जलवायु परिवर्तन

बड़े कार्बन उत्सर्जक देशों से जलवायु कार्रवाई की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अगर विश्व के प्रमुख औद्योगिक देशों ने अपने कार्बन उत्सर्जन में कटौती नहीं की तो जलवायु परिवर्तन मानवता के लिए अभिशाप बन कर रह जाएगा. स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान यूएन प्रमुख ने आगाह किया कि कई छोटे विकासशील देशों और योरोपीय संघ ने वर्ष 2050 तक कार्बन न्यूट्रैलिटी (नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन की स्थिति) का संकल्प लिया है लेकिन बड़े उत्सर्जक देशों द्वारा कार्रवाई किया जाना अभी बाक़ी है.

हेती: भूकंप के प्रभावितों की याद, भविष्य संवारने में मदद का वादा भी

हेती में जनवरी 2010 में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग दो लाख 20 लोगों की मौत हो गई थी और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए थे. मृतकों में संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे.  केवल 35 सेकंड तक चले 7.0 की तीव्रता वाले उस भूकंप के बाद लगभग 15 लाख लोग बेघर भी हो गए थे. भूकंप के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रभावितों को यूएन मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मान के साथ याद किया गया.

जलवायु संकट से जीवन की गुणवत्ता प्रभावित, बढ़ रहा है असंतोष

जलवायु संकट, दुनिया भर में लगातार जारी गंभीर विषमताएँ, खाद्य असुरक्षा के बढ़ते स्तर और कुपोषण जैसी स्थितियाँ बहुत से समाजों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं जिनके कारण असंतोष भी बढ़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की विश्व आर्थिक स्थिति व संभावनाओं पर वर्ष 2020 की रिपोर्ट में ये आकलन पेश किया गया है. रिपोर्ट के लेखकों ने संकट का सामना करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव करने का आहवान किया है.  

2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सर्वाधिक गर्म वर्ष: यूएन की पुष्टि

संयुक्त राष्ट्र के मौसम संगठन ने बुधवार को पुष्टि की है कि 2019 रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष दर्ज किया गया है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुमान के मुताबिक़ वर्ष 2019 में वार्षिक वैश्विक वृद्धि 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई. ये 1850-1900 के दौर से भी गर्म था. इस दौर को पूर्व आद्योगिक काल कहा जाता है.

प्लास्टिक से बन रही हैं सड़कें भी

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) भारत के अनेक इलाक़ों में प्लास्टिक को री-सायकल यानी फिर से इस्तेमाल करने की परियोजनाओं में सक्रिय योगदान कर रहा है. लोग प्लास्टिक को फेंकने के बजाय उसे कई तरह से इस्तेमाल में ला रहे हैं जिससे रोज़गार भी मिल रहा है. बेकार समझे जाना वाला प्लास्टिक अब बहुत सी महिलाओं में आत्मविश्वास भरने के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी साधन बन रहा है. एक झलक...

हेती भूकंप विनाश के दस वर्ष: यूएन मदद जारी रखने का संकल्प

12 जनवरी 2010 को हेती में सिर्फ़ 35 सेकंड का एक भूकंप आया मगर उसकी तीव्रता 7.0 थी जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. उस महाविनाशकारी भूकंप में लगभग 2 लाख 20 लोगों की मौत हुई और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए. लगभग 15 लोगों के घर छिन गए. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उस भूकंप के दस वर्ष पूरे होने पर जारी अपने संदेश में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र हेती और वहाँ के लोगों के बेहत भविष्य निर्माण में मदद करना जारी रखेगा. (यूएन महासचिव का वीडियो संदेश...)

हेती: विनाशकारी भूकंप के दस वर्ष, यूएन मदद जारी रखने का वादा

12 जनवरी 2010 को हेती में 7.0 की तीव्रता वाला भूकंप आया जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. हेती सरकार के आँकड़ों के अनुसार उस भूकंप में लगभग दो लाख 20 हज़ार लोगों की जान चली गई थी. इनमें संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे. हेती में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुख्यालय वाली इमारत भी ढह जाने से इन कर्मचारियों की मौत हुई. 

सादगी से जीवन जिएँ ताकि...

ये तो हम सभी जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का दुनिया भर में अनेक तरह से असर हो रहा है. पहाड़ी इलाक़ों में भी असर देखे जा रहे हैं. इसी असर को कम करने के लिए सादगी भरी ज़िन्दगी की पुकार के साथ #ILiveSimply नामक अभियान चलाने वाले सोमन वांगचुक के साथ बातचीत.

कॉप-25: वार्ताओं में प्रगति, जलवायु महत्वाकांक्षाओं पर निराशा

कॉप-25 में चल रही वार्ताएं अंततः रविवार को समाप्त हो गईं. इनमें निजी क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों के स्तर पर ख़ासी प्रगति हुई है. अलबत्ता, जलवायु कार्रवाई के लिए महत्वाकाँक्षाएँ बढ़ाने के मुद्दे पर कोई आम सहमति नहीं हो सकी जिस पर बड़े पैमाने पर निराशा का माहौल भी देखा गया.

कॉप-25: महत्वाकांक्षा भरा संदेश देने की पुकार

स्पेन के मैड्रिड शहर में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (कॉप-25) के अंतिम दिन शुक्रवार को देशों के प्रतिनिधिमंडल देर रात तक पारस्परिक सहमति को अंतिम रूप देने के प्रयासों मे जुटे थे. यूएन प्रमुख ने अपने संदेश में सभी देशों से ज़्यादा महत्वाकांक्षी होने और विज्ञान पर आधारित मज़बूत कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है.