यूनीसेफ़

रोमानिया में एक रोमा परिवार
© UN Photo/Patric Pavel

यूनीसेफ़ - बच्चों के विरुद्ध नस्लभेद और भेदभाव सर्वत्र व्याप्त

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने रविवार, 20 नवम्बर को मनाए जाने वाले 'विश्व बाल दिवस' के अवसर पर जारी की गई एक नई रिपोर्ट में कहा है कि दुनिया भर के देशों में जातीयता, भाषा और धर्म के आधार पर बच्चों के ख़िलाफ़ नस्लभेद और भेदभाव व्याप्त है.

चाड में 30 वर्षों में सबसे भीषण बारिश हुई है, जिसके बाद नदियां उफ़ान पर थीं.
© UNICEF/Aldjim Banyo

विनाशकारी बाढ़ के कारण, विश्व भर में ढ़ाई करोड़ से अधिक बच्चों पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने आगाह किया है कि इस वर्ष विश्व के 27 देशों में कम से कम दो करोड़ 77 लाख बच्चे भीषण बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे उनके जीवन पर जोखिम मंडरा रहा है. यूएन एजेंसी ने मिस्र के शर्म अल-शेख़ में यूएन के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप27) के दौरान यह ऐलर्ट जारी किया है.

यमन में विस्थापित लोगों के लिये बनाए गए एक शिविर में, कुछ बच्चे, पानी की बौछारों का आनन्द लेते हुए.
© UNICEF/Gabreez

यूनीसेफ़: ‘गर्म हवा 2050 तक, लगभग हर बच्चे को प्रभावित करने के पथ पर’

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष UNICEF ने  मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि गर्म हवा अनेक देशों में एक अपरिहार्य स्वास्थ्य आपदा बन चुकी है, मगर नए आँकड़ों से संकेत मिलता है कि दरअसल गर्म हवा, वर्ष 2050 तक पृथ्वी पर मौजूद लगभग हर बच्चे को प्रभावित करने के रास्ते पर अग्रसर है.

थाईलैण्ड का नोन्ग बुआ लम्फू प्रान्त, जहाँ एक बाल देखभाल केन्द्र पर हुए भयावह हमले में बड़ी संख्या में मौत हुई है.
Unsplash/Robert Eklund

थाईलैंड: बाल केन्द्र पर घातक हमले की अन्तरराष्ट्रीय निन्दा

थाईलैंड के उत्तरी क्षेत्र में एक बाल देखभाल केन्द्र पर एक भयानक हमला हुआ है जिसमें अनेक बच्चों की मौत हो गई है. अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले की कड़ी निन्दा हुई है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को कहा कि वो इतने बड़े पैमाने पर गोलीबारी पर हतप्रभ और दुखी हैं.

काबुल के दश्त-ऐ-बरछी इलाक़े में स्थित शिक्षण केन्द्र में लड़कियाँ पढ़ाई कर रही हैं.
© UNICEF/Shehzad Noorani

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में शिक्षण केन्द्र पर 'भयावह' हमले की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में आत्मघाती बम हमले की निन्दा की है, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है. नवीनतम समाचारों के अनुसार मृतकों में अधिकतर युवा महिलाएँ है, जो एक शिक्षण केन्द्र पर परीक्षाओं की तैयारियों में जुटी थीं.

म्याँमार के किसी स्थान का दृश्य
© ADB

म्याँमार: 11 बच्चों की मौत के लिये ज़िम्मेदार हमले की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, सरकारी सैनिकों द्वारा, विद्रोहियों का गढ़ समझे जाने वाले उत्तरी इलाक़े में एक स्कूल को निशाना बनाकर किये गए हमलों की कड़ी निन्दा की है. इन हमलों में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, जिनमें 11 बच्चे हैं.

सेनेगल के एक स्कूल में लड़कियाँ पढ़ रही हैं.
© UNICEF/Vincent Tremeau

शिक्षा में रूपान्तरकारी बदलाव के लिये सम्मेलन: संकट ना रुका, तो पूरी पीढ़ी पर जोखिम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने शुक्रवार को आगाह किया है कि विश्व भर में, 10-वर्षीय बच्चों में से केवल एक-तिहाई बच्चे ही एक सरल, लिखित कहानी को पढ़ या समझ सकते हैं. शिक्षा में रूपान्तरकारी परिवर्तन लाने पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन से ठीक पहले जारी हुआ यह स्तब्धकारी आँकड़ा, वैश्विक महामारी से पूर्व व्यक्त किये गए अनुमान से 50 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है.

यूनिसेफ सोमालिया कुपोषित बच्चों को पोषण संबंधी हस्तक्षेप सेवाएं प्रदान करता है.
UNICEF/Ismail Taxta

सोमालिया: भयावह भुखमरी से 5 लाख बच्चों को मौत का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने मंगलवार को चेतावनी दी कि सोमालