संघर्ष

इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र में लड़ाई से उत्पन्न संकट ने, लाखों लोगों को आपात मानवीय सहायता के ज़रूरतमन्द बना दिया है.
© UNICEF/Christine Nesbitt

इथियोपिया: रोकथाम-योग्य बीमारियों में भयावह वृद्धि पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्रों में उन बीमारियों के मामलों में उछाल पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है, जिनकी रोकथाम की जा सकती है. टीगरे क्षेत्र में हालात विशेष रूप से चिन्ताजनक हैं, जोकि पिछले दो साल से हिंसक संघर्ष से गुज़र रहा है और जहाँ मानवीय सहायता पहुँचाए जाने के प्रयासों में मुश्किलें पेश आई हैं.

 

फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा के उत्तरी इलाक़े में, एक फ़लस्तीनी शरणार्थी परिवार, यूएन राहत एजेंसी के शिविर में पनाह लिये हुए.
©UNRWA Photo/Mohamed Hinnawi

इसराइल-फ़लस्तीन: मौजूदा ठहराव को पलटने के लिये, तत्काल सार्थक क़दमों की ज़रूरत

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष संयोजक टॉर वैनेसलैण्ड ने बुधावार को सुरक्षा परिषद को बताया है कि इसराइल से फ़लस्तीनी धरती पर नई यहूदी बस्तियों के निर्माण रोकने की मांग करने वाला प्रस्ताव 2334, दिसम्बर 2016 में पारित होने के बाद से, इसके क्रियान्वयन पर “मामूली प्रगति” हुई है.

म्याँमार के किसी स्थान का दृश्य
© ADB

म्याँमार: 11 बच्चों की मौत के लिये ज़िम्मेदार हमले की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, सरकारी सैनिकों द्वारा, विद्रोहियों का गढ़ समझे जाने वाले उत्तरी इलाक़े में एक स्कूल को निशाना बनाकर किये गए हमलों की कड़ी निन्दा की है. इन हमलों में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, जिनमें 11 बच्चे हैं.

सोमालिया में युद्ध व सूखा के हालात के कारण, देश के अनेक हिस्सों में खाद्य सामान की भारी क़िल्लत हो गई है.
© WFP/Kevin Ouma

‘भुखमरी की सूनामी’ से, बहुत से अकाल पड़ने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने गुरूवार को सुरक्षा परिषद में बताया है कि संघर्ष जनित अकालों और व्यापक दायरे वाली खाद्य असुरक्षा के जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में उन्होंने सुरक्षा परिषद से इन आपस में गुँथे हुए संकटों का सामना करने और प्रभावित क्षेत्रों में टिकाऊ शान्ति स्थापना की दिशा में काम करने का आग्रह किया है.

कुछ बच्चे अपने स्कूल में, खिड़की से झाँकते हुए.
© UNESCO/Yayoi Segi-Vltchek

शिक्षा संरक्षण दिवस: स्कूलों को ‘शान्ति व शिक्षा’ के स्थल बने रहने देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा संरक्षण दिवस पर ज़ोर देते हुए कहा है कि शिक्षा एक मूलभूत मानवाधिकार है और “शान्ति व टिकाऊ विकास की प्राप्ति के लिये एक अनिवार्य उत्प्रेरक भी है.”

संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और मानवीय सहायता कार्यों की समन्वय एजेंसी OCHA, यूक्रेन में व्यापक पैमाने पर लोगों को सहायता मुहैया करा रहे हैं.
© WFP/Viktor Pesenti

यूक्रेन: सम्पर्क रेखा के इर्दगिर्द पहुँच की गारण्टी की अपील

यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष सहायता अधिकारी डेनीज़ ब्राउन ने बीते सप्ताह के दौरान सघन गोलाबारी का शिकार हुए पूर्वोत्तर शहर – ख़ारकीयेव से, शुक्रवार को रूस व उसके साझीदार बलों से, पूरी सम्पर्क रेखा वाले इलाक़ों में अत्यन्त ज़रूरी मानवीय सहायता सामग्री की आपूर्ति करने की अनुमति की गारण्टी दिये जाने की एक आपात अपील जारी की है.

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दाहार में, एक मेडिकल क्लीनिक में, एक महिला अपने बच्चे के साथ.
© UNICEF/Alessio Romenzi

अफ़ग़ानिस्तान: मानवीय सहायता से ज़िन्दगियाँ बचीं, मगर विशाल ज़रूरतें बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यालय (OCHA) ने गुरूवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले लगभग एक साल के दौरान सहायता में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी के बावजूद, अब भी विशाल ज़रूरतें मौजूद हैं और भविष्य स्याह नज़र आता है.

अफ़ग़ानिस्तान में, मौजूदा मानवीय संकट से, महिलाएँ व बच्चे, सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.
UNAMA/Shamsuddin Hamedi

अफ़ग़ानिस्तान: तालेबान के शासन में मानवाधिकार हनन व दुर्व्यवहार के मामले रेखांकित

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि अगस्त 2021 में तालेबान द्वारा देश की सत्ता पर नियंत्रण करने के बाद से, बुनियादी मानवाधिकारों का ह्रास हुआ है. रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि देश में न्यायेतर मौतों, उत्पीड़न, मनमाने तरीक़े से गिरफ़्तारियों व बन्दीकरण, और बुनियादी स्वतंत्रताओं के हनन की ज़िम्मेदारी, तालेबान पर ही पड़ती है.

युद्ध व सूखा के कारण विस्थापित बच्चे, इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में तस्वीर खिंचाते हुए.
© UNICEF/UN0639245/Sewunet

संघर्ष में फँसे बच्चों के संरक्षण के लिये सर्वश्रेष्ठ रास्ता – शान्ति की हिमायत व प्रोत्साहन

बच्चे व सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि वर्जीनिया गाम्बा ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि सशस्त्र संघर्ष की स्थितियों में बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित करने व उनके मानवाधिकार हनन को रोकने का सर्वश्रेष्ठ रास्ता, शान्ति को प्रोत्साहन और उसकी हिमायत करना है.

यूक्रेन के एक रिहायशी इलाक़े में एक 10 वर्षीय बच्चा अपने परिवार के घर वाली इमारत के सामने से गुज़रता हुआ. ये इमारत, एक हवाई हमले में ध्वस्त हो गई.
© UNICEF/Ashley Gilbertson

संघर्षरत क्षेत्रों में हज़ारों बच्चे, भयावह हालात में रहने को विवश, यूएन रिपोर्ट

बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र की सोमवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में, वर्ष 2021 के दौरान दुनिया भर में बच्चों पर, विभिन्न तरह के संघर्षों द्वारा छोड़े गए विनाशकारी प्रभावों का विवरण दिया गया है.