर्थिक मुश्किलों में घिरे वेनेज़्वेला से लाखों लोगों ने अन्य देशों का रुख़ किया है जो मौजूदा समय के सबसे बड़े विस्थापन संकटों में एक है.

शरणार्थियों और प्रवासियों के साथ मेल-जोल बढ़ाने के नए नुस्ख़े

शुक्रवार की दोपहर है और न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाक़े के एक छोटे से रेस्तरां के रसोईघर में, मुख्य बावर्ची अलेक्जेंडर हैरिस अपनी टीम को निर्देश दे रहे हैं. टीम के सदस्य उनकी बातों को ध्यान से सुनते हुए एक व्यस्त शाम के लिए तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अभी रेस्तरां की सभी मेज़ें खाली हैं, लेकिन इस लोकप्रिय रेस्तरां में बैठने की जगह बेहद कम होने के बावजूद शाम होते-होते यहां भीड़ होने लगती है. 

ख़तरनाक समुद्री यात्राएं फिर करने से नहीं हिचकेंगे अफ़्रीकी प्रवासी

जोखिम भरे समुद्री मार्गों से होकर अफ़्रीका से यूरोप तक की ख़तरों भरी यात्राओं में अब तक हज़ारों लोगों की जान जा चुकी है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र के एक नए अध्ययन के अनुसार 93 फ़ीसदी अफ़्रीकी प्रवासियों का कहना है कि अगर ज़रूरत हुई तो अपनी जान को जोखिम में डाल कर वे ऐसी यात्राएं फिर करने के लिए तैयार हैं.

'राष्ट्रवाद का ख़तरनाक रूप' राष्ट्रविहीनता से निपटने में बड़ा अवरोध

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैन्डी ने कहा है कि नफ़रत भरी बोली व भाषणों और पथ से भटके हुए राष्ट्रवाद की वजह से राष्ट्रविहीनता की समस्या से निपटने में मुश्किलें पेश आ रही हैं. उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह एक ऐसे समय में हो रहा है जब सार्वजनिक स्तर पर इस चुनौती को पहचाना जा चुका है और लोग इस समस्या को भली-भांति समझते हैं.

राष्ट्रविहीनों का सहारा बनने वाले वकील को सम्मान

राष्ट्रविहीनता के शिकार लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे किर्गिस्तान के एक वकील अज़ीज़बेक अशुरोफ़ को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के ‘2019 नेन्सेन रैफ़्यूजी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है. अशुरोफ़ ने पूर्व सोवियत संघ के विघटन के बाद 10 हज़ार राष्ट्रविहीन लोगों को किर्गिस्तान की नागरिकता दिलाने में मदद की है.

ग्रीस के द्वीपों पर शरणार्थियों की संख्या बढ़ने से चिंता

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि ग्रीस के द्वीपों पर शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए बनाए गए केंद्रों पर ज़बरदस्त भीड़ है जिससे वहां हालात बिगड़ने का ख़तरा पैदा हो गया है. इन हालात के मद्देनज़र यूएन एजेंसी ने ग्रीस सरकार से अपील की है कि शरण मांग रहे लोगों की जल्द सुनवाई करते हुए उन्हें उन द्वीपों से तत्काल देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाना चाहिए.

बुज़ुर्गों की बढ़ती आबादी की ज़रूरतें पूरी करना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र में बुज़ुर्ग आबादी बढ़ रही है. इस क्षेत्र में मुख्य रूप से 11 देश शामिल हैं जिनके नाम हैं – भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, म्यांमार, मालदीव, भूटान, थाईलैंड, उत्तर कोरिया (डीपीआरके) और तिमोर लेस्टे.

प्रवासी संख्या में जनसंख्या वृद्धि की गति से भी तेज़ बढ़ोत्तरी

दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की संख्या बढ़कर 27 करोड़ 20 लाख हो गई है जिसने विश्व  की जनसंख्या वृद्धि की दर को भी पीछे छोड़ दिया है. संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UNDESA) की नई रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के हर क्षेत्र में प्रवासियों की संख्या बढ़ने का रुझान सामने आ रहा है.