जलवायु परिवर्तन

युवा पीढ़ी कामयाबी के लिए कमर कस रही है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में पुरानी पीढ़ियाँ तो नाकाम हो गई मगर युवा पीढ़ी इस चुनौती का सामना करने और इससे होने वाली तबाही की रफ़्तार धीमी करने के लिए कमर कस रही है.

उपजाऊ भूमि का मरुस्थल में बदलना बड़ी समस्या

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने सोमवार को 'विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस' पर अपने वीडियो संदेश में सचेत किया है कि दुनिया हर साल 24 अरब टन उपजाऊ भूमि खो देती है. उन्होंने कहा कि भूमि की गुणवत्ता ख़राब होने से राष्ट्रीय घरेलू उत्पाद में हर साल आठ प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है. भूमि क्षरण और उसके दुष्प्रभावों से मानवता पर मंडराते जलवायु संकट के और गहराने की आशंका है. 

ताजनगरी में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए नई मुहिम

ताजमहल के लिए दुनिया भर में मशहूर भारतीय शहर आगरा में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत एक विशाल योजना तैयार की है. आगरा में ये विशाल वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना मंगलवार, तीन जून को प्रारंभ की गई. ग़ौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस पाँच जून को मनाया जाता है.

'तुवालु को बचा लिया तो समझिए दुनिया को बचा लिया'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए प्रयास न करने का विकल्प अब नहीं बचा है. एक अख़बार के लिए लिखे अपने लेख में उन्होंने व्यवसाय, बिजली उत्पादन, खाद्य उत्पादन और शहरों का निर्माण करने के तरीक़ों में त्वरित और गहरे बदलाव लाने की अपील भी की है. जलवायु परिवर्तन का संकट झेल रहे तुवालु जैसे लघु द्वीपीय देशों को बचाने को उन्होंने दुनिया बचाने से जोड़ा है.

सभी के लिए सौर ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने और दूरगामी इलाक़ों पर ख़ास ध्यान देने पर ज़ोर

पर्यावरण सुधार की दिशा में प्रयासों के तहत सौर ऊर्जा में भारी निवेश की हिमायत करने और उसके उपाय तलाश करने के लिए हाल ही में बैंकाक में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा हुई.  परिचर्चा में शिरकत करने वाले  पक्षों के प्रतिनिधियों ने और ज़्यादा सौर क्षमता हासिल करने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के लिए और ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया.

'नींद से जगाने वाली चेतावनी' हैं मोज़ाम्बिक में तबाही लाने वाले तूफ़ान

मोज़ाम्बिक में ‘इडाई’ और ‘कैनेथ’ नामक चक्रवाती तूफ़ानों से हुई भयंकर तबाही जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशील देशों के लिए नींद से जगाने वाली घंटी है. संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान संस्था (WMO) ने कहा है कि उच्च तीव्रता वाले तूफ़ानों, तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और भारी बारिश से होने वाले नुक़सान से बचने के लिए सहनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है.

'करदाताओं के धन का इस्तेमाल तबाही के लिए न हो'

ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में पर्यावरण संगठन ‘आर-20 कोएलिशन’ द्वारा आयोजित शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए यूएन महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आज ज़रूरत लोगों के बजाए प्रदूषण पर टैक्स लगाने की है. साथ ही उन्होंने जलवायु कार्रवाई के तहत जीवाश्म ईंधनों पर दी जाने वाली सब्सिडी को भी रोके जाने का आग्रह किया है. 

जलवायु कार्रवाई के लिए सूझबूझ भरे निर्णयों की आवश्यकता पर बल

दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के देशों की यात्रा को समाप्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि जलवायु कार्रवाई के लिए समझदारी भरे निर्णयों की ज़रूरत हैं क्योंकि पूरे ग्रह का भविष्य दांव पर लगा है. 

यूएन महासचिव ने तुवालु और दुनिया को डूबने से बचाने की अपील की

तुवालु की यात्रा कर रहे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से तुवालु के सामने अस्तित्व का संकट पनप रहा है. तुवालु में सबसे ऊंची जगह समुद्री लहरों से महज़ पांच मीटर ही ऊपर है. तुवालु को बचाने के लिए उन्होंने जलवायु परिवर्तन के ज़िम्मेदार देशों से कार्रवाई की अपील की है.

महासागरों की रक्षा करने और जलवायु कार्रवाई में फ़िजी निभा रहा है 'अग्रणी भूमिका'

फ़िजी में सामुदायिक और सामाजिक दायित्व निभाने की लंबी परंपरा रही है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने फ़िजी की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि अपने परिवेश के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रवृत्ति के चलते स्थानीय लोगों का जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय मुद्दों पर  प्रयासों की अगुवाई करना स्वाभाविक है.