विस्थापन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज़ शरीफ़ ने यूएन महासभा के 77वें वार्षिक सत्र को सम्बोधित किया.
UN Photo/Cia Pak

पाकिस्तान: विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आए देश के लिये, वैश्विक समर्थन की पुकार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज़ शरीफ़ ने यूएन महासभा के 77वें वार्षिक सत्र के दौरान उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा है कि हाल के दिनों में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण, देश का विशाल हिस्सा अब भी जलमग्न है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने अभूतपूर्व जलवायु तबाही के नतीजों का सामना करने के लिये वैश्विक समर्थन की पुकार लगाई है.

यूक्रेन के कीयेफ़ के नज़दीक बूचा में एक माँ अपनी बेटी के साथ हिंसा से बचकर निकल रही है.
© UNDP/Oleksandr Ratush

यूक्रेन: युद्ध से उपजे संकट से महिलाओं व लड़कियों पर विषम असर 

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि यूक्रेन में जारी युद्ध और उसके भोजन, ऊर्वा व वित्त पोषण पर हुए वैश्विक असर से महिलाओं व लड़कियों पर अपेक्षाकृत अधिक असर हुआ है. अध्ययन के अनुसार यूक्रेन में और विश्व भर में यह रुझान देखा गया है. 

यूक्रेन के ख़ारकीयेव शहर में, एक 12 वर्षीय लड़की, अपने स्कूल के सामने, जो युद्ध में तबाह हो गया. ये लड़की अब अपनी शिक्षा ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त करती है.
© UNICEF/Ashley Gilbertson

विस्थापन, वैश्विक व आम जन की सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध की बड़ी चुनौतियाँ

संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन में जारी युद्ध में अब तक पाँच हज़ार 718 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 372 बच्चे हैं.

निकारागुआ में एक तूफ़ान आने से पहले, एक परिवार को बचाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए.
© UNICEF/Inti Ocon/AFP-Services

जलवायु परिवर्तन के कारण विस्थापित बच्चों के संरक्षण के लिये दिशा-निर्देश

संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से सोमवार को कुछ ऐसे दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं जिनका उद्देश्य, जलवायु संकटों के कारण अपने घर छोड़कर भागने को विवश बच्चों का संरक्षण, समावेश और सशक्तिकरण करना है. ये दिशा-निर्देश, इस बढ़ती चिन्ता वाले क्षेत्र का सामना करने का बिल्कुल प्रथम वैश्विक प्रयास हैं.

पोलैण्ड सीमा के पास यूक्रेनी शरणार्थी.
© UNHCR/Chris Melzer

यूक्रेन: शरणार्थी घर वापसी के लिये इच्छुक, मगर पहले शान्ति व बेहतर सुरक्षा हालात ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) का एक नया सर्वेक्षण दर्शाता है कि यूक्रेन में युद्ध के कारण अपना घर छोड़ने के लिये मजबूर अधिकांश शरणार्थी जल्द से जल्द अपने घर वापिस लौटना चाहते हैं. मगर, क़रीब दो-तिहाई शरणार्थी सुरक्षा हालात बेहतर होने और टकराव में कमी आने तक शरण प्रदान करने वाले देशों में ही रहने के इच्छुक हैं.

यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख फ़िलिपो ग्रैण्डी ने यूक्रेन के इरपिन का दौरा किया, जहाँ एक हज़ार इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 115 पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं.
© UNHCR/Andrew McConnell

यूक्रेन: युद्ध प्रभावितों के लिये सर्दियों में कठिनाइयाँ और बढ़ने की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को आगाह किया है कि यूक्रेन में युद्ध से प्रभावित लाखों लोगों के लिये सर्दी के महीने बेहद कठिनाई भरे साबित हो सकते हैं. यूएन एजेंसी की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में भीषण लड़ाई के बीच रूसी सैन्य बल आगे बढ़ रहे हैं.

यूक्रेन में युद्ध के दौरान आन्तरिक रूप से विस्थापित होने वाले लोगों के लिये बनाए गए शिविर में कुछ बच्चे.
IOM/Ivan Riznyk

आन्तरिक विस्थापन संकट: 'वास्तविक प्रगति' के लिये नई यूएन योजना

हिंसक संघर्षों, टकरावों, आपदाओं, जलवायु व्यवधानों और अन्य त्रासदियों के कारण, अपने गृहभूमि में ही विस्थापित होने वाले लोगों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है. इस पृष्ठभूमि में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने देशों की सीमाओं के भीतर विस्थापित होने वाले लोगों की सहायता और इस संकट का अन्त करने के लिये अपना नया कार्रवाई एजेण्डा प्रस्तुत किया है. 

कैमरून में विस्थापित बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं.
© Education Cannot Wait/Daniel Beloumou

संकट-प्रभावित 22 करोड़ बच्चों को शिक्षा सम्बन्धी समर्थन की दरकार

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में चौंका देने वाले आँकड़े दर्शाते हैं कि संकट-प्रभावित स्कूली उम्र के ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें शैक्षणिक समर्थन की आवश्यकता है. मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, ज़रूरतमन्द बच्चों की संख्या वर्ष 2016 में साढ़े सात करोड़ से बढ़कर अब 22 करोड़ 20 लाख हो गई है. 

सीरिया के होम्स में एक अस्थाई शिविर में विस्थापित बच्चे.
© UNICEF

दस करोड़ से अधिक जबरन विस्थापन का शिकार – UNHCR

शरणार्थी मामलों के लिये संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरूवार को अपनी एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि विश्व भर में क़रीब दस करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भागने के लिये मजबूर हुए हैं. बड़े पैमाने पर विस्थापन के लिये खाद्य असुरक्षा, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध और अफ़्रीका से अफ़ग़ानिस्तान तक अन्य आपात परिस्थितियों को मुख्य वजह बताया गया है.

यूक्रेन की राजधानी कीयेफ़ में बमबारी के बाद एक रिहायशी इमारत में आग लगी है.
© UNDP Ukraine/Pavlo Petrov

यूक्रेन: युद्ध के 100 दिन और गहराता संकट, खाद्य सामग्री व उर्वरक निर्यात के प्रयास

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के 100 दिन पूरे होने पर एक ऐलर्ट जारी करके विशाल स्तर पर मानवीय सहायता आवश्यकताओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया है. संयुक्त राष्ट्र ने खाद्य असुरक्षा की गहराती चिन्ता के बीच यूक्रेन और रूस से बाक़ी दुनिया के लिये खाद्य व उर्वरक निर्यात सुनिश्चित करने के लिये अपने प्रयास जारी रखे हैं.