शांति और सुरक्षा

सीरिया: जीवनरक्षक मानवीय राहत जारी रखने की अवधि बढ़ाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवनरक्षक मानवीय राहत सामग्री लेकर, तुर्की से पश्चिमोत्तर सीरिया में आने वाले काफ़िलों की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखना होगा. 

लीबिया: शान्ति व एकता स्थापित करने के प्रयासों के लिये मज़बूत समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लीबिया मुद्दे पर आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए लीबियाई प्रशासन व संस्थाओं से स्थिरता व एकता की ओर, साथ मिलकर क़दम बढ़ाने का आहवान किया है.  

अफ़ग़ानिस्तान: गहराते संकट को टालने के लिये कारगर उपाय ज़रूरी

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की प्रमुख और विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए चिन्ता जताई है कि अन्तरराष्ट्रीय सैनिकों की वापसी के मद्देनज़र, देश में गम्भीर हालात पैदा होने की आशंका है. 

सशस्त्र संघर्षों का बच्चों पर विनाशकारी असर - यूएन की नई रिपोर्ट

बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वार्षिक रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2020 में 19 हज़ार से ज़्यादा लड़के-लड़कियों को सीधे तौर पर, एक या उससे अधिक अधिकार हनन के गम्भीर मामलों की पीड़ा झेलनी पड़ी है.  

म्याँमार: सुरक्षा परिषद में विशेष दूत, सामयिक समर्थन व कार्रवाई का आग्रह

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की विशेष दूत क्रिस्टिना श्रेनर बर्गनर ने देश में मौजूदा संकट के मद्देनज़र, सुरक्षा परिषद से ज़रूरी समर्थन और समय रहते कार्रवाई का आग्रह किया है.

इण्टरव्यू: मानवीय राहत ज़रूरतें घटाने के लिये 'हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, बीमारियों से निपटना होगा'

मार्क लोकॉक ने चार वर्ष पहले जब मानवीय मामलों व आपात राहत समन्वयक और संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव के तौर ज़िम्मेदारी सम्भाली, तो उन्हें उम्मीद की थी कि वैश्विक स्तर पर मानवीय राहत ज़रूरतों में कमी आएगी. मगर, लम्बे समय से जारी हिंसक संघर्षों व उभरते टकरावों, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर और ईबोला व कोविड-19 जैसी बीमारियों के कारण ज़रूरतमन्दों की संख्या इस अवधि में अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच गई है. अपना कार्यभार छोड़ने से पहले, मार्क लोकॉक के साथ यूएन न्यूज़ की एक ख़ास बातचीत....

अफ़ग़ानिस्तान: पाँच स्वास्थ्यकर्मियों की गोली मारकर हत्या; हमलों की कड़ी निन्दा

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नांगरहार प्रान्त में, पोलियो टीकाकरण मुहिम में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों पर सिलसिलेवार हमलों को बर्बर क़रार देते हुए उनकी कड़े शब्दों में निन्दा की है. इन हमलों में पाँच स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है और चार अन्य घायल हुए हैं. 

सीरिया: अस्पताल पर हमले की निन्दा, जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीरिया के एक अस्पताल में पिछले सप्ताहांत हुए जानलेवा हमले की निन्दा की है. यूएन अधिकारियों ने देश में पिछले एक दशक से जारी युद्ध के दौरान अंजाम दिये गए अपराधों के लिये जवाबदेही तय किये जाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है.

सुरक्षा परिषद: यूएन महासभा ने पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों को चुना

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान, शुक्रवार को अल्बानिया, ब्राज़ील, गेबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों के रूप में चुना गया है. नवनिर्वाचित सदस्य देश अपना कार्यकाल 1 जनवरी 2022 को शुरू करेंगे और उनके पास 31 दिसम्बर 2023 तक सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता रहेगी.

म्याँमार में 'तबाहीपूर्ण हालात', सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की प्रमुख  मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा रोकने और मानवीय संकट को गहराने से बचाने के लिये, वहाँ तेज़ होती हिंसा को रोका जाना होगा. उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि महज़ चार महीनों में, म्याँमार एक नाज़ुक लोकतंत्र से मानवाधिकारों के लिये त्रासदी बन गया है, और मौजूदा संकट के लिये सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय की जानी होगी.