कोविड-19: मृतक संख्या दस लाख, 'दिमाग़ों को सुन्न कर देने वाला एक पड़ाव'

29 सितम्बर 2020

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के कारण होने वाली मौतों की संख्या 10 लाख होने पर कहा है कि निसन्देह, ये आँकड़ा, एक तकलीफ़देह पड़ाव के रूप में हमारे दिमाग़ों को सुन्न करने वाला है, मगर विश्व को हर एक इनसान की ज़िन्दगी को नज़रों से ओझल नहीं होने देना होगा.

महासचिव ने सोमवार रात को जारी एक वक्तव्य में कहा, “वो लोग - माता व पिता थे, पत्नी और पति थे, भाई और बहन थे, दोस्त और सहयोगी थे.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि अपने प्रियजनों को खो देने की तकलीफ़ महामारी की विकरालता के कारण कई गुना ज़्यादा गहरी हो गई है, संक्रमण के ख़तरे ने प्रियजनों को अपने परिवारों से दूर रखा हुआ है, और किसी की ज़िन्दगी ख़त्म हो जाने या किसी नए जीवन के आगमन पर ख़ुशिया मनाने की प्रक्रिया लगभग असम्भव हो गई है.

“किसी का हाथ थामे बिना, या प्यार भरा चुम्बन दिये बिना, या फिर जोश के साथ झप्पी दिये बिना, और फुसफुसाहट भरी आवाज़ में ‘आई लव यू’ कहे बिना, भला किसी को विदा कैसे कहा जा सकता है.”

उन्होने कहा कि इस सबके बावजूद, कोरोनावायरस के फैलाव, रोज़गार, कामकाज व आमदनी ख़त्म होने के सिलसिले, शिक्षा में पैदा हुए व्यवधान और हमारी ज़िन्दगी में मची उथल-पुथल का अभी कोई अन्त नज़र नहीं आ रहा है.

‘हम पार पा सकते हैं’

यूएन प्रमुख ने ये भी कहा कि अलबत्ता, तमाम मुश्किलों के बावजूद हम इस पर भी पार पा सकते हैं और हम सभी को ग़लतियों से सबक़ सीखना होगा.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “ज़िम्मेदार नेतृत्व बहुत मायने रखता है. विज्ञान का बहुत महत्व है. सहयोग बहुत अहम है और ग़लत जानकारी व सूचनाएँ फैलाना जानलेवा है."

"जब तक एक ऐसी वैक्सीन की तलाश के लिये अथक प्रयास जारी हैं जो किफ़ायती और सभी को उपलब्ध हो, आइये, लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने के लिये हम अपनी भूमिका अदा करते रहें.”

उन्होंने कहा, “जब ये हमारी स्मृतियों में है कि कितने लोगों की ज़िन्दगियाँ ख़त्म हो गई हैं, हमें ये कभी नहीं भूलना होगा कि हम सभी का भविष्य एकजुटता पर टिका हुआ है, लोगों की एकता के रूप में, और संयुक्त राष्ट्र के रूप में.”

नया "रैपिड टैस्ट"

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि एक ऐसा त्वरित परीक्षण (Rapid Test) तैयार करने के प्रयास हो रहे हैं जो सस्ता और सुलभ होगा और उससे निम्न व मध्यम आय वाले देशों में टैस्ट क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन और उसके साझेदारों के साथ हुए समझौते के अनुसार इस तरह की 12 करोड़ त्वरित परीक्षण किटें अगले छह महीनों के दौरान निम्न व मध्यम आय वाले देशों को मुहैया कराई जाएँगी.

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