भारत: सेवा के जज़्बे को सम्मान देते स्वयं सेवक पुरस्कार

वी-पुरस्कारों के पांचवें संस्करण में, देश भर के 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-निर्माताओं को सम्मानित किया गया.
UNV India
वी-पुरस्कारों के पांचवें संस्करण में, देश भर के 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-निर्माताओं को सम्मानित किया गया.

भारत: सेवा के जज़्बे को सम्मान देते स्वयं सेवक पुरस्कार

यूएन मामले

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा स्थापित स्वयंसेवक पुरस्कारों (वी-पुरस्कारों) के पांचवें संस्करण में, इस वर्ष भारत में, अन्तरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस (IVD) पर देश भर के 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-वाहकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समुदायों में विकास सम्बन्धी चुनौतियों से निपटने के लिये असाधारण कार्य किए हैं.

 

2022 के अन्तरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस की थीम थी, "स्वयंसेवा के ज़रिये एकजुटता," जिसके तहत मुख्य सन्देश है "स्वयंसेवा के ज़रिये सकारात्मक बदलाव लाने के लिये सामूहिक मानवता की शक्ति."

स्वयंसेवा को प्रेरित करता यूएनवी (UN Volunteer) का अभियान, “Together, act now”, एकता और तत्काल कार्रवाई को प्रोत्साहित करता है, व देश भर में स्वयंसेवकों के अमूल्य योगदान को पहचानने के साथ-साथ, स्वयंसेवा को बढ़ावा देने और लोगों को स्वयंसेवा के लिये जुटाने का काम करता है.

इस दिन, युवा मामलों और खेल मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र स्वयंसेवकों (यूएनवी) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा स्थापित स्वयंसेवी पुरस्कारों (वी-पुरस्कारों) के पांचवें संस्करण के तहत एक समारोह में, स्वयंसेवकों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना के लिये, 10 युवा सामाजिक परिवर्तन-निर्माताओं को सम्मानित किया गया.

पुरस्कार विजेताओं के नाम हैं -

1. महाराष्ट्र राज्य की संस्कृति दलवी ने 14 साल की छोटी उम्र में अपने इलाक़े में पानी की कमी से निपटने हेतु, 100 से अधिक युवाओं को जल संरक्षण तकनीक के लिये एकजुट किया, जिससे ज़मीनी जल का स्तर 600 फीट से बढ़कर 60 फीट पर पहुँच गया है.

2. राजस्थान के अधि दैव ने स्थानीय समुदायों को केवल एक लीटर पानी से पौधे उगाने की तकनीक सिखाकर, 15 एकड़ रेगिस्तानी इलाक़े को हरा-भरा कर दिया.

3. आंध्र प्रदेश के गोभानु कोरीसेपति ने माइक्रो-फाइनेंस संस्था के ज़रिये, 2 हज़ार 700 महिलाओं व परिवारों को लाभ पहुँचाया और उन्हें अब तक कुल 1.23 करोड़ का त्रृण मुहैया करवा चुके हैं.

4. उत्तर प्रदेश के आकाश सिंह, जेल के क़ैदियों को आजीविका सम्बन्धी प्रशिक्षण देने के साथ-साथ, जल प्रदूषण और अपशिष्ट प्रबन्धन से निपटने में भी मदद कर रहे हैं.

5. हरियाणा के आर्यन जैन, अपने ऐप ‘धनदनादन’ के ज़रिये, वित्तीय साक्षरता फैलाकर, कमज़ोर वर्ग के लोगों में जागरूकता फैला रहे हैं.

6. तमिलनाडु की अश्विनी रमेश, एक क़ानून सम्बन्धी पोर्टल के माध्यम से, कमज़ोर तबके को क़ानूनी सलाह व मदद मुहैया करवाती हैं.

7. दिल्ली के नव अग्रवाल, लोगों को जुटाकर, अपशिष्ट प्रबन्धन, री-सायक्लिंग व पेड़ लगाकर हरियाली बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

8. पश्चिम बंगाल के मोहम्मद सिराज, अपनी युवा स्वयंसेवकों की संस्था के तहत, बच्चों व युवाओं के अधिकारों पर काम करने के साथ-साथ, गंगा के पानी को स्वच्छ करने के लिये भी अभियान चलाते रहे हैं.

9. आंध्र प्रदेश के भरत बिसाठी ने अपने गाँव के युवाओं को 21वीं सदी के कौशलों का प्रशिक्षण देने, और बाल-विवाह के ख़िलाफ़ अभियान देने में अहम भूमिका निभाई है.

