प्रवासी और शरणार्थी

रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान स्पष्ट प्रक्रिया का पालन हुआ - UNHCR

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि दुनिया भर में, शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान एकत्र जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के लिये उसके पास स्पष्ट नीतियाँ हैं, और रोहिंज्या शरणार्थियों के पंजीकरण के दौरान उनका पालन किया गया.

महामारी की चपेट में एशिया-प्रशान्त - 'तत्काल, मज़बूत समर्थन की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सचेत किया है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में कोविड-19 महामारी के फैलाव के बीच कोरोनावायरस वैक्सीन की क़िल्लत है, जिसके लिये आपूर्ति को बेहतर बनाया जाना होगा. इसके मद्देनज़र, कोविड-19 वैक्सीन की न्यायसंगत सुलभता के लिये स्थापित की गई, 'कोवैक्स' पहल को तत्काल, मज़बूत समर्थन प्रदान किये जाने का आहवान किया गया है. साथ ही, टीकाकरण मुहिम के दौरान, शरणार्थियों व शरण की तलाश कर रहे लोगों का ख़याल रखने की बात कही गई है.

भारत: कठिन घड़ी में मेज़बान समुदाय की मदद का जज़्बा

ग़फ़्फ़ार दाराबियान मूलत: ईरान से हैं, मगर वर्ष 1994 में उन्हें देश छोड़ने के लिये मजबूर होना पड़ा जिसके बाद उन्होंने भारत के पुणे शहर में शरण ली. भारत में कोरोनावायरस संकट के दौरान, ग़फ़्फ़ार आगे बढ़कर ज़रूरतमन्दों को सहारा दे रहे हैं.

रोहिंज्या द्वारा, रोहिंज्याओं के लिये, एक अनूठा फ़िल्म स्कूल

फ़ारुक़ मोहम्मद एक रोहिंज्या शरणार्थी हैं, और बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में ‘उमर फ़िल्म स्कूल’ के सह-संस्थापक हैं. यह स्कूल, अनौपचारिक रूप से युवा रोहिंज्या शरणार्थियों को फ़ोटोग्राफी और वीडियोग्राफ़ी में प्रशिक्षित करता है, ताकि वे अपनी कहानियों को ख़ुद बयाँ करने में सक्षम हो सकें. कोविड-19 महामारी की शुरूआत से ही, यह फ़िल्म स्कूल, शरणार्थी समुदाय में वायरस के प्रति जागरूकता फैलाने की कोशिशों में जुटा है. 33-वर्षीय फ़ारुक़ मोहम्मद ने यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के साथ अपने सफ़र और भविष्य के लिये उम्मीदों को साझा किया है...

बांग्लादेश: रोहिंज्या शरणार्थियों व मेज़बान समुदाय की मदद के लिये अपील

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बांग्लादेश सरकार के नेतृत्व में 94 करोड़ डॉलर की एक सहायता अपील जारी की है. इसका लक्ष्य बांग्लादेश में रह रहे रोहिंज्या शरणार्थियों और उनके मेज़बान समुदायों की सुरक्षा, गरिमा व उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है. 

आपबीती: शिविर में आगजनी के बाद, फिर से सदमे में रोहिंज्या समुदाय

एक रोहिंज्या शरणार्थी और अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के स्वैच्छिक कार्यकर्ता ने यूएन न्यूज़ को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा है कि शरणार्थी शिविर में आग लगने की घटना के बाद, समुदाय एक बार फिर से गहरे सदमे में है. मार्च 2021 में, बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार के शरणार्थी शिविर को विकराल आग ने अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हुई और 45 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए.

लीबिया के निकट नौका दुर्घटना में 130 प्रवासियों की मौत, मदद की पुकार अनसुनी

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन एजेंसी (IOM) ने शुक्रवार को बताया कि लीबियाई तट के निकट जलक्षेत्र में एक जहाज़ दुर्घटना ने कम से कम 130 लोगों की मौत हो गई है, हालाँकि मदद के लिये बेतहाशा पुकारें लगाई गईं.

निर्बल समुदायों के विस्थापन के लिये जलवायु परिवर्तन भी एक वजह

पिछले एक दशक में, हिंसक संघर्ष और टकराव की वजह से उपजे हालात की तुलना में, मौसम सम्बन्धी संकटों के कारण दोगुनी संख्या में लोगों को विस्थापन का शिकार होना पड़ा है. 

पाकिस्तान: पंजीकृत अफ़ग़ान शरणार्थियों को मिलेंगे नए स्मार्ट पहचान-पत्र  

शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने, पाकिस्तान में 14 लाख पंजीकृत अफ़ग़ान शरणार्थियों के लिये उनकी जानकारी को सत्यापित करने और उसमें ज़रूरी बदलाव करने वाली देशव्यापी मुहिम की शुरुआत का स्वागत किया है. इस प्रक्रिया के दौरान शरणार्थियों को नए स्मार्ट पहचान-पत्र भी जारी किये जाएंगे.  

रमदान: वैश्विक महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावितों की मदद करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने रमदान का पवित्र महीना शुरू होने के अवसर पर उन लाखों शरणार्थियों और अपने देशों के भीतर ही विस्थापित हुए लोगों को और ज़्यादा सहायता व समर्थन दिये जाने का आग्रह किया है जो कोविड-19 महामारी से, सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं.