यमन: अदन हवाई अड्डे पर हुए हमले की तीखी भर्त्सना

यमन के दक्षिणी हिस्से में स्थित ऐडेन अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा.
UNOCHA/Giles Clarke
यमन के दक्षिणी हिस्से में स्थित ऐडेन अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा.

यमन: अदन हवाई अड्डे पर हुए हमले की तीखी भर्त्सना

शांति और सुरक्षा

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने बुधवार को अदन हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले की तीखी भर्त्सना की है. इस हमले में कम से कम 26 लोगों के मारे जाने, और 50 से ज़्यादा के घायल होने की ख़बरें हैं.

मीडिया ख़बरों के अनुसार, सऊदी अरब से आए एक विमान के हवाई अड्डे पर उतरने के कुछ देर बाद, वहाँ विस्फोटकों के तेज़ धमाके और गोलियाँ चलने की आवाज़ें सुनी गईं. उस विमान में, यमन की नई सरकार के सदस्य सवार थे.

विमान के यात्रियों को सुरक्षित तरीक़े से राष्ट्रपति भवन में पहुँचा दिया गया है.

विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने बुधवार को एक वक्तव्य जारी करके कहा, “मैं अदन हवाई अड्डे पर कैबिनेट के पहुँचने पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करता हूँ जिसमें अनेक निर्दोष लोग हताहत हुए हैं.”

उन्होंने हताहतों के परिजनों के साथ गहरा शोक और एकजुटता प्रकट किये हैं.

वक्तव्य में कहा गया है, “मैं कैबिनेट को, इस कठिनाई का सामना करने की हिम्मत की कामना करता हूँ. हिंसा का ये अस्वीकार्य कृत्य इस महत्ता की दुखद याद दिलाता है कि यमन को यथाशीघ्र शान्ति के रास्ते पर ले जाना होगा.”

लड़ाई में फँसे लोग

अरब क्षेत्र का सबसे संकटग्रस्त और निर्धन देश यमन, वर्ष 2015 से ही गम्भीर संघर्ष का सामना कर रहा है.

ये लड़ाई सऊदी समर्थित गठबन्धन के समर्थन वाली यमन सरकार और हूथी विद्रोही समूह के बीच चल रही है.

यमन सरकार को अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है, और हूथी विद्रोहियों को अन्सार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता कार्यों की एजेंसी OCHA द्वारा दिसम्बर के शुरू में जारी आँकडों के अनुसार, इस युद्ध में, 2 लाख 30 हज़ार से भी ज़्यादा यमनी लोगों की मौत हो चुकी है.

इनमें से ज़्यादातर यानी लगभग 1 लाख 31 हज़ार लोगों की मौत, युद्ध के अप्रत्यक्ष कारणों से हुई है जिनमें भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढाँचे की कमी प्रमुख हैं.

वर्ष 2020 के पहले 9 महीनों के दौरान, 3 हज़ार से ज़्यादा बच्चों की मौत हुई है और 1500 आम लोग हताहत हुए.

बुधवार को, ऐडेन हवाई अड्डे पर हुआ हमला ये दिखाता है कि यमन की सरकार के सामने मौजूद चुनौतियाँ कितनी गम्भीर हैं. यमन सरकार के बहुत से सदस्यों को सऊदी अरब में रहकर ही काम करना पड़ रहा है.

यमन में, शान्ति स्थापना के लिये, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत द्वारा मुहैया कराई जा रही मध्यस्थता में, कई महीनों से जारी शान्ति वार्ता के दौरान कुछ शान्ति रहने के बाद, ऐडेन हवाई अड्डे पर ये हमला हुआ है.