एसडीजी

बच्चों की पुकार - हमारे अधिकार

1989 में बाल अधिकारों पर कन्वेंशन वजूद में आई थी जिसमें बच्चों के अधिकारों को लागू करने के वादे किए गए थे. तीस साल पूरे होने पर यूनीसेफ़ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. बाल अधिकारों के लिए एक पुकार, उन्हीं की ज़ुबानी...

अफ्रीका औद्योगिकरण दिवस पर हरित व स्वच्छ विकास की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम नेताओं से ऐसी आर्थिक प्रगति के लिए काम करने का आहवान किया है जिससे लोगों और पृथ्वी दोनों का ही टिकाऊ भला हो. यूएन प्रमुख ने ये संदेश ऐसे मौक़े पर दिया है जब अफ्रीकी देश एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को लागू करने के लिए तैयारी कर रहे हैं. 

नैरोबी सम्मेलन: महिला सशक्तिकरण से बदलेगी टिकाऊ विकास की तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य का वैश्विक लक्ष्य तब तक हासिल नहीं किया जा सकता जब तक कि महिलाओं, लड़कियों और युवाओं को उनके शरीरों और ज़िंदगियों पर ख़ुद का नियंत्रण स्थापित करने का मौक़ा नहीं मिलता है. आमिना जे मोहम्मद ने केनया की राजधानी नैरोबी में अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या और विकास सम्मेलन (आईसीपीडी) के 25 वर्ष पूरे होने के मौक़े पर आयोजित सम्मेलन में ये बात कही.

अनप्लास्टिक इंडिया-बढ़ती मुहिम

जलवायु संकट का मुक़ाबला करने के लिए दुनिया भर में युवाओं ने भी कमर कस ली है. ऐसे ही एक युवा शैलेश सिंघल ने भारत में प्लास्टिक के ख़िलाफ़ अनोखी मुहिम छेड़ी है जिसका नाम है - अनप्लास्टिक इंडिया. यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने शैलेश के साथ ख़ास बातचीत की.

हर मिनट एक ट्रक प्लास्टिक समुद्र में फेंक दिया जाता है

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक कूड़ा-कचरा समुद्रों में फेंका जाता है - इसका मतलब इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बड़े ट्रक में समाने वाले कूड़े-कचरे के बराबर ये हर मिनट समुद्र में फेंका जाता है.

जलवायु की ख़ातिर छोड़नी होगी कोयले की लत - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने थाईलैंड में हुए आसियान सम्मेलन के दौरान शनिवार को राजधानी बैंकाक में नए शताब्दी पार्क का दौरा किया जहाँ एक नया क्लाइमेट मिटिगेशन प्रोजेक्ट बनाया गया है. महासचिव ने इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोयले का इस्तेमाल करने के चलन को अब हल हाल में बंद करना होगा.

टिकाऊ शहरों के निर्माण में युवाओं व तकनीक की अहम भूमिका

विश्व की आधी से ज़्यादा आबादी – 3.9 अरब - अब शहरों में रहती है और वर्ष 2050 तक यह संख्या दोगुनी होने की संभावना है. बढ़ते शहरीकरण से नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं, लेकिन शहर भावी पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करने और टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अग्रणी भूमिका भी निभा सकते हैं. 31 अक्टूबर को ‘विश्व शहर दिवस’ के अवसर पर यही रेखांकित करने का प्रयास किया जा रहा है.

दूसरी कमेटीः दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने की ज़िम्मेदारी

संयुक्त राष्ट्र अपने सबसे महत्वाकांक्षी और दूरगामी परिणामों वाले प्रोजेक्टः 2030 एजेंडा को किस तरह आगे बढ़ा रहा है जिसका उद्देश्य विश्व को बदलना है? ये विशालकाय ज़िम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र महासभा की दूसरी कमेटी के कंधों पर है. ये कमेटी दुनिया भर में आर्थिक और वित्तीय मामलों के बारे में महत्वपूर्ण नीति बनाती है और फ़ैसले लेती है.

नेपाल में खुले में शौच के अंत से लाभ ही लाभ

नेपाल के तराई क्षेत्र में बसे माझी गांव में 104 लोग रहते हैं. ग़रीबी से घिरे इस गांव में सुनयना भी रहती हैं. इस गांव में मिट्टी की एक गंदी सड़क के किनारे मिट्टी, घास और पुआल से बनी झोपड़ियां एक क़तार में खड़ी हैं. ये सड़क चावल के उन खेतों से गुज़रती है जिनसे सुनयना और उसके पड़ोसियों का जीवन-यापन होता है.

कृषि को टिकाऊ बनाने और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर

अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (International Fund for Agricultural Development) के अध्यक्ष गिल्बर्ट हॉन्गबो इस सप्ताह भारत का दौरा कर रहे हैं. उनकी यात्रा का लक्ष्य भारत में खाद्य प्रणालियों को टिकाऊ बनाना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे साझा प्रयासों को मज़बूती देना है.