वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

अफ़ग़ानिस्तान

अफगानिस्तान के एक क्लिनिक में बुर्का पहने दो महिलाओं और लड़कियों सहित अन्य महिलाएं और लड़कियां इंतजार कर रही हैं।
© UNFPA

तालेबानी फ़रमान से बाल विवाह को वैधता मिलने, महिलाओं की व्यथा बढ़ने की आशंका

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान प्रशासन द्वारा पति-पत्नी के अलगाव, या वैवाहिक सम्बन्ध समाप्त करने की शर्तों पर जारी किए गए आधिकारिक आदेश से न केवल बाल विवाह को लाइसेंस मिलेगा, बल्कि महिलाओं और लड़कियों के लिए दुर्व्यवहार व पीड़ा भरे रिश्तों को छोड़ पाना भी कठिन हो जाएगा. संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है. 

अफगान महिलाएं और लड़कियां, जिनमें से कई ईरान और पाकिस्तान से जबरन लौटी हैं, आर्थिक और पर्यावरणीय कठिनाइयों के बीच अपने जीवन का पुनर्निर्माण करने की कोशिश में एक भीड़भाड़ वाले विस्थापित शिविर से गुजर रही हैं।
© UN Women/Sayed Habib Bidell

अफ़ग़ानिस्तान: महिलाओं की गिरफ़्तारियों और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर चिन्ता

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने हेरात शहर में महिलाओं की गिरफ़्तारियों और प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने की घटनाओं पर गहरी चिन्ता व्यक्त की है.

यूनिसेफ सीईएफसी सुविधा प्रदाता, नाजीरुल्लाह आदिल, अफगानिस्तान में एक विस्थापित शिविर में एक युवा लड़की के साथ बातचीत करने के लिए घुटने टेकते हुए, भूकंप की तैयारी के बारे में एक सुरक्षा ब्रोशर रखते हुए। नीले तम्बू और पहाड़ पृष्ठभूमि बनाते हैं।
© UNICEF/Muzamel Azizi

WFP ने 15 हज़ार किलोमीटर की यात्रा करके, अफ़ग़ान स्कूली बच्चों तक पहुँचाया भोजन

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के बाहरी क्षेत्र में स्थित विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक गोदाम में, कई सप्ताह की यात्रा के बाद पोषक तत्वों से समृद्ध बिस्कुटों की खेप पहुँची है. इस खेप को 15 हज़ार किलोमीटर लम्बी यात्रा पूरी करके काबुल पहुँचाया गया. यात्रा के दौरान इसे दो बार व्यवधानों का सामना करना पड़ा, जबकि अन्तिम चरण में सड़क मार्ग से 9 देशों की सीमाओं को पार करना पड़ा.

एक नीले रंग के हेडस्कार्फ वाली महिला घर के अंदर एक कंबल पर बैठी है और एक साधारण कमरे की खिड़की से बाहर देख रही है।
© UNICEF/Madhok

स्थिरता के आभास के बावजूद, अफ़ग़ानिस्तान 'मानवीय व आर्थिक चुनौतियों की चपेट में'

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि तालेबान प्रशासन के दौरान देश में सुरक्षा हालात अपेक्षाकृत बेहतर हुए हैं, लेकिन मानवीय स्थिति अब भी निरन्तर बिगड़ रही है, महिलाओं व लड़कियों पर पाबन्दियों से उनका जीवन दूभर है और आर्थिक दबावों की वजह से भविष्य अनिश्चित नज़र आ रहा है.

बाग्लान प्रांत में घरों और सामानों को नष्ट करने वाले फ्लैश बाढ़ के बाद यूनिसेफ से आपातकालीन नकद सहायता प्राप्त करते हुए नीले बुर्का पहनने वाली महिलाओं के बीच एक लाल हेडशेफ वाली एक युवा अफगान लड़की खड़ी है।
© UNICEF/Osman Khayyam

अफ़ग़ानिस्तान: बाल विवाह को वैध ठहराने वाले तालेबानी फ़रमान की निन्दा

बाल अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र समिति ने, अफ़ग़ानिस्तान में सत्तारूढ़ तालेबान द्वारा बाल विवाह को वैध क़रार जाने वाले नए आधिकारिक आदेश की कठोर निन्दा करते हुए उसे अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून का गम्भीर उल्लंघन बताया है. इस फ़रमान के तहत लड़की की चुप्पी को विवाह के लिए उसकी सहमति मान लिया गया है.