10. कर्नाटक की मोहना चन्द्रा ने शिक्षा पर केन्द्रित अपनी संस्था के ज़रिये, सेरिब्रल पाल्सी के बच्चों व ऑटिस्टिक बच्चों की शिक्षा के लिये सफलतापूर्वक कई कार्यक्रम चलाए हैं.

निस्वार्थ भाव की प्रशंसा

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में SDG Moment 2022 का एक दृश्य. यूएन स्वयंसेवक भी एसडीजी प्राप्ति में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं.
UN Photo/Mark Garten
न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में SDG Moment 2022 का एक दृश्य. यूएन स्वयंसेवक भी एसडीजी प्राप्ति में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं.

भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर (RCO) शोम्बी शार्प ने इस अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश का सन्देश पढ़ते हुए दोहराया, "अन्तरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस पर, हम निष्पक्ष समाज और एक स्वस्थ ग्रह के निर्माण की दिशा में स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और योगदान का सम्मान करते हैं.''

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, भारत सरकार में युवा मामलों और खेल मंत्री, अनुराग सिंह ठाकुर, ने वी-अवार्ड विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए आशा व्यक्त की कि स्वयंसेवकों के प्रयास लाखों अन्य स्वयंसेवकों को प्रेरित करके बदलाव करने में सक्षम होंगे.

उन्होंने स्वयंसेवको के कार्य की सराहना करते हुए कहा, "भारत के युवाओं ने सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सा और सामुदायिक प्रतिक्रिया की अग्रिम पंक्ति में रहकर, ज़रूरत के इस समय में स्वयंसेवा की जो अटूट भावना दिखाई है, वो सराहनीय है.”

उन्होंने कहा, "युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा का पूर्ण से उपयोग करने के लिये, भारत सरकार का युवा मामलों का विभाग, व्यक्तित्व-निर्माण व राष्ट्र-निर्माण के दोहरे उद्देश्यों पर काम करता है. मतलब यह कि युवाओं और किशोरों के व्यक्तित्व का विकास करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण की विभिन्न गतिविधियों में शामिल करना.”

एसडीजी प्राप्ति में सहयोग

वहीं, यूएनडीपी की स्थानीय प्रतिनिधि, शोको नोडा ने कहा कि स्वयंसेवा की भावना टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDG) की भावना भी है.

दुनिया भर में यूएनडीपी के साथ संयुक्त राष्ट्र के स्वयंसेवक - शान्ति निर्माताओं, इंजीनियरों, लैंगिक समानता के पैरोकारों और युवा सलाहकारों के रूप में एसडीजी को समुदायों तक पहुँचाने के लिये प्रयास कर रहे हैं.

भारत में यूनीसेफ़ की देश प्रतिनिधि, सिन्थिया मैककैफ़्रे ने आईवीडी 2022 समारोह के दौरान स्वयंसेवकों और युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा, "#एसडीजी प्राप्त करने के लिये आपने जिस साहस और नेतृत्व का प्रदर्शन किया है, वह बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण है."

भारत में यूएनएफ़पीए की रेजिडेंट प्रतिनिधि, एंड्रिया एम वोजनार ने भारत के युवाओं को अधिक समर्थन देने पर ज़ोर दिया, ताकि वे एक स्थाई बदलाव ला सकें.

उन्होंने कहा, "पिछले दो साल हम सभी के लिये चुनौतीपूर्ण रहे हैं, ख़ासतौर पर युवाओं के लिये. लेकिन ध्यान दें - आपको हमारा समर्थन है, हम आपकी आवाज़ सुनते हैं, उसका मूल्य समझते हैं और आपकी सराहना करते हैं. अब हम इनसानों की ताक़त 8 अरब की हो चुकी है – मतलब यह कि मानवता मज़बूत हुई है और इस ताक़त का एक बड़ा हिस्सा युवाओं से आता है- जो भारत की नब्ज़ हैं.”

यूएनवी में एशिया प्रशान्त क्षेत्र की क्षेत्रीय प्रबन्धक, शालिना मियाह ने अपनी समापन टिप्पणी में, संयुक्त राष्ट्र की मज़बूत साझेदारी को स्वीकार करते हुए कहा, कि इससे दुनिया भर में स्वयंसेवा का समर्थन जारी है.

उन्होंने कहा, “स्वयंसेवा लोगों को एक अन्तर लाने का अवसर देती है और दुनिया भर के समुदायों में एकजुटता व समावेशन को मज़बूत करती है.”