प्रवासी और शरणार्थी

रोहिंज्या शरणार्थियों की एक 'पूरी पीढ़ी की आशाएं दांव पर'

म्यांमार से भागकर बांग्लादेश आने वाले रोहिंज्या शरणार्थी दैनिक जीवन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं जिस वजह से एक पूरी पीढ़ी में हताशा घर कर रही है और आशाएं धूमिल हो रही हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरिएटा फ़ोर ने कहा है कि इस पीढ़ी की उम्मीदों पर खरा उतरने के काम में विफल होने का जोखिम कोई विकल्प नहीं है.

राजनीति के बजाय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि भूमध्य सागर में दो जहाज़ों पर सवार 130 बच्चों के भविष्य को राजनैतिक फ़ायदे के लिए जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए. यूएन की ओर से यह बयान गुरूवार को ऐसे समय में आया जब इन जहाज़ों को इटली में प्रवेश करने की अनुमति मिलने पर अनिश्चितितता बनी हुई थी.

बांग्लादेश में रोहिंज्या शरणार्थियों को बायोमैट्रिक पहचान-पत्र

बांग्लादेश में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों के लिए बायोमैट्रिक पंजीकरण अभियान के तहत स्थानीय प्रशासन और यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की ओर से पहचान-पत्र जारी किए गए हैं. उम्मीद जताई गई है कि शरणार्थियों पर सटीक जानकारी एकत्र करने से उन्हें लक्षित ढंग से मदद मुहैया कराई जा सकेगी.

कोलंबिया में वेनेज़ुएला के बच्चों को मिला नागरिकता अधिकार

संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) ने कोलंबिया के उस निर्णय का स्वागत किया है जिसमें वहां जन्म लेने वाले वेनेज़ुएला के 24 हज़ार से ज़्यादा बच्चों को कोलंबिया की नागरिकता का अधिकार दिए जाने की घोषणा की गई है. वेनेज़ुएला में राजनैतिक संकट की वजह से लाखों लोगों ने कोलंबिया में शरण ली हुई है और इस क़दम से उन माता-पिता को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है जिनके बच्चे कोलंबिया में पैदा हुए हैं.  

प्रवासन व जलवायु संकट: टिकाऊ समाधान की तलाश

पूरे मानव इतिहास पर नज़र डालें तो प्रवासन और जलवायु को हमेशा एक दूसरे से जुड़ा हुआ पाएंगे लेकिन आधुनिक दौर में मानव निर्मित जलवायु संकट के गंभीर प्रभाव पूरी मानव जाति के रहन-सहन का सिलसिला व्यापक रूप से बदलने वाले हैं.

नाव डूबने से 150 प्रवासियों के डूबने की आशंका

भूमध्य सागर में एक नाव डूबने से कम से कम 150 लोगों की मौत हो जाने की आशंका जताई गई है. इनमें ज़्यादातर वो लोग थे जो शांति, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की तलाश में भूमध्य सागर के रास्ते जोखिम भरी यात्रा पर निकले थे. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस भयावह घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है. इसे वर्ष 2019 में भूमध्य सागर में सबसे बड़ी त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है.

लीबिया: भूमध्य सागर में फँसे लोगों के लिए अहम यूरोपीय समझौता

संयुक्त राष्ट्र की दो प्रमुख एजेंसियों के अध्यक्षों ने लीबिया में शरणार्थियों और प्रवासियों को मनमाने तरीक़े से बंदी बनाए जाने पर तुरंत रोक लगाने का आहवान किया है. भूमध्य सागर के रास्ते बेहतर मंज़िल की तलाश में निकलने वाले लोगों को एक नई वितरण प्रणाली के ज़रिए सुरक्षित विकल्प मुहैया कराने के वास्ते यूरोपीय संघ के देशों के बीच हुए एक समझौते के बाद ये आहवान किया गया है.

कॉक्सेस बाज़ार में घातक होते मॉनसून से निपटने की मुस्तैदी

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि बांग्लादेश में चार जुलाई से लगातार हो रही बारिश की वजह से कॉक्सेस बाज़ार का शरणार्थी शिविर बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिससे भारी ढाँचागत नुक़सान होने के साथ-साथ अनेक लोग हताहत भी हुए हैं. बहुत नाज़ुक हालात का सामना कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है जो शिविरों में ही नई ज़मीन पर बनाए गए हैं.

भारी बारिश और बाढ़ से रोहिंज्या शरणार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने कहा है कि बांग्लादेश के कॉक्सेज़ बाज़ार शरणार्थी शिविर में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों के सामने भारी बारिश के बाद बाढ़ का ख़तरा पैदा हो गया है और वहाँ बने हुए स्कूलों और शिक्षा केंद्रों को नुक़सान पहुँचने से हज़ारों बच्चों की शिक्षा भी बाधित हो गई है.

2020 तक 14 लाख शरणार्थियों को आसरे की ज़रूरत होगी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी - यूएनएचसीआर ने कहा है कि 60 से अधिक मेज़बान देशों में फैले 14 लाख से अधिक विस्थापितों को साल 2020 तक तत्काल रूप में पुनर्वास की ज़रूरत पड़ेगी. साथ ही यूएनएचसीआर ने अतिसंवेदनशील होने के कारण एलजीबीटीआई (LGBTI) शरणार्थियों को और ज़्यादा सुरक्षा देने की मांग की.