जलवायु और पर्यावरण

एशिया-प्रशान्त: महामारी से पुनर्बहाली में टिकाऊ ऊर्जा पर ज़ोर

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की ऊर्जा समिति के तीसरे सत्र में, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों ने ज़ोर देकर कहा है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र जैसे-जैसे , कोविड-19 महामारी के बाद पुनर्बहाली की ओर बढ़ रहा है,  एक स्थाई, और कम कार्बन उत्सर्जन पर आधारित ऊर्जा की ओर क़दम उठाना अब पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

मज़बूत जलवायु कार्रवाई के बिना, दुनिया के बिखर जाने का डर 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सुरक्षा परिषद की एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में कहा है कि जलवायु परिवर्तन ने, वैश्विक शान्ति और सुरक्षा के लिये जो ख़तरा उत्पन्न कर दिया है, उसका सामना करने के लिये, और अधिक एकजुट कार्रवाई की दरकार है. इसी परिचर्चा में, प्रख्यात प्रकृति इतिहासकार सर डेविड ऐटेनबरॉ ने भी देशों को आगाह करते हुए कहा कि पृथ्वी ग्रह पूर्ण बिखराव के निकट पहुँच जाने के जोखिम का सामना कर रहा है.

पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत

अमेरिका, पेरिस जलवायु समझौते में फिर से शामिल हो गया है. वर्ष 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इस समझौते में, अमेरिका की सक्रिय भूमिका रही थी.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, पेरिस समझौते में अमेरिकी वापसी का स्वागत करते हुए, 19 फ़रवरी को, एक ऑनलाइन कार्यक्रम में, जलवायु परिवर्तन पर अधिक मज़बूत कार्रवाई किये जाने की अपनी पुकार दोहराई. 

उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु समझौता, हमारी आने वाली पीढ़ियों और सम्पूर्ण मानव परिवार के साथ एक क़रार है.

पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी – ‘उम्मीद भरा दिन’ 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी का स्वागत करते हुए, इसे दुनिया के लिये एक उम्मीद भरा दिन क़रार दिया है, जिससे महत्वाकाँक्षी वैश्विक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पेरिस समझौते में वैश्विक तापमान में बढोत्तरी को रोकने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती का महत्वाकाँक्षी लक्ष्य रखा गया है. 

पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिये पुख़्ता कार्रवाई का ब्लूप्रिन्ट

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने प्रकृति के साथ समरसतापूर्ण रिश्ते स्थापित किये जाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए आगाह किया है कि प्रकृति के बिना, मानवता का फलना-फूलना या बच पाना सम्भव नहीं है. यूएन प्रमुख ने गुरूवार को, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की नई रिपोर्ट, Making Peace with Nature, पेश करते हुए, प्रकृति को देखने के नज़रिये में बदलाव लाने और नई दृष्टि के साथ पर्यावरण संरक्षण व बहाली उपायों में निवेश किये जाने की पुकार लगाई है.

भारत: निम्न कार्बन उत्सर्जन की राह पर अग्रसर, बिहार भी सक्रिय

भारत में बिहार प्रदेश, एक जलवायु अनुकूल व निम्न कार्बन उत्सर्जक नीति बनाने को तत्पर है. इसी उद्देश्य से शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) - यूनेप और बिहार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत यूनेप, इस बदलाव के लिये, बिहार को, तकनीकी सलाह व समीक्षा समेत सभी प्रकार सहायता प्रदान करेगा. 

भारत: बिजली चार्जिंग से हरित परिवहन

भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और भारतीय रेलवे ने मिलकर मुम्बई में बिजली-चालित परिवहन साधनों को बढ़ावा देने के लिये एक नवीन हरित पहल शुरू की है. इसके तहत, बिजली-चालित वाहनों के लिये शहर में सभी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों, उपनगरों और निकटवर्ती मुम्बई महानगरीय क्षेत्र में, इलैक्ट्रिक (बिजली) चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराए जाएँगे.

दक्षिण-पूर्व एशिया में बिजली-चालित वाहनों को प्रोत्साहन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), दक्षिण-पूर्व एशिया में, ऊर्जा की बढ़ती खपत, वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की समस्या से निपटने के लिये, सभी देशों के साथ मिलकर, बिजली-चालित वाहनों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है.
 

जलवायु परिवर्तन: यूएन प्रमुख की चेतावनी, संकल्प पूर्ति में, 2021 बहुत अहम वर्ष

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्व, जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते की शर्तों के अनुसार, वैश्विक तापमान वृद्धि में कमी लाने के सहमत लक्ष्य हासिल करने के रास्ते पर अभी बहुत पीछे है. महासचिव ने,  ये चेतावनी भरी बात, जलवायु संकट से बचने में, ज़्यादा महत्वाकाँक्षी प्रतिबद्धताएँ हासिल करने की अपनी कोशिशों के तहत, सोमवार को कही. 

भारत: ग्लेशियर टूटने से हुए भारी नुक़सान पर यूएन प्रमुख ने जताया दुख, मदद की पेशकश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत के उत्तराखण्ड प्रदेश में ग्लेशियर (हिमनद) टूटने से जान-माल के भारी नुक़सान पर गहरा दुख व्यक्त किया है. यूएन प्रमुख ने साथ ही, राहत और बचाव कार्यों में, किसी भी तरह की ज़रूरत में, मदद की पेशकश की है.