संस्कृति और शिक्षा

एक करोड़ से ज़्यादा बच्चों को नहीं मिल पाएगा स्कूल

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संगठन (यूनेस्को) ने शुक्रवार को नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि तत्काल कार्रवाई के अभाव में लगभग एक करोड़ 20 लाख बच्चे कभी स्कूल नहीं जा पाएंगे. लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज़्यादा बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है.

साक्षरता दिवस: असरदार शिक्षा के लिए मन-मस्तिष्क को जोड़ना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरत दिवस पर अपने संदेश में कहा है कि असरदार शिक्षा विस्तार के लिए ज़रूरी है कि लोगों के मस्तिष्क और मन दोनों के साथ तालमेल बिठाया जाए. ये दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है.

आधे से ज़्यादा शरणार्थी बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी जारी की है कि लाखों की संख्या में शरणार्थी बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही हैं जिससे बेहतर भविष्य की उनकी आशाएं धूमिल हो रही हैं. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने शरणार्थियों को शरण देने वाले देशों से समावेशी नीतियां लागू की जाने की अपील की है ताकि शरणार्थी शिविरों में बदहाल हालात में जीवन गुज़ारने के बजाए बच्चे अपने भविष्य को संवार सकें.

पश्चिम और मध्य अफ़्रीका में शिक्षा पर मंडराता ख़तरा

स्कूलों, छात्रों और शिक्षकों पर बढ़ते हमलों और हिंसा की धमकियों से पैदा हो रहे चुनौतीपूर्ण हालात के बीच 19 लाख से ज़्यादा बच्चे पश्चिम और मध्य अफ़्रीका में स्कूलों में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने शुक्रवार को अपनी एक नई रिपोर्ट में चिंता जताई है कि हिंसा प्रभावित इलाक़ों में शिक्षा का ढांचा ढह रहा है जिससे बच्चों की एक पीढ़ी का भविष्य बर्बाद होने की आशंका बढ़ रही है.

यूनीसेफ़ यूथ चैंपियन – मेहर ठुकराल

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने नॉर्द एंगलिया एजुकेशन के सहयोग से अनेक देशों में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देने में सक्रिय बच्चों को न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय की सैर कराई. इन बच्चों को अनौपचारिक रूप में यूथ चैंपियन भी कहा गया. ऐसी ही एक यूथ चैंपियन मेहर ठुकराल के साथ यूएन समाचार ने बातचीत की. रिपोर्टर: महबूब ख़ान

यूनीसेफ़ यूथ चैंपियन-ख़ुशी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने नॉर्द एंगलिया एजुकेशन के सहयोग से अनेक देशों में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देने में सक्रिय बच्चों को न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय की सैर कराई. इन बच्चों को अनौपचारिक रूप में यूथ चैंपियन भी कहा गया. ऐसी ही एक यूथ चैंपियन ख़ुशी के साथ यूएन समाचार ने बातचीत की. रिपोर्टर: महबूब ख़ान

आदिवासी जनसमूह की भाषा और संस्कृति को सहेजने की ज़रूरत

नौ अगस्त को हर वर्ष दुनिया भर के आदिवासी जनसमूह लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है. दुनिया भर में इस समय आदिवासी जनसमूह के लोगों की संख्या लगभग 37 करोड़ है जो 90 देशों में रहते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस दिवस के अवसर पर आदिवासी जनसमूह के लोगों की पहचान और भाषाओं को सहेजकर रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.

इकोसॉक की नई अध्यक्ष की बुनियादी स्वतंत्रताओं की हिमायत

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद (इकोसॉक) की नई अध्यक्ष मोना जुऊल ने अपना पद संभालने के मौक़े पर कहा है कि इस संस्था के आदर्श और गतिविधियाँ उतने ही प्रासंगिक हैं जितने कि 1945 में थे जब इसका गठन किया गया था. नॉर्वे मूल की मोना जुऊल ने कहा कि ये परिषद आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वजूद में आई थी.

भारत में विकलांग बच्चों की शिक्षा स्थिति

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने भारत में विकलांग बच्चों की शिक्षा की स्थिति के बारे में व्यापक आँकड़े जुटाए हैं. सर्वे में कहा गया है कि विकलांग बच्चों को उचित शिक्षा मुहैया कराने में काफ़ी प्रगति हुई है लेकिन अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. ख़ासतौर से ऐसे मौक़े पर जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार विमर्श हो रहा है. इसी विषय पर अंशु शर्मा की एक रिपोर्ट... (मल्टीमीडिया सामग्री साभार: यूनेस्को)

सोमालीलैंड में यूनीसेफ़ का सघन स्कूली शिक्षा कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने कहा है कि सोमालीलैंड में लगातार जारी संकट की वजह से शिक्षा की उपलब्धता बहुत सीमित हो गई है और 50 प्रतिशत से भी ज़्यादा बच्चे स्कूलों से बाहर हैं. यूनीसेफ़ ने बच्चों के लिए शिक्षा आसान बनाने के वास्ते सरकार और वैश्विक कोष – Education Cannot Wait के साथ मिलकर व्यापक कार्यक्रम शुरू किया है.