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अफ़ग़ानिस्तान: यूएन एजेंसियाँ ज़मीन पर मदद के लिये मुस्तैद

अफ़ग़ानिस्तान में, संयुक्त राष्ट्र की तीन मानवीय सहायता एजेंसियों के प्रमुखों ने, बुधवार को, राजधानी काबुल से वीडियो लिंक के ज़रिये, न्यूयॉर्क स्थित पत्रकारों को सम्बोधित किया और यूएन एजेंसियों द्वारा अफ़ग़ान लोगों की मदद के लिये किये जा रहे जम़ीनी कार्यों की जानकारी दी. ये तीन एजेंसियाँ हैं विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), यूएन शरणार्थी एजेंसी (UNHCR), और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF).

अफ़ग़ानिस्तान में, सघन होते संकटों में, मानवीय त्रासदी के चिन्ह

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी  (UNHCR) ने शुक्रवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान एक ऐसे रास्ते पर है जहाँ किसी एक वर्ष के दौरान, सबसे ज़्यादा आम लोगों के हताहत होने के मामले सामने आ सकते हैं. यूएन एजेंसियों ने देश में, मौजूदा हालात और तेज़ी से बढ़ते संकटों में, एक मानवीय त्रासदी के लक्षण नज़र आने की आशंका भी व्यक्त की है.

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 16 जुलाई 2021

इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

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आपबीती: 'एकजुटता और करुणा भाव से मिलेगी कोविड-19 पर कामयाबी'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के भारत कार्यालय में जल,साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता (WASH) विभाग में सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट के पद पर कार्यरत, जैसिण्डा मैथ्यू ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया है. उन्होंने अपने एक ब्लॉग में कहा कि जिस तरह लोग एक-दूसरे की मदद के लिये आगे आ रहे हैं, वो भरोसा जगाता है कि हम इस वायरस पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे...

वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकें, ज़रूरतमन्द देशों को दान करने की ज़रूरत, यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने सोमवार को आगाह करने के अन्दाज़ में कहा है कि अगर कमज़ोर हालात वाले देशों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई तो कोविड-19 महामारी का ख़तरनाक फैलाव जिस तरह भारत में तेज़ी से हुआ है, उसी तरह अन्य देशों में भी फैल सकता है.

भारत: कोविड-19 से निपटने के उपायों और वैक्सीन उत्पादन का विस्तार ज़रूरी

भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी से भयावह स्थिति पैदा हो गई है. देश में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रतिनिधि, डॉक्टर यासमीन अली हक़ ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि इस संकट के दौरान, सबसे अहम ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, टीकाकरण जारी रखना होगा. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई के तहत सभी देशों को एक साथ मिलकर, वैक्सीन उत्पादन का दायरा व स्तर बढ़ाने के लिये रणनीति बनानी चाहिए.

यूनीसेफ़ की चेतावनी, फ़िलहाल टीगरे में संकट का कोई अन्त नज़र नहीं आ रहा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मंगलवार को कहा है कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में, लगभग छह महीने पहले संघर्ष छिड़ने के बाद, बड़े पैमाने पर आम लोगों का उत्पीड़न किये जाने की, बहुत परेशान करने वाली ख़बरें लगातार आ रही हैं.

कोविड-19: दुनिया भर में टीकाकरण के लिये, कोवैक्स के सामने पाँच प्रमुख चुनौतियाँ

संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स योजना का उद्देश्य, वर्ष 2021 के अन्त तक, दुनिया के निर्धनतम देशों की लगभग एक चौथाई यानि 25 प्रतिशत आबादी तक, कोरोनावायरस की वैक्सीन की लगभग दो अरब खुराकें पहुँचाना है. इस ऐतिहासिक प्रयास में कामयाबी हासिल करने के रास्ते में, कौन सी मुख्य चुनौतियाँ हैं जिन पर पार पाने की ज़रूरत है?

बांग्लादेश: यूएन एजेंसियों के आग उपरान्त सहायता प्रयास तेज़

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने बांग्लादेश के दक्षिणी हिस्से में स्थित कुटुपलाँग शरणार्थी शिविर में, 22 मार्च को लगी भीषण आग के बाद बेघर हुए हज़ारों रोहिंज्या शरणार्थी परिवारों की मदद के लिये प्रयास तेज़ कर दिये हैं.

पाकिस्तान में पोलियो की चुनौती में अफ़वाहों से भी मुक़ाबला

इन्सान को अपाहिज बना देने वाली, और कभी-कभी तो जानलेवा साबित होने वाली बीमारी पोलियो दुनिया के ज़्यादातर देशों में ख़त्म की जा चुकी है, मगर पाकिस्तान में ये अब भी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है. इसका एक बड़ा कारण ये भी है कि पाकिस्तान की आबादी का एक बड़ा हिस्सा पोलियो से बचाने वाली दवा के टीके लगवाने का विरोध करता है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनीसेफ़ ने पाकिस्तान में पोलियो को जड़ से मिटाने और लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने के लिये एक ताज़ा अभियान शुरू किया है. ये अभियान चलाने वाली टीम के एक सदस्य और स्वास्थ्यकर्मी डेनिस चिमेन्या ने यूएन न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत की...