जलवायु परिवर्तन

समुद्रों को सहेजकर रखने के लिए समझौते की कोशिश

समुंदरों में ज़ाहिरा तौर पर तो लगभग दो लाख प्रजातियों की मौजदूगी के बारे में जानकारी उपलब्ध है मगर असल में ये संख्या लाखों में होने के अनुमान व्यक्त किए गए हैं. चिंता की बात ये है कि ये समुद्री प्रजातियाँ जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और दोहर के ख़तरों का सामना कर रही हैं.

 

जलवायु परिवर्तन के असाधारण प्रभाव से खाद्य सुरक्षा पर मंडराता ख़तरा

विश्व में 50 करोड़ लोग ऐसे क्षेत्रों में रह रहे हैं जहां जलवायु परिवर्तन की वजह से पर्यावरण क्षरण हो रहा है जिससे वहां जीवन प्रभावित हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक नई रिपोर्ट में चेतावनी जारी करते हुए सभी देशों से अपील की है कि भूमि के टिकाऊ इस्तेमाल के लिए संकल्प लिए जाने चाहिए ताकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को सीमित किया जा सके, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए.

टिकाऊ विकास लक्ष्य-13: जलवायु कार्रवाई

पृथ्‍वी की जलवायु बदल रही है जिसका हमारे दैनिक जीवन और समुदायों के सहने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ रहा है. चरम मौसम की बढ़ती घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और समुद्र के चढ़ते जल स्‍तर से नए संकट उपज रहे हैं. जलवायु परिवर्तन की तेज़ी से उभरती चुनौती और उसके दुष्प्रभावों से निपटने के लिए टिकाऊ विकास एजेंडे का 13वां लक्ष्य प्रभावी कार्रवाई पर केंद्रित है. 

प्रवासन व जलवायु संकट: टिकाऊ समाधान की तलाश

पूरे मानव इतिहास पर नज़र डालें तो प्रवासन और जलवायु को हमेशा एक दूसरे से जुड़ा हुआ पाएंगे लेकिन आधुनिक दौर में मानव निर्मित जलवायु संकट के गंभीर प्रभाव पूरी मानव जाति के रहन-सहन का सिलसिला व्यापक रूप से बदलने वाले हैं.

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध दौड़ हमें जीतनी ही होगी - यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु की आपात स्थिति और बढ़ते वैश्विक तापमान पर चिंता ज़ाहिर करते हुए विश्व नेताओं से आगामी शिखर वार्ता में ठोस जलवायु कार्रवाई के लिए बढ़ी हुई महत्वाकांक्षा के साथ आने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कार्रवाई अभी नहीं की गई तो दुनिया को जल्द उसके दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे.

युवा तलाश करेंगे जलवायु संकट का समाधान

क्या युवा कंप्यूटर प्रोग्रामर कोडिंग के माध्यम से जलवायु संकट का समाधान ढूंढ सकते हैं? संयुक्त राष्ट्र में युवा मामलों की विशेष दूत जयाथमा विक्रमानायके ने हाल ही में एक नई प्रतियोगिता “रीबूट द अर्थ” की शुरुआत की है जिसकी मदद से संयुक्त राष्ट्र, शिक्षा जगत, नागरिक समाज और युवाओं के बीच पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देते हुए जलवायु आपात स्थिति का समाधान ढूंढने का प्रयास किया जाएगा.  

कैरिबियाई देशों पर मंडराते जलवायु संकट का 'सामना मिलकर करेंगे'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कैरिबियाई द्वीपीय देशों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है उनका सामना मिलकर किए जाने की आवश्यकता है. सेंट लूसिया में कैरिबियाई समुदाय (CARICOM) के वार्षिक सम्मेलन में जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने विश्व नेताओं से ठोस जलवायु कार्रवाई का खाका तैयार करने की अपील की.

तापमान बढ़ने से 2,400 अरब डॉलर का नुक़सान होने का अनुमान

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में कामकाज की उत्पादन क्षमता पर गंभीर असर पड़ने वाला है जिससे आमदनी वाले कामकाज और भारी आर्थिक नुक़सान होगा. ग़रीब देश सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे और कृषि व निर्माण क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे.

जलवायु संकट से निपटने के लिए 'महत्वाकांक्षी कार्रवाई की तत्काल ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया एक गंभीर जलवायु इमरजेंसी का सामना कर रही है. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जलवायु कार्रवाई के लिए तत्काल निडर और महत्वाकांक्षी कदम उठाए जाने होंगे. 

प्रकृति और मानवता के बीच तालमेल के हालात बनाने होंगे - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया में मानवता और प्रकृति के बीच समरसता क़ायम करने के लिए ज़रूरी परिस्थितियों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया है. जापान के ओसाका शहर में शनिवार, 29 जून को चीन और फ़्रांस के विदेश के मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने आहवान किया.