संस्कृति और शिक्षा

कोविड-19: बच्चों पर असर को समझने के लिये और ज़्यादा शोध की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 से बच्चों और किशोरों के गम्भीर रूप से बीमार होने के जोखिम के कारणों की पड़ताल किये जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस के मुताबिक मोटे तौर पर बच्चे इस बीमारी के गम्भीर प्रभावों से अछूते रहे हैं लेकिन उन्हें अन्य प्रकार की अनेक पीड़ाओं का अनुभव करना पड़ा है.

हिंसक संघर्ष में रोकने होंगे शिक्षा पर हमले - यूएन महासचिव

शिक्षा एक बुनियादी मानवाधिकार और शान्ति व विकास की दिशा को आगे बढ़ाने का एक मज़बूत पहिया है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षकों, छात्रों और शिक्षण केन्द्रों पर हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्कूलों और शिक्षण केन्द्रों पर होने वाले हमलों पर क्षोभ ज़ाहिर करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच ऐसी 11 हज़ार घटनाएँ दर्ज की गईं. 

नया शैक्षणिक सत्र – एक तिहाई छात्र ही लौट पाएँगे स्कूल 

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक सगंठन (UNESCO) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने पर विश्व भर में कुल डेढ़ अरब छात्रों में से दो-तिहाई छात्र स्कूल बन्द होने या कक्षाओं पर मँडराती अनिश्चितता से प्रभावित हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक इस वर्ष एक-तिहाई छात्रों के ही स्कूल लौटने की सम्भावना है और लड़कियों की शिक्षा पर सबसे ज़्यादा संकट मँडरा रहा है. 

कोविड-19: स्कूल बन्द होने से 46 करोड़ बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की प्रमुख ने दूरस्थ शिक्षा की सीमाओं और उपलब्धता में गहरी असमानताओं को उजागर करती एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 के कारण स्कूल बन्द होने से लगभग 46 करोड़ 30 लाख बच्चों को, "दूरस्थ शिक्षा जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी." 

कोविड-19: बाल शिक्षा के लिये अहम क्षण, निडर क़दम उठाने का आहवान 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 ने शिक्षा के इतिहास में सबसे बड़ा व्यवधान पैदा किया है जिसके कारण 160 से ज़्यादा देशों में एक अरब से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को नया नीतिपत्र जारी करते हुए, मौजूदा शिक्षा संकट और गहराती विषमताओं से निपटने के लिये अपना चार सूत्री एजेण्डा सामने रखा है जिसमें स्कूलों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, निवेश बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की नए सिरे से कल्पनाशीलता का आहवान किया गया है.

तुर्की द्वारा ऐतिहासिक 'आया सोफ़िया' का दर्जा बदले जाने पर यूनेस्को ने जताया खेद

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने तुर्की के उस फ़ैसले पर गहरा खेद जताया है जिसमें किसी विचार-विमर्श के बिना ही प्राचीन ‘आया सोफ़िया’ (Hagia Sophia) धरोहर को मस्जिद मे बदलने की बात कही गई है. ग़ौरतलब है कि तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एरदोआन ने इस सिलसिले में शुक्रवार को एक आधिकारिक आदेश पर हस्ताक्षर किये हैं. इससे पहले यूएन एजेंसी ने तुर्की से अपने दायित्वों का निर्वहन करने और ‘आया सोफ़िया” का दर्जा विश्व धरोहर सूची में एक संग्रहालय के तौर पर बनाए रखने की अपील की थी.

फ़र्ज़ी अफ़्रीकी कलाकृतियों पर कलाप्रेमियों को यूनेस्को की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़्रीकी सांस्कृतिक कलाकृतियों को लेकर एक अवैध तस्करी घोटाले का भण्डाफोड़ किया है जो यूनेस्को की नक़ली मुहर लगाकर, ख़रीदारों को बेचे जा रहे हैं.

कोविड-19: सांस्कृतिक दुनिया भी प्रभावित, अनेक संग्रहालयों के दरवाज़े बन्द

दुनिया भर में कोविड-19 की तबाही के माहौल में संग्रहालय भी अछूते नहीं बचे हैं. संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था – यूनेस्को ने सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौक़े पर बताया कि 90 प्रतिशत सांस्कृतिक धरोहर संस्थानों को अपने दरवाज़े बन्द करने पड़े हैं, जबकि लगभग 13 फ़ीसदी तो अपने दरवाज़े फिर कभी नहीं खोल पाने के जोखिम का सामना कर रहे हैं. 

पृथ्वी दिवस पर डिजिटल कॉन्सर्ट

पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने 22 अप्रैल को एक 'डिजिटल कॉन्सर्ट - रिकी केज एट वन पेज स्पॉटलाइट' का आयोजन किया. इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य, वैश्विक समुदाय को एकजुट करना और करुणा, बलिदान व आशा का संदेश फैलाने में मदद करना था. इसमें यूनेस्को, एमझीआईईपी, यूएनसीसीडी, यूनीसेफ़ इंडिया, समेत 5 ग्रैमी पुरस्कार विजेताओं समेत 44 संगीतकार शामिल हुए.

कोविड-19: WHO की रमज़ान गाइड

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर में कोविड-19 से पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों में मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान के दौरान रोज़ा (वृत) रखने और अन्य धार्मिक रीति-रिवाज़ पूरे करने के दौरान ऐहतियात बरते जाने के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश व सिफ़ारिशें जारी की हैं.