यमन: 'युद्ध विराम समझौते की कामयाबी,पक्षों की प्रतिबद्धता पर निर्भर'

यमन के अल धलए में विस्थापितों के लिये बनाए गए शिविर में एक परिवार.
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यमन के अल धलए में विस्थापितों के लिये बनाए गए शिविर में एक परिवार.

यमन: 'युद्ध विराम समझौते की कामयाबी,पक्षों की प्रतिबद्धता पर निर्भर'

शांति और सुरक्षा

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने कहा है कि देश में रमदान महीने के साथ ही शनिवार, 2 अप्रैल को शुरू हुए दो महीने के युद्धविराम समझौते की कामयाबी के लिये, संकल्प व प्रतिबद्धता बहुत महत्वपूर्ण कारक साबित होंगे.

यमन में पिछले सात वर्षों से भी अधिक समय से जारी युद्ध में कई लाख लोगों की मौत हुई है. ये लड़ाई सऊदी नेतृत्व वाले गठबन्धन के समर्थन वाली यमनी सेनाओं और हूथी विद्रोहियों के बीच चल रही है.

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विशेष दूत हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने एक वक्तव्य में युद्ध विराम समझौते पर सकारात्मक प्रतिक्रिया का स्वागत किया है जोकि रमदान के पवित्र महीने के आरम्भ के साथ शुरू हुआ है.

कामयाबी और सद्इच्छा

विशेष दूत ने कहा, “इस युद्ध विराम समझौते की कामयाबी, इसे लागू करने के लिये सम्बद्ध पक्षों की लगातार प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी, जिसमें मानवीय सहायता के उपाय भी शामिल होंगे.”

“मुझे ये भी उम्मीद है कि सभी पक्षों की तरफ़ से आम लोगों में जो सद्इच्छा नज़र आई है, वो भड़काऊ मीडिया बयानबाज़ी और नफ़रत भरी भाषा यानि Hate speech को, लम्बी अवधि के लिये कम करने में तब्दील हो सकेगी.”

यमन के लिये विशेष दूत ने युद्ध विराम समझौते का ऐलान शुक्रवार को किया था जिसमें देश के भीतर और उसकी तमाम सीमाओं पर, सभी ज़मीनी, हवाई और समुद्री हमलों को तुरन्त रोकने की पुकार लगाई गई है. 

ईंधन से भरे जहाज़ों को भी हुदायदाह बन्दरगाह में दाख़िल होने की इजाज़त होगी, और राजधानी सना से व्यावसायिक विमान भी, क्षेत्र में पूर्व निर्धारित ठिकानों के लिये उड़ानें भर सकेंगे.

सम्बद्ध पक्ष ताइज़ और अन्य प्रशासनिक इकाई क्षेत्रों में सड़क मार्ग खोलने पर सहमति के लिये मिलने पर राज़ी हुए हैं.

ये युद्ध विराम समझौता दो महीने की अवधि पूरी होने के बाद भी, सम्बद्ध पक्षों की सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा.

विश्वास बहाली

विशेष दूत हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने सभी पक्षों के बीच विश्वास बढ़ाने में और युद्ध समाप्ति की दिशा में आगे बढ़ने की ख़ातिर राजनैतिक प्रक्रिया शुरू करने के लिये, युद्ध विराम समझौते की महत्ता पर ज़ोर दिया.

विशेष दूत ने रमदान का पवित्र महीना शुरू होने पर देश के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ भी पेश करते हुए कहा, “मुझे उम्मीद है कि ये युद्ध विराम समझौता शुरू होने से, यमन के लोगों को ये पवित्र महीना शान्ति, सुरक्षा और भाईचारे के साथ गुज़ारने का मौक़ा मिलेगा.”

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को कहा था कि ये युद्ध विराम समझौता, देश में विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में पहला क़दम साबित होना चाहिये.

यूएन प्रमुख ने कहा था कि युद्ध में विराम के साथ-साथ देश में ईंधन से भरे जहाज़ों की आमद और देश के भीतर व बाहर के लिये, लोगों व सामान की आवाजाही पर लगी पाबन्दियों में ढील दिये जाने से, विश्वास निर्माण में मदद मिलेगी. 

साथ ही इस संघर्ष का एक शान्तिपूर्ण समाधान तलाश करने की ख़ातिर, वार्ताएँ फिर शुरू करने के लिये अनुकूल माहौल बन सकेगा.