OCHA: 2021 में 140 सहायताकर्मियों की मौत, सहायता धन की भारी कमी

12 अगस्त 2022

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों की एजेंसी (OCHA) ने शुक्रवार को चेतावनी के अन्दाज़ में कहा है कि मानवीय सहायता अभियानों के लिये इस समय लगभग 34 अरब डॉलर की रक़म की कमी है जोकि मांग व उपलब्धता के बीच अभी तक का सबसे विशाल अन्तर है.

ये समाचार ऐसे समय आया है जब वैश्विक ज़रूरतें, अभूतपूर्व रूप से रिकॉर्ड ऊँचाई पर हैं, और दुनिया भर में लगभग 30 करोड़, 30 लाख लोग संकटों की स्थिति में हैं.

यूएन सहायता एजेंसी के प्रवक्ता जेन्स लाएर्के का कहना है, संयुक्त राष्ट्र की अपीलों का लक्ष्य सर्वाधिक निर्बल परिस्थितियों में रहने वाले ,लगभग 20 करोड़ 40 लाख लोगों तक पहुँच बनाना है.

इससे पहले कभी भी इतने विशाल स्तर पर उत्पन्न ज़रूरतों के लिये मानवीय सहायता पहुँचाने की स्थिति नहीं हुई और ये मानवीय सहायता अभूतपूर्व ख़तरनाक हालात में मुहैया कराई जा रही है.

रक़म ज़रूरतों में विशाल अन्तर

संयुक्त राष्ट्र के समन्वय से इस वर्ष चलाई जा रही राहत परियोजनाओं की लागत लगभग 50 अरब डॉलर है.

अलबत्ता, धन जुटाने की अपीलें अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं जोकि लगभग 15 अरब डॉलर के बराबर हैं, मगर ज़रूरतें अब भी धन उपलब्धता के स्तर से ज़्यादा हैं.

जेन्स लाएर्के ने कहा कि ये अन्तर अभी तक का सबसे विशाल है. अलबत्ता, ये भी सही है कि दानदाताओं द्वारा धन मुहैया कराने के संकल्प भी अभी तक की सबसे ज़्यादा हैं.

इसलिये समस्या ये है: दुनिया भर में आवश्यकताएँ बहुत ज़्यादा बढ़ रही हैं, दानदाताओं से मिलने वाली धनराशि की तुलना में, कहीं ज़्यादा रफ़्तार से.

2021 में 140 सहायताकर्मियों की मौत

संयुक्त राष्ट्र की साझीदार एजेंसियों के आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 के दौरान, ड्यूटी के दौरान 140 सहायताकर्मियों की मृत्यु हो गई, जोकि वर्ष 2013 के बाद से सबसे बड़ी संख्या है.

यूएन एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि सहायताकर्मियों के लिये सर्वाधिक हिंसक देश दक्षिण सूडान, उसके बाद अफ़ग़ानिस्तान और सीरिया हैं.

आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 के दौरान भी अभी तक 168 सहायताकर्मियों पर हमले हो चुके हैं, जिनके कारण 44 लोग हताहत हुए हैं.

विश्व मानवीय सहायता दिवस

इस बीच 19 अगस्त को विश्व मानवीय सहायता दिवस मनाए जाने के अवसर पर, यूएन आपदा राहत मामलों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने एक वक्तव्य जारी करके, उन सभी सहायताकर्मियों का अभिवादन किया है जो ज़रूरतमन्द लोगों की मदद करने के लिये अक्सर ख़तरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं.

वक्तव्य में उन लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई है जिन्होंने ड्यूटी करते हुए ही, अपने जीवन का बलिदान कर दिया.

 

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