मध्य पूर्व

सीरिया की ज़रूरतें उच्चतम स्तर पर, यूएन जाँच प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की एक शीर्ष जाँच टीम ने बुधवार को बताया है कि सीरिया की मानवीय ज़रूरतें, अभी तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गई हैं; और इस युद्धग्रस्त देश में पहुँचने वाली सहायता को रोकने के लिये किसी भी तरह के क़दम का ज़ोरदार विरोध किया जाना होगा.

सीरिया: बर्बर युद्ध का एक दशक, तीन लाख से अधिक लोगों की मौत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के अनुसार, 1 मार्च 2011 से लेकर 31 मार्च 2021 तक, सीरिया में एक दशक से जारी युद्ध में तीन लाख छह हज़ार 887 आम नागरिकों की मौत हुई है. देश में हिंसक टकराव के कारण होने वाली मौतों का यह अब तक का सबसे बड़ा अनुमान है. 

लीबिया: राष्ट्रीय चुनावों की दिशा में गति बढ़ाने की ज़रूरत रेखांकित

संयुक्त राष्ट्र के राजनैतिक मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि लीबिया में नेताओं को तमाम अनसुलझे मुद्दों के समाधान तलाश करने होंगे ताकि अन्ततः बहुप्रतीक्षित राष्ट्रपति और संसदीय चुनाव कराए जा सकें.

मध्य पूर्व: बढ़ती हिंसा से अनेक फ़लस्तीनी और इसराइली लोग हताहत

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष संयोजक टॉर वैनेसलैण्ड ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि क्षेत्र में उच्च स्तर की हिंसा के कारण, अनेक फ़लस्तीनी और इसराइली लोग हताहत हुए हैं और केवल यथास्थिति बनाए रखने से, एक टिकाऊ समाधान की तलाश के रास्ते में कोई मदद नहीं मिल रही है.

‘फ़लस्तीनी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की जान लेने वाली गोली इसराइली बलों की तरफ़ से आई’

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मई में फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट में अल जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबू अकलेह को जानलेवा गोली लगने के पीछे इसराइली बलों का हाथ था और शिरीन की मौत किसी अन्धाधुन्ध फ़लस्तीनी गोलीबारी में नहीं हुई.

लेबनान: स्थानीय परिवारों व शरणार्थियों की सहायता के लिये 3.2 अरब डॉलर की योजना

लेबनान की सरकार, संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों ने सोमवार को देश में मौजूदा आर्थिक संकट और पड़ोसी देश सीरिया में गृहयुद्ध के दुष्प्रभावों से निपटने के लिये, तीन अरब 20 करोड़ डॉलर की सहायता अपील जारी की है.

लेबनान: बदहाल सामाजिक-आर्थिक हालात, 'नाज़ुक डोर से बंधा' आम लोगों का जीवन

लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की रैज़ीडेण्ट कोऑर्डिनेटर और मानवीय राहत मामलों की समन्वयक नजत रोश्दी ने कहा है कि स्थानीय आबादी की आजीविकाएँ बर्बाद व आशाएँ धूमिल हो चुकी हैं और देश एक नाज़ुक डोर से लटक रहा है. उन्होंने देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों के मद्देनज़र और बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिये, आपात राहत योजना की अवधि बढ़ाए जाने की घोषणा की है.  

दस करोड़ से अधिक जबरन विस्थापन का शिकार – UNHCR

शरणार्थी मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि विश्व भर में क़रीब दस करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भागने के लिये मजबूर हुए हैं. बड़े पैमाने पर विस्थापन के लिये खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ़्रीका से अफ़ग़ानिस्तान तक अन्य आपात परिस्थितियों को मुख्य वजह बताया गया है.

यूएन महासागर सम्मेलन के लिये, छात्रों का प्रभावशाली सन्देश

पहली नज़र में वो, किसी गहरे हरे मैदान पर सफ़ेद हिलती हुई परछाई के चमकदार थक्के नज़र आते हैं. उनकी तस्वीरें लेने वाला ड्रोन कैमरा जैसे-जैसे आकाश में अपना दायरा व्यापक करता है, तो स्पष्ट होता है कि ये तो असली लोग हैं - आधे दर्जन देशों से आए 200 से ज़्यादा छात्र – एक विशेष आकार बनाने वाली पंक्तियों में खड़े होकर, विश्व को ये सन्देश देने के लिये: महासागरों की रक्षा करें.

इसराइल से एक बैदुइन गाँव की बेदख़ली और विध्वंस को रोकने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त दो स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा है कि इसराइल को फ़लस्तीन के नक़ाब रेगिस्तानी इलाक़े में यहूदी-मात्र बस्तियाँ बसाने के लिये, एक बैदुइन गाँव को ध्वस्त करने की योजनाओं पर लगाम लगानी होगी, क्योंकि इस गाँव के ध्वस्त होने से सैकड़ों स्थानीय निवासी विस्थापित हो जाएंगे.