मानवाधिकार

सशस्त्र संघर्षों का बच्चों पर विनाशकारी असर - यूएन की नई रिपोर्ट

बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वार्षिक रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2020 में 19 हज़ार से ज़्यादा लड़के-लड़कियों को सीधे तौर पर, एक या उससे अधिक अधिकार हनन के गम्भीर मामलों की पीड़ा झेलनी पड़ी है.  

मानवाधिकार के मोर्चे पर बड़ी चुनौतियाँ - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' का आहवान

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने सदस्य देशों से, महामारी गुज़र जाने के बाद, एक ज़्यादा समावेशी पुनर्बहाली प्रक्रिया को बढ़ावा देने का आग्रह किया है.

व्यवसाय व मानवाधिकारों पर मार्गदर्शक सिद्धान्तों के लिये 'असाधारण लम्हा'

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि पहले से ज़्यादा संख्या में कम्पनियाँ, मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये संकल्प ले रही हैं, इसके बावजूद ख़ामियाँ व चुनौतियाँ बरक़रार हैं.

सीरिया: अस्पताल पर हमले की निन्दा, जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीरिया के एक अस्पताल में पिछले सप्ताहांत हुए जानलेवा हमले की निन्दा की है. यूएन अधिकारियों ने देश में पिछले एक दशक से जारी युद्ध के दौरान अंजाम दिये गए अपराधों के लिये जवाबदेही तय किये जाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है.

कोविड-19: वृद्धजनों के साथ हिंसा व दुर्व्यवहार के मामलों में उछाल

संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ क्लॉडिया माहलेर ने बुज़ुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये, 15 जून को विश्व दिवस पर ऐसे उपायों को अपनाने की पुकार लगाई है जिनसे वृद्धजनों के लिये न्याय को सुनिश्चित किया जा सके.

अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस: यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस' पर, सभी राष्ट्रों और समुदायों से रंगहीनता की स्थिति वाले व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सहायता व देखभाल प्रदान करने का आग्रह किया है...

रंगहीनता वाले लोगों के साथ भेदभाव का अन्त हो – यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 13 जून, को ‘अन्तरराष्ट्रीय एल्बीनिज़म जागरूकता दिवस' पर, एल्बीनिज़म यानी रंगहीनता की स्थिति वाले लोगों के साथ अपनी एकजुटता दोहराई है. यह अन्तरराष्ट्रीय दिवस, अपने जीवन में बहुत से अवरोधों और चुनौतियों का सामना कर रहे, रंगहीनता वाले लोगों के लिये समर्थन जुटाने का एक अवसर है.

 

बाल श्रम उन्मूलन के प्रयासों को गहरा झटका

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, दो दशकों में पहली बार, दुनिया भर में बाल मज़दूरी के शिकार बच्चों की संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक पहुँच गई है. पिछले चार वर्षों में इस आँकड़े में 84 लाख की वृद्धि हुई है., अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष द्वारा जारी इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप, वर्ष 2022 के अन्त तक, वैश्विक स्तर पर, 90 लाख अतिरिक्त बच्चों को बाल श्रम में धकेल दिये जाने का ख़तरा है...

म्याँमार में 'तबाहीपूर्ण हालात', सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की प्रमुख  मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी जारी की है कि म्याँमार में बड़े पैमाने पर ख़ूनख़राबा रोकने और मानवीय संकट को गहराने से बचाने के लिये, वहाँ तेज़ होती हिंसा को रोका जाना होगा. उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि महज़ चार महीनों में, म्याँमार एक नाज़ुक लोकतंत्र से मानवाधिकारों के लिये त्रासदी बन गया है, और मौजूदा संकट के लिये सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय की जानी होगी.

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में मानवाधिकार हनन पर विराम के लिये नए दिशानिर्देश

विश्व भर में, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल मुख्यत: मनोविकार केन्द्रों व अस्पतालों में प्रदान की जाती है और मानवाधिकार हनन के मामले व जबरन इस्तेमाल में लाये जाने वाले तौर-तरीक़े अब भी आम हैं. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नए दिशानिर्देश जारी किये हैं जिनमें मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए, किफ़ायती रूप से समुदाय-आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की कारगरता को रेखांकित किया गया है.