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मानवाधिकार: वर्ष 2022 के लिये, 40 करोड़ डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने, वर्ष 2022 के दौरान मानवाधिकार कार्यों के लिये, लगभग 40 करोड़, पाँच लाख डॉलर की धनराशि की अपील जारी की है, साथ ही देशों व दानदाताओं से, मानवाधिकार एजेण्डे को समर्थन दिये जाने का आग्रह भी किया है.

पाकिस्तान: ‘जबरन गुमशुदगी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से ना रोका जाए’

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने पाकिस्तान से, उस विधेयक में संशोधन की मंज़ूरी को रोकने का आहवान किया है जिसमें जबरन गुमशुदगी के शिकार लोगों के परिवारों, सम्बन्धियों और अन्य स्रोतों का आपराधिकरण करने और उन्हें दण्डित करने का प्रावधान प्रस्तावित है.

इथियोपिया: यूएन स्टाफ़ को निष्काषित करने के फ़ैसले से, सहायता अभियानों के लिये जोखिम

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने शुक्रवार को कहा है कि इथियोपिया से यूएन स्टाफ़ को निष्काषित करने के फ़ैसले से, देश के उत्तरी हिस्से में, युद्धग्रस्त इलाक़े में सहायता सामग्री के वितरण पर असर पड़ सकता है जहाँ ज़रूरतें और विस्थापन लगातार बढ़ रहे हैं.

म्याँमार: मानवाधिकारों की त्रासदीपूर्ण स्थिति, तत्काल कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने गुरूवार को आगाह करते हुए कहा है कि म्याँमार में मौजूदा गम्भीर हालात को, पूर्ण संघर्ष में बदलने से रोकने के लिये, तत्काल ठोस कार्रवाई किये जाने के ज़रूरत है.

नस्लभेद: डरबन घोषणा पत्र के 20 वर्ष बाद भी, गूंज रही है नफ़रत

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में कहा है कि नस्लवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये 20 वर्ष पहले एक एक ऐतिहासिक घोषणा पत्र  पारित किया गया था, लेकिन भेदभाव आज भी, हर समाज के दैनिक जीवन, संस्थानों और सामाजिक ढाँचे में जड़ें जमाए हुए  है.

सीरिया: दक्षिणी इलाक़े में, आम लोगों की स्थिति, 'युद्ध बन्धक जैसी'

संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने सीरिया में आम लोगों की मुश्किलों व तकलीफ़ों के बारे में गुरूवार को एक बार फिर ख़तरे की घण्टी बजाई है क्योंकि देश के दक्षिणी शहर दरा के भीतर व आसपास, सरकारी सेनाओं व विपक्षी सशस्त्र गुटों के बीच गहन लड़ाई और अन्धाधुन्ध गोलाबारी ने रिहायशी इलाक़ों को एक तरह से बन्धक सा बना दिया है.

म्याँमार: 'राजनैतिक संकट ने ले लिया है बहुकोणीय मानवाधिकार आपदा का रूप'

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशाल बाशेलेट ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि म्याँमार में फ़रवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता का तख़्तापलट करने के साथ जो दौर शुरू हुआ था उसने आम आबादी के ख़िलाफ़ चौतरफ़ा हमलों का रूप ले लिया है जिसका दायरा लगातार बढ़ता गया है और जो व्यवस्थित ढंग से हो रहा है.

भारत: स्टैन स्वामी के निधन पर यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने जताया दुख और व्यथा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने भारत में एक 84 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ादर स्टैन स्वामी के निधन पर बहुत दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वो इस निधन पर व्यथित भी है. स्टैन स्वामी का भारत के वाणिज्यिक शहर मुम्बई में सोमवार को निधन हो गया था.

म्याँमार: देश पूर्ण व गम्भीर संघर्ष के रास्ते पर, मानवाधिकार प्रमुख की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार अधिकारी मिशेल बाशेलेट ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि म्याँमार में, प्रदर्शनों पर किया जाने वाला मौजूदा दमन, सीरिया की ही तरह, गम्भीर व पूर्ण संघर्ष का रूप भी ले सकता है. उन्होंने प्रभाव वाले देशों से, आम नागरिकों की “हत्याएँ” रोकने के लिये, तुरन्त और असरदार कार्रवाई किये जाने का आग्रह भी किया है.

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.