यूक्रेन: सम्पर्क रेखा के इर्दगिर्द पहुँच की गारण्टी की अपील

26 अगस्त 2022

यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष सहायता अधिकारी डेनीज़ ब्राउन ने बीते सप्ताह के दौरान सघन गोलाबारी का शिकार हुए पूर्वोत्तर शहर – ख़ारकीयेव से, शुक्रवार को रूस व उसके साझीदार बलों से, पूरी सम्पर्क रेखा वाले इलाक़ों में अत्यन्त ज़रूरी मानवीय सहायता सामग्री की आपूर्ति करने की अनुमति की गारण्टी दिये जाने की एक आपात अपील जारी की है.

डेनीज़ ब्राउन, यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िटैण्ड कोऑर्डिनेटर भी हैं. उन्होंने कहा, सर्दियाँ नज़दीक हैं... और हम जो कुछ सहायता करना चाहते हैं उनमें अस्पतालों में इंसुलिन मुहैया कराना, कम्बल उपलब्ध कराना, बिस्तर मुहैया कराना चाहते हैं...इसमें कुछ भी जटिल नहीं है.

डेनीज़ ब्राउन इस समय यूक्रेन के पूर्वी व केन्द्रीय इलाक़ों में मानवीय स्थिति का स्वतः जायज़ा लेने के लिये वहाँ के तीन दिन के दौरे पर हैं.

निरन्तर बातचीत

डेनीज़ ब्राउन ने शुक्रवार को जिनीवा स्थित पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र युद्ध की विभाजक रेखा के आसपास के इलाक़ों में मानवीय सहायता पहुँचाने की अनुमति के लिये, लगातार बातचीत में सक्रिय है.

उन्होंने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं है कि क्या रूस ने सरकार के नियंत्रण से बाहर के इलाक़ों में क्या कुछ राहत सामग्री भेजी है या नहीं. सहायता संगठनों के पास अग्रिम मोर्चा रेखा को पार करने के कोई भी भरोसेमन्द रास्ते नहीं हैं.

मगर उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिये रूसी महासंघ से आवश्यक अनुमति मिल जाएगी.

उन्होंने बताया कि मानवीय सहायता एजेंसियाँ अभी तक सरकार के नियंत्रण से बाहर के इलाक़ों में 10 लाख लोगों तक पहुँच बना चुके हैं, मगर उन्होंने साथ ही आगाह भी किया कि अगर किसान अपने खेतों तक नहीं पहुँच सकते हैं तो, इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर विशाल विपरीत असर पड़ेगा.

भयावह सर्दियाँ निकट

यूएन सहायता संयोजक ने आगाह करते हुए कहा कि यूक्रेन में सर्दियाँ बहुत तेज़ी से निकट आ रही हैं और उन्हें नहीं लगता कि पूर्वी व दक्षिणी इलाक़ों में बेहद कमज़ोर हालात में रहने वाले लोगों के पास वो सब कुछ सामान है, जिसकी उन्हें जीवित रहने के लिये आवश्यकता है.

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण शुरू होने के छह महीनों के भीतर, लगभग एक करोड़ 80 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जोकि देश की कुल आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है.

डेनीज़ ब्राउन ने एक वक्तव्य में कहा कि बहुत से वृद्ध जन क्षतिग्रस्त मकानों में रह रहे हैं और पूर्वी क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में गैस या बिजली की क़िल्लत के कारण, लोग अगर अपने घरों को गर्म नहीं रख सके तो, कुछ लोगों के लिये जीवन-मृत्यु का सवाल हो सकती है.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यों की समन्वय एजेंसी – OCHA की, सर्दियों की योजनाओं के बारे में बताया कि हमें भिन्न तरीक़े से काम करना होगा...हम केवल ये मान सकते हैं कि युद्ध में फँसे लोगों के पास, सर्दियों के इस मौसम से निकलने के लिये, आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, और सर्दियों का ये मौसम जल्दी शुरू होकर लम्बे समय तक चलता है.

 

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