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#दुनिया जो हम चाहते हैं...

#दुनिया जो हम चाहते हैं, 75 ऐसी तस्वीरों का विशेष संकलन है जो 130 से ज़्यादा देशों से प्राप्त हुई 50 हज़ार तस्वीरों में से चुनी गई हैं. ये संकलन दरअसल यूएन महासचिव की उस पुकार के जवाब में जुटाया गया है जिसमें उन्होंने दुनिया भर में लोगों से भविष्य के लिये उनकी प्राथमिकताओं उनके विचार सीधे भेजने के लिये कहा था. इस वीडियो में वर्चुअल प्रदर्शनी #TheWorldWeWant यानि #दुनिया जो हम चाहते हैं, से कुछ विजेता तस्वीरें पेश की गई हैं जिनमें हम सभी भविष्य के लिये साझा उम्मीदें और सपने संजोए हुए हैं. इस फ़ोटो प्रतियोगिता का आयोजन यूएन75 के समर्थन में मोबाइल ऐप - Agora ने किया था.

 

पूरी वर्चुअल प्रदर्शनी देखने के लिये यहाँ क्लिक करें

 

भरोसेमन्द डेटा से बदलती दुनिया को समझने में मिलेगी मदद - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 'विश्व सांख्यिकी दिवस' पर अपने सन्देश में कहा है कि सामयिक, भरोसेमन्द और विश्वसनीय डेटा हमें बदलती दुनिया के प्रति बेहतर समझ विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकता है. यूएन प्रमुख के मुताबिक सांख्यिकी, तथ्य आधारित नीति-निर्माण की बुनियादी ज़रूरत है और रूपान्तरकारी बदलावों के लिये भी आवश्यक है ताकि किसी को भी पीछे ना छूटने दिया जाए. 

हर छह में से एक बच्चा चरम ग़रीबी में – कोविड-19 से संख्या बढ़ने की आशंका 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और विश्व बैंक (World Bank) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 का संकट शुरू होने से पहले ही दुनिया में हर छह में से एक बच्चा यानि लगभग 35 करोड़ 60 लाख बच्चे अत्यधिक निर्धनता में जीवन गुज़ारने के लिये मजबूर थे. मंगलवार को पेश की गई इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि महामारी से आए व्यवधान के कारण हालात और भी ज़्यादा बदतर हो सकते हैं. 

थाईलैण्ड: बॉयो कप का प्रयोग, 500 अरब बोतलों की रीसायकलिंग के लक्ष्य से टिकाऊपन के लिये बढ़त: ब्लॉग

थाईलैण्ड में ग़रीबी घटाने और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा निर्धारित टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने में निजी क्षेत्र की एक प्रमुख भूमिका है. थाईलैण्ड में संयुक्त राष्ट्र की प्रतिनिधि (रैज़िडैण्ट कोऑर्डिनेटर) गीता सभरवाल और यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट नैटवर्क के प्रमुख सूपाचाई चेयारावनोन्त, इस ब्लॉग में बता रहे हैं कि कोविड-19 महामारी की वैश्विक चुनौती के बावजूद इन लक्ष्यों की दिशा में प्रगति किस तरह हो रही है. 

दुनिया भर के ग़रीबों के साथ एकजुटता दिखाने की ज़रूरत पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने ग़रीबी में जीवन जीने वाले लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का आहवान किया है, कोविड-19 के दौरान और उसके बाद भी. यूएन प्रमुख ने शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस के अवसर पर एक वीडियो सन्देश में ये अपील जारी की. यह दिवस हर वर्ष 17 अक्टूबर को मनाया जाता है.

करोड़ों को भरपेट भोजन मयस्सर नहीं, कोविड-19 बना मुसीबतों का पहाड़

वर्ष 2020 के दौरान भी दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीने के लिये काफ़ी बुनियादी भोजन ख़ुराक भी मयस्सर नहीं है क्योंकि जलवायु परिवर्तन और आर्थिक समस्याओं ने विश्व भर में भुखमरी का स्तर बढ़ा दिया है, और कोविड-19 महामारी ने तो ग़रीबी में मुसीबतों का पहाड़ ही खड़ा कर दिया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक ताज़ा रिपोर्ट में ये चिन्ता ज़ाहिर की गई है.

करोड़ों लोग हाथ स्वच्छता की सुविधाओं से महरूम, संक्रामक बीमारियों का ख़तरा

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में हाथ स्वच्छता बेहद अहम है, लेकिन दुनिया भर में करोड़ों लोगों के पास हाथ स्वच्छता के लिये पर्याप्त साधनों का अभाव है. गुरूवार, 15 अक्टूबर, को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस पर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने यह बात कही है.  

ग़रीबों के साथ एकजुटता दिखानी होगी, कोविड-19 के बाद भी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ग़रीबी में जीवन गुज़ारने को मजबूर लोगों के साथ कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद के समय में भी एकजुटता की अपील की है. महासचिव ने ये अपील अन्तरराष्ट्रीय ग़रीबी उन्मूलन दिवस के मौक़े पर की है जो हर साल 17 अक्टूबर को मनाया जाता है.

हानिकारक खाद्य प्रणालियों की कायापलट करने के लिये नई योजना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया की खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने के लक्ष्य से सोमवार को एक नई योजना शुरू  की है. ‘विश्व खाद्य सप्ताह’ के दौरान इस सन्दर्भ में कार्यक्रमों की शुरुआत हुई जिनकी अन्तिम कड़ी के रूप में अगले वर्ष सितम्बर में एक शिखर बैठक आयोजित की जाएगी. 

आपराधिक तत्व कोविड-19 की स्थिति से फ़ायदा उठाने की ताक में

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे में जबकि आपराधिक समूह कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकटपूर्ण स्थिति का दोहन अपने फ़ायदे के लिये करने की जुगत में लगे हैं, ये बहुत ज़रूरी है कि तमाम देश मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी और सीमा-पार के अपराधों का मुक़ाबला करने के लिये संयुक्त राष्ट्र की सन्धि के मुताबिक़ कार्रवाई करें.