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टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिए विज्ञान में महिलाओं की भागीदारी ज़रूरी

विज्ञान और तकनीक से जुड़े विषयों और करियर विकल्पों में  महिलाओं और लड़कियों की संख्या बढ़ाना बेहद अहम है और इससे टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सकती है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विज्ञान में महिलाओं एवं बालिकाओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर कहा है कि दुनिया की आधी आबादी को इन क्षेत्रों में उनकी भागीदारी और उनके अहम योगदान से वंचित नहीं रखा जा सकता.

बढ़ती असमानता से निपटने के लिए निरंतर प्रयासरत यूएन

टिकाऊ विकास का 2030 एजेंडा, संयुक्त राष्ट्र की एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा है जिसके ज़रिए पहले से बेहतर और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत दुनिया में व्याप्त असमानता को भी कम किए जाने की अपील की गई है लेकिन वैश्विक असमानता बढ़ती जा रही है. इसे कैसे रोका जा सकता है?

'जीवन बदल देती है शिक्षा'

टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर आधारित 2030 एजेंडा के केंद्र में  शिक्षा है क्योंकि यह सभी को हुनर विकसित करने का अवसर प्रदान करती है और अन्य लक्ष्यों को पाने में अहम भूमिका निभा सकती है. दुनिया में पहली बार मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शिक्षा की अहमियत पर ज़ोर दिया है.  

टिकाऊ विकास लक्ष्य-10: असमानता में कमी

दुनिया के कई देशों में व्याप्त आय असमानता को कम करने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं लेकिन यह समस्या अब भी विकराल रूप धारण किए हुए है. 2030 टिकाऊ विकास एजेंडे का दसवां लक्ष्य बढ़ती असमानता से निपटने पर ही केंद्रित है.

2050 तक दो अरब आबादी और जुड़ जाएगी

विश्व की जनसंख्या में वर्ष 2050 तक 2 अरब 20 करोड़ आबादी और जुड़ जाएगी. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि इसमें से आधी से अधिक जनसंख्या यानी क़रीब 1अरब 30 करोड़ सब सहारा अफ्रीका में बढ़ने की उम्मीद है जहां स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच बहुत सीमित है, साथ ही उन्हें ‘बड़े पैमाने पर लैंगिक भेदभाव’ का भी सामना करना पड़ता है.

‘हरित अर्थव्यवस्था पर पूरा दम लगाएं’

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं का आहवान करते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए किए जा रहे उपायों और विकास कार्यक्रमों के बीच कोई टकराव नहीं है, बल्कि ये एक दूसरे के लिए अनुकूल हैं.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर भारत का आश्वासन

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि उनका देश टिकाऊ विकास लक्ष्य 2030 तक हासिल करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है. शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र को सम्बोधित करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत समय से पहले ही ये लक्ष्य हासिल कर लेगा और संयुक्त राष्ट्र को निराश नहीं करेगा.

बहुपक्षवाद का बोलबाला

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र के दूसरे दिन विभिन्न वक्ताओं ने व्यापार से लेकर जलवायु परिवर्तन तक और विकास से लेकर बीमारियों का मुक़ाबला करने के मुद्दों का जिक्र करने के साथ साथ Multilateralism यानी बहुपक्षवाद पर भी ख़ास ज़ोर दिया.