WHO: मंकीपॉक्स संक्रमण के 35 हज़ार मामले

17 अगस्त 2022

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि मंकीपॉक्स के संक्रमण मामले दुनिया भर में बढ़ रहे हैं और अभी तक 92 देशों व क्षेत्रों में, 35 हज़ार मामले सामने आ चुके हैं, 12 लोगों की मौत भी हुई है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में अपनी नियमित प्रैस ब्रीफ़िंग में कहा, लगभग साढ़े सात हज़ार मामले गत सप्ताह दर्ज किये गए, जोकि उससे पहले के सप्ताह की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी थी. उस सप्ताह में भी उससे पहले के सप्ताह की तुलना में 20 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी.

मंकीपॉक्स के संक्रमण के ज़्यादातर मामले योरोप और अमेरिका क्षेत्र से रिपोर्ट हो रहे हैं, और अधिकतर मामले ऐसे पुरुषों में देखे जा रहे हैं जो पुरुषों के साथ सम्भोग करते हैं.

तैयार रहें

डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, तमाम देशों का मुख्य ध्यान ये सुनिश्चित करने पर होना चाहिये कि वो मंकीपॉक्स के लिये तैयार हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रभावशाली उपकरणों से उसे रोकने में भी समर्थ हों, इनमें बीमारी की वृहद निगरानी, सम्पर्क में आने वाले लोगों की निगरानी, उपयुक्त संचार और सामुदायिक जुड़ाव, और जोखिम न्यूनीकरण उपाय शामिल हैं.

फ़िलहाल वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स की वैक्सीन की आपूर्ति सीमित है, और वैक्सीन्स की प्रभावशीलता के बारे में भी सीमित आँकड़े उपलब्ध हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन वैक्सीन निर्माताओं, और वैक्सीन्स के टीके साझा करने के इच्छुक देशों व संगठनें के सम्पर्क में है.

डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, हम इस बात को लेकर चिन्तित हैं कि कोविड-19 के दौरान वैक्सीन्स की उपलब्धता के बारे में जो असमानता हमने देखी है, वही मंकीपॉक्स के मामले में भी दोहराई जाएगी, और निर्धनतम को अब भी पीछे छोड़ना जारी रखा जाएगा.

कोविड मृत्यु बिल्कुल अस्वीकार्य

पिछले चार सप्ताहों के दौरान, कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जोकि 35 प्रतिशत रही है. केवल पिछले एक सप्ताह के दौरान ही 15 हज़ार ज़िन्दगियाँ खोई जा चुकी हैं.

डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि एक सप्ताह में 15 हज़ार लोगों की मौत, बिल्कुल अस्वीकार्य है, जबकि संक्रमण फैलाव की रोकथाम करने और ज़िन्दगियाँ बचाने के तमाम उपकरण हमारे पास उपलब्ध हैं.

उन्होंने कहा कि अलबत्ता, हम सभी कोविड-19 से ऊब चुके होंगे, मगर वायरस अभी नहीं थका है.

सर्दियों की चिन्ता

डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि ये समझना लगातार कठिन हो रहा है कि ये वायरस अब सर्दियों में अपना रूप किस तरह बदलेगा.

उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दियों का मौसम नज़दीक आ रहा है और लोग ज़्यादा समय बन्द स्थानों में गुज़ारने लगेंगे, इसलिये और ज़्यादा सघन संक्रमण होने का जोखिम और ज़्यादा ही बढ़ेगा.

उन्होंने सलाह देते हुए कहा, मगर हम सभी असहाय नहीं हैं – अगर आपने अभी तक वैक्सीन का टीका नहीं लगवाया है तो तुरन्त लगवा लें, और अगर आपको बूस्टर की अवश्यकता है तो वो भी लगवाएँ.

डॉक्टर टैड्रॉस ने साथ ही अन्य ऐहतियाती उपाय भी जारी रखने की सलाह दी.

इस वायरस को एक सामान्य स्थिति मानकर जीवन जीने के लिये अभी बहुत कुछ सीखने की काफ़ी बात हो रही है. मगर हम एक सप्ताह में 15 हज़ार लोगों की मौतें स्वीकार नहीं कर सकते हैं.

 

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