संस्कृति और शिक्षा

नाइजीरिया: स्कूल पर हमले के बाद 300 से ज़्यादा लड़कियाँ लापता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने पश्चिमोत्तर नाइजीरिया के एक माध्यमिक स्कूल पर शुक्रवार को हुए हमले की पुरज़ोर निन्दा की है. इस हमले के बाद सैकड़ों लड़कियाँ लापता बताई गई हैं. 

कोविड-19: स्कूली आहार कार्यक्रमों में 'ऐतिहासिक प्रगति' पर मंडराता संकट

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया है कि स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले सेहतमन्द आहार सम्बन्धी कार्यक्रमों पर, कोरोनावायरस संकट और उसके प्रभावों की वजह से जोखिम मँडरा रहा है.  यूएन एजेंसी ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिये ऐसे कार्यक्रमों में निवेश किये जाने की पुकार लगाई है.     

मातृ भाषा दिवस: समावेशी भावना के जश्न का अवसर

संयुक्त राष्ट्र की शैक्षिक और सांस्कृतिक एजेंसी – यूनेस्को ने दुनिया भर में लोगों को, विश्व भर में, स्कूलों में, और दैनिक जीवन में, बहुभाषावाद को समर्थन देकर, विविधता को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहित किया है. यही विषय, रविवार, 21 फ़रवरी को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस की मुख्य थीम है.

रंजीतसिंह डिसले  - शिक्षा बाँटने वाले अदभुत अध्यापक

ब्रिटेन के वर्के फ़ाउण्डेशन और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने हाल ही में, भारत में महाराष्ट्र प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक, रंजीतसिंह डिसले  को, ‘वैश्विक शिक्षक पुरस्कार’ (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया है. यह सम्मान उन अध्यापकों को दिया जाता है जो शिक्षा प्रदान करने के दायित्व को पूरा करते हुए, सामान्य चलन से आगे बढ़कर कुछ अलग कर दिखाते हैं.

माहवारी स्वच्छता को बढ़ावा - लड़कियों की शिक्षा जारी रखने की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संस्था (UNESCO) ने, भारत में स्त्री देखभाल उत्पाद बनाने वाली कम्पनी, 'व्हिस्पर' (Whisper) के साथ मिलकर #KeepGirlsInSchool अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य, किशोरियों में, माहवारी सम्बन्धित पूर्वाग्रहों और स्वच्छता जानकारी के अभाव में, उनके स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर पर रोक लगाना है. इस मुहिम के तहत, स्कूली पाठ्यक्रम में माहवारी स्वच्छता व जागरूकता पर पाठन सामग्री विकसित करने की भी योजना है. 

विश्व रेडियो दिवस: बदलते ज़माने के साथ, बदलता रेडियो

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने शनिवार, 13 फ़रवरी, को ‘विश्व रेडियो दिवस’ पर रेडियो की महत्ता की ओर ध्यान आकृष्ट किया है. यूनेस्को के अनुसार 110 वर्ष पुराने इस माध्यम में बदलती दुनिया और तकनीक के अनुरूप बदलाव अपनाने की क्षमता है, और कोरोनावायरस संकट के दौरान पेश आई चुनौतियों से निपटने में यह एक प्रमुख औज़ार साबित हुआ है.

महिलाओं और लड़कियों का विज्ञान से है नाता – यूएन प्रमुख 

बहुत सी महिला वैज्ञानिकों को, वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान प्रयोगशालाएँ बन्द होने और सम्बन्धियों की देखभाल करने की बढ़ी ज़िम्मेदारियाँ सम्भालने सहित, अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 11 फ़रवरी, को ‘विज्ञान में महिलाओं व लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में, लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने की पुकार लगाई है. 

सुरक्षित इण्टरनेट दिवस: ऑनलाइन माध्यमों पर बाल कल्याण एवँ सुरक्षा सर्वोपरि

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान करोड़ो बच्चे खेलकूद, मित्रता और पढ़ाई-लिखाई के लिये इण्टरनेट पर निर्भर हैं. लेकिन संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने आगाह किया है कि ऑनलाइन माध्यमों पर बच्चों के यौन शोषण, उन्हें डराए-धमकाए जाने और अन्य जोखिमों का शिकार बनने की आशंका बढ़ गई है जिससे निपटने के लिये तत्काल उपायों की आवश्यकता है.

'यूएन महासागर विज्ञान दशक’ - चुनौतियों व अवसरों पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने कहा है कि जनवरी 2021 एक बेहद अहम दशक (2021-2030) की शुरुआत को परिलक्षित करता है जिसके ज़रिये टिकाऊ विकास के लिये महासागरों की रक्षा के प्रयास किये जा रहे हैं. यूनेस्को ने बुधवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें अगले दस वर्षों में अहम कार्रवाई को आगे बढ़ाने और महासागरों से उपजती चुनौतियों व अवसरों पर चर्चा हुई. 

कोविड-19 काल में व्यवधान – शिक्षा की नए सिरे से परिकल्पना का अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 24 जनवरी, को अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर वैश्विक महामारी की पृष्ठभूमि  में छात्रों, शिक्षकों और परिवारों की सहनक्षमता को श्रृद्धांजलि अर्पित की है. ग़ौरतलब है कि महामारी की रोकथाम के ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र विश्व भर में स्कूलों, शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालों को बन्द कर दिया गया जिससे करोड़ों ज़िन्दगियाँ प्रभावित हुई हैं.