जलवायु और पर्यावरण

जलवायु आपात स्थिति से सर्वाधिक प्रभावितों में है कैरीबियाई क्षेत्र - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की सूरीनाम यात्रा का अन्तिम दिन, एक छोटे से विमान में शुरू हुआ, और फिर कैरीबियाई देशों की एक बैठक के मंच पर समाप्त हुआ. यूएन प्रमुख ने, रविवार को राजधानी पारामारिबो से 90 मिनट की उड़ान के बाद, सूरीनाम के केन्द्रीय प्रकृति रिज़र्व में ऐमेज़ोन जंगलों की अदभुत सुन्दरता के दर्शन किये, मगर  साथ ही उन्होंने जलवायु परिवर्तन और निष्कर्षण (extraction) गतिविधियों से इन वर्षावनों के लिये उपजे ख़तरों को भी नज़दीक से देखा.  

भारत: नमक उत्पादन से जुड़ी महिला श्रमिकों के लिये, सौर ऊर्जा आजीविका प्रशिक्षण

भारत में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रगति के लिये, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), स्वच्छ ऊर्जा कम्पनी, ‘ReNew Power और स्व-रोजगार महिला संघ (SEWA - सेवा) ने एक साथ मिलकर, गुजरात प्रदेश में 'प्रोजेक्ट सूर्य' नामक एक परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की है. इस परियोजना के तहत, क्षेत्र में नमक उत्पादन कार्य से जुड़ी महिला श्रमिकों को, आधुनिक स्वच्छ ऊर्जा उद्योग के कामकाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

वर्षावनों के संरक्षण प्रयासों के लिये, सूरीनाम ‘आशा व प्रेरणा का स्रोत’ 

दक्षिण अमेरिका में सूरीनाम सबसे छोटा और सबसे कम आबादी वाला देश होने के साथ-साथ, सर्वाधिक हरित और जैवविविधता संरक्षण प्रयासों में अग्रणी भी है. देश में कुल भूमि सतह का 90 फ़ीसदी, मूल वनों से आच्छादित है, और यहाँ मौजूद अतुलनीय प्राकृतिक संसाधन, उसके छोटे आकार की भरपाई सरलता से करते हैं. 

महत्वाकाँक्षी कार्रवाई के संकल्प के साथ, यूएन महासागर सम्मेलन का समापन

पुर्तगाल के लिस्बन शहर में एक सप्ताह तक चली चर्चाओं और कार्यक्रमों के बाद, संयुक्त राष्ट्र का दूसरा महासागर सम्मेलन शुक्रवार को समाप्त हो गया. इस अवसर पर सरकारों और राष्ट्राध्यक्षों ने महासागरों की रक्षा के लिये एक नए राजनैतिक घोषणापत्र पर सहमति जताई है और महासागर संरक्षण के लिये विज्ञान आधारित, नवाचारी समाधानों को अपनाये जाने पर बल दिया है. 

जलवायु कार्रवाई को शक्ति देने के लिये, नई यूएन वित्तीय पहल

मौसम और जलवायु पूर्वानुमान को मज़बूत करने, जीवनरक्षक पूर्व चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने, कामकाज व रोज़गार की हिफ़ाज़त करने, और दीर्घकालीन निगरानी के लिये जलवायु अनुकूलन को रेखांकित करने के लिये, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक नई वित्तीय पहल, गुरूवार को आधिकारिक रूप में सक्रिय हो गई है.

यूएन सम्मेलन: महासागर संरक्षण के लिये वैज्ञानिक ज्ञान की अहमियत रेखांकित

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में, यूएन महासागर सम्मेलन का चौथा दिन वैज्ञानिक समुदाय की भूमिका पर केन्द्रित रहा, जिसमें वैज्ञनिक ज्ञान, शोध क्षमता विकास, और समुद्री टैक्नॉलॉजी के हरसम्भव उपयोग को सतत महासागर प्रबन्धन की दृष्टि से अहम बताया गया है.

समुद्री खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलावों पर केन्द्रित रणनीति पर बल

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन में बुधवार को मत्स्य पालन व मछली उत्पादन के रिकॉर्ड स्तर और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में उसके योगदान पर चर्चा हुई.

संयुक्त राष्ट्र महासगार सम्मेलन स्थल पर, एकल-प्रयोग प्लास्टिक बन्द

आशंका है कि वर्ष 2050 तक समुद्र में मछलियों की तुलना में प्लास्टिक ज़्यादा होगा - और लिस्बन में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासागर सम्मेलन स्थल पर, समस्त एकल-उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बन्द कर दिया गया है, ताकि सततता को बढ़ावा दिया जा सके. वीडियो फ़ीचर...

महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ

पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में दूसरे यूएन महासागर सम्मेलन में, भारत ने भी शिरकत की है और देश के एक मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने, लिस्बन में, महासागर को लेकर भारत की चिन्ताएँ और प्राथमिकताएँ गिनाई हैं. वीडियो...

टिकाऊ नील अर्थव्यवस्था, लघु देशों और तटीय आबादी के लिये बहुत अहम

दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी समुद्री तटवर्ती इलाक़ों में रहती है या उनके पास रहती है, तो उस आबादी की आजीविका को ध्यान में रखते हुए, लिस्बन में हो रहे यूएन महासगार सम्मेलन के दूसरे दिन, मंगलवार को, टिकाऊ महासागर आधारित अर्थव्यवस्थाओं और तटीय पारिस्थितिकियों के प्रबन्धन पर ध्यान केन्द्रित किया गया.