कंधार, अफगानिस्तान में एक धुंधली रोटी की दुकान में महिलाएं आटा गूंथती हैं और रोटी बनाती हैं।
© IOM

अफ़ग़ानिस्तान: नए तालेबानी आदेश से, महिलाओं के साथ भेदभाव गहराने का जोखिम

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने वैवाहिक अलगाव से जुड़े मामलों में, सत्तारूढ़ तालेबान प्रशासन के एक नए आदेश पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे अफ़ग़ान महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों को और ठेस पहुँचेगी और क़ानून व व्यवहार में उनके साथ होने वाला व्यवस्थागत भेदभाव और गहराएगा.

संयुक्त राष्ट्र-हैबिटेट और यूनिसेफ के प्रतिनिधियों का अफगान पुरुषों के साथ शरणार्थी शिविर में मिलन हुआ है, जिसकी पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र के तंबू दिखाई दे रहे हैं।
© UN-Habitat /Balaji Rajkumar

अफ़ग़ानिस्तान: देश लौटने वाले 27 लाख लोगों के लिए सहायता योजना

संयुक्त राष्ट्र और ग़ैर-सरकारी संगठन साझीदारों ने ईरान व पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान वापिस लौट रहे अनुमानित 27 लाख लोगों की सहायता के लिए 52 करोड़ 90 लाख डॉलर की नई सहायता योजना शुरू की है. एजेंसियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की वापसीदेश के लिए तत्काल मानवीय संकट और लम्बी अवधि की विकास चुनौती, दोनों बन रही है.

अफ़ग़ानिस्तान के जलालाबाद में डब्ल्यूएफ़पी समर्थित हिसार शाही स्वास्थ्य केन्द्र में महिलाएँ व बच्चे.
© WFP /Isheeta Sumra

अफ़ग़ानिस्तान: बहु संकट और धन कटौती का महिलाओं व बच्चों पर गम्भीर असर

एक साथ कई संकटों से जूझ रहे अफ़ग़ानिस्तान में कुपोषण की स्थिति लगातार गम्भीर होती जा रही है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि आर्थिक संकटक्षेत्रीय टकरावपाकिस्तान व ईरान से वापिस लौट रहे लाखों लोगों से उत्पन्न स्थितितथा सहायता धनराशि में भारी कटौती का सबसे अधिक असर माताओं और बच्चों पर पड़ रहा है.

अफगानिस्तान में एक रेडियो स्टूडियो में एक महिला रेडियो होस्ट और कई युवा लड़कियां, एक ध्वनि तरंग दिखाने वाले कंप्यूटर पर एक पुरुष ऑडियो इंजीनियर द्वारा निगरानी की जा रही हैं।
© Sandra Caligaro 

अफ़ग़ानिस्तान में पत्रकारों की गिरफ़्तारी पर गम्भीर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में सत्तारूढ़ तालेबान प्रशासन द्वारा कम से कम तीन पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है और इन पत्रकारों के अधिकारों का सम्मान किए जाने का आहवान किया है.

पेशेवर कैमरों के साथ पत्रकारों और फोटोग्राफर्स का एक समूह एक धातु की बाधा के पीछे इकट्ठा हुआ है और आगे देख रहा है।
UN Photo/Violaine Martin

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान से पत्रकारों की तत्काल व बिना शर्त रिहाई की अपील

अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञ रिचर्ड बैनेट ने, तालेबान शासन से, हिरासत में लिए गए सभी पत्रकारों को तुरन्त और बिना शर्त रिहा करने की अपील की है. यह अपील विशेष रूप से विश्व प्रैस स्वतंत्रता दिवस (3 मई) के अवसर पर विशेष अहमियत रखती है.