स्वास्थ्य

कोविड-19: वैक्सीन पेटेण्ट अधिकारों में छूट, 'अभूतपूर्व अमेरिकी समर्थन' का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 वैक्सीन के बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में छूट के लिये अमेरिकी सरकार द्वारा समर्थन दिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. महासचिव गुटेरेश ने इस निर्णय को अभूतपूर्व क़रार देते हुए कहा है कि यह वैक्सीन उत्पादकों के लिये, ज्ञान व टैक्नॉलॉजी को साझा करने का अवसर है जिससे स्थानीय स्तर पर वैक्सीन उत्पादन के प्रभावशाली विस्तार की सम्भावना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा.    

म्याँमार: स्वास्थ्य केन्द्रों पर हमलों से ख़तरे में कोविड-19 जवाबी कार्रवाई

म्याँमार में 1 फ़रवरी को सैन्य तख़्ता पलट के बाद से अब तक चिकित्साकर्मियों और मेडिकल केन्द्रों पर कम से कम 158 हमले हो चुके हैं और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले 139 डॉक्टरों को गिरफ़्तार किया गया है. म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने बुधवार को कहा है कि मौजूदा हालात में कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्व स्वास्थ्य सेवाओं के लिये भी जोखिम पैदा हो गया है.   

भारत: कोविड-19 से निपटने के उपायों और वैक्सीन उत्पादन का विस्तार ज़रूरी

भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी से भयावह स्थिति पैदा हो गई है. देश में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि इस संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, टीकाकरण जारी रखना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिए.

कोविड-19: एक सप्ताह में, वैश्विक संक्रमणों के 46 फ़ीसदी नए मामले भारत में दर्ज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का विश्लेषण दर्शाता है कि महामारी शुरू होने के बाद से अब तक, कोविड-19 के पुष्ट मामले, अपने उच्चतम स्तर पर लगातार दूसरे सप्ताह बरक़रार है. पिछले सात दिनों में 53 लाख नए मामले दर्ज किये गए हैं जिनमे से लगभग 46 प्रतिशत संक्रमणों के मामले भारत में सामने आए हैं.  

विश्व में नौ लाख दाइयों की कमी से उपजी चिन्ता – नई रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और साझीदार संगठनों की एक नई रिपोर्ट, दुनिया में व्यापक स्तर पर दाइयों (Midwives) की कमी को दर्शाती है, जिनकी स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लाखों महिलाओं व नवजात शिशुओं की या तो मौत हो रही है या फिर वे अस्वस्थता के शिकार हो रहे हैं. रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2035 तक इन स्वास्थ्य सेवाओं में समुचित निवेश के ज़रिये, हर वर्ष 43 लाख ज़िन्दगियों को बचाया जा सकता है.

कोविड-19: दक्षिण एशिया में बेक़ाबू वायरस पूरी दुनिया के लिये ख़तरा

दक्षिण एशिया में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के वरिष्ठ अधिकारी ने आगाह किया है कि क्षेत्र में स्थित देशों में कोविड-19 की घातक लहर से स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी बोझ है जिसमें उनके ढह जाने की आशंका है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह पूरी दुनिया में वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई मेंअब तक हुई प्रगति के लिये एक बड़ा ख़तरा होगा. उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिये, सरकारों द्वारा तत्काल कार्रवाई और स्फूर्तिवान नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया है.

भारत: यूएन मदद में सक्रिय

भारत में अप्रैल महीने के दौरान, कोविड-19 की दूसरी लहर ने भीषण तबाही मचा दी है. भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, डॉक्टर रॉड्रिको एच ऑफ्रिन का कहना है कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही इस महामारी के रोकथाम की कुंजी है. वीडियो रिपोर्ट...

भारत में कोविड-19 की रोकथाम के लिये हरसम्भव कोशिश

भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ने भीषण तबाही मचा दी है. महामारी के संक्रमण के, हर रोज़ तीन से चार लाख के बीच मामले सामने आ रहे हैं और भारी संख्या में लोग उचित समय पर इलाज और संसाधनों की कमी के कारण मौत का शिकार बन रहे हैं. इस भयावह स्थिति को समझने और इससे निपटने के उपायों को लेकर, भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, डॉक्टर रॉड्रिको एच ऑफ्रिन ने, यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार ही इस महामारी के रोकथाम की कुंजी है...

कोविड-19: भारत व ब्राज़ील में मामलों की अधिकता, यूएन एजेंसियाँ सक्रिय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि पिछले सप्ताह, विश्व भर में कोविड-19 संक्रमण के कुल जितने मामलों की पुष्टि हुई, उनमें आधे से ज़्यादा भारत और ब्राज़ील में सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, भारत में कोरोनावायरस के कारण उपजे गम्भीर हालात के मद्देनज़र, जवाबी कार्रवाई में स्थानीय एजेंसियों की सहायता में जुटी हैं.

कोविड-19: जी-7 देशों से वैश्विक टीकाकरण प्रयासों के वित्त पोषण की पुकार

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने सोमवार को दुनिया के सबसे धनवान देशों (जी-7) से आहवान किया है कि निर्धन देशों में कोविड-19 से बचाव के लिये टीकाकरण मुहिम को आगे बढ़ाने के लिये वित्तीय संसाधन मुहैया कराए जाने होंगे. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ने इन प्रयासों को फलीभूत करने के लिये अगले दो वर्ष में लगभग 60 अरब डॉलर की धनराशि का इन्तज़ाम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.