यूक्रेन: संघर्ष क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षित निकासी के लिये रास्ता देने की पुकार

6 मार्च 2022

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेश ने रविवार को यूक्रेन में संघर्ष क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित बच निकलने की अनुमति देने के लिए लड़ाई में विराम का आहवान किया. उधर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने घोषणा की कि उसने देश पर रूस के सशस्त्र हमले की शुरुआत के बाद से हताहत होने वाले एक हज़ार 123 नागरिकों की संख्या दर्ज की है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने एक ट्वीट सन्देश में घोषणा की कि यूक्रेन में बेरोकटोक जारी लड़ाई में एक विराम स्थापित करना, सभी संघर्ष क्षेत्रों से नागरिकों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति देना, और यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जीवन रक्षक मानवतावादी सहायता, ज़रूरतमन्द लोगों के लिये जारी रह सके. 

संयुक्त राष्ट्र की सहायता सामग्री शनिवार को यूक्रेन में पहुंचनी शुरू हुई.

एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि मारियुपोल, ख़ार्कियेफ़ और सुमी शहर ऐसे मुख्य केन्द्र बन गए हैं जहाँ लोगों को विशेष जोखिम है.

लगभग दो लाख लोगों को, सुरक्षित रूप से मारियुपोल छोड़ने की अनुमति देने के प्रयास विफल किये जा रहे हैं. 

रेडक्रॉस अन्तरराष्ट्रीय समिति (ICRC) ने शहर में "मानव पीड़ा के विनाशकारी दृश्यों" की ख़बरें दी हैं. रैडक्रॉस समिति ने रविवार को बताया कि उनकी टीमें लोगों की निकासी में मदद करने के लिय मुस्तैद हैं, मगर उन्हें अपने कार्य संचालन के लिये सुरक्षा गारण्टी की आवश्यकता है. ये गारण्टियाँ अब तक सामने नहीं आई हैं.

इस मानवीय सहायता संगठन ने युद्धरत पक्षों से ऐसी विशिष्ट शर्तों पर सहमत होने का आहवान किया जो शहर से सुरक्षित मार्ग की अनुमति देंगी.

यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र में, एक रॉकेट हमले से हुई तबाही की एक तस्वीर.
© UNICEF/Viktor Moskaliuk
यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र में, एक रॉकेट हमले से हुई तबाही की एक तस्वीर.

हताहतों की वास्तविक संख्या

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय -OHCHR ने रविवार को चेतावनी दी कि 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूसी संघ का सशस्त्र हमला शुरू होने के बाद से, 5 मार्च 2022 तक, जो हताहतों की संख्या दर्ज की गई है, वास्तविक संख्या उससे कहीं ज़्यादा होने का अनुमान है.

यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने अभी तक यूक्रेन में एक हज़ार 123 लोगों के हताहत होने की पुष्टि की है: जिनमें 364 लोगों की मौत हु ईहै, और उनमें 25 बच्चे शामिल हैं. 759 लोग घायल हुए हैं.

अधिकतर हताहतों की संख्या व्यापक प्रभाव क्षेत्र वाले विस्फोटक हथियारों के उपयोग के कारण हुई है, जिनमें भारी तोपख़ाने और अत्याधुनिक रॉकेट प्रणाली से गोलाबारी, और मिसाइल व हवाई हमले शामिल हैं.

मानवाधिकार कार्यालय का हालाँकि मानना है कि हताहतों की वास्तविक इससे काफ़ी अधिक है, विशेष रूप से सरकार द्वारा नियंत्रित क्षेत्र में. साथ ही हाल के दिनों में गहन लड़ाई वाले कुछ स्थानों से जानकारी एकत्र करने में देरी हुई है और कई रिपोर्ट्स अभी आनी हैं. 

यूक्रेन के पश्चिमी इलाक़े में, 5 मार्च 2022 को बच्चे व परिवार, पोलैण्ड की तरफ़ जाने वाले रास्ते पर.
© UNICEF/Viktor Moskaliuk
यूक्रेन के पश्चिमी इलाक़े में, 5 मार्च 2022 को बच्चे व परिवार, पोलैण्ड की तरफ़ जाने वाले रास्ते पर.

तेज़ी से बढ़ता शरणार्थी संकट

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैण्डी ने रविवार को एक ट्वीट में कहा कि यूक्रेन संघर्ष ने, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे तेज़ी से बढ़ता शरणार्थी संकट पैदा कर दिया है.

यूएन शरणार्थी उच्चायुक्त ने कहा कि केवल 10 दिनों में 15 लाख से अधिक लोग पड़ोसी देशों में जाने को विवश हुए हैं.

उनकी ये टिप्पणी, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष -UNICEF  की शुक्रवार को जारी चेतावनियों की ही अगली कड़ी है जिनमें कहा गया था कि असाधारण संख्यी में बच्चे व परिवार अपने घरों से भागने के लिये विवश हैं और मानवीय जरूरतें भी बहुत तेज़ी से बढ़ रही हैं.

यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ के एक अस्पताल में, एक जच्चा अपने नवजात शिशु को संभाले हुए.
© UNICEF/Andriy Boiko
यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ के एक अस्पताल में, एक जच्चा अपने नवजात शिशु को संभाले हुए.

स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने शनिवार को अपनी पहली ‘यूक्रेन स्थिति रिपोर्ट’ जारी की है जिसमें देश के लिये अपनी स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया.

इनमें मानसिक स्वास्थ्य देखभाल शामिल है, जिसे एजेंसी "तीव्र संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण तनाव" कहती है, और संघर्ष-सम्बन्धी आघात व घायल होने की परिस्थितियाँ, असुरक्षा के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच की कमी के कारण बढ़ रही हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सामान्य बीमारियों, सेवाओं में व्यवधान, और गम्भीर जच्ता-बच्चा, नवजात शिशुओं और बच्चों की बीमारियों के साथ-साथ, COVID-19, खसरा, पोलियो, टीबी व एचआईवी जैसे संक्रामक रोगों के प्रसार के बारे में भी चिन्तित व्यक्त की है.

पानी और स्वच्छता के बुनियादी ढाँचे की व्यापक तबाही, अपर्याप्त टीकाकरण कवरेज, लोगों के विस्थापन और भीड़ के कारण, अतिसार सन्बन्धी बीमारियों की रोकथाम भी संगठन की प्राथमिकताओं की सूची में हैं.

 

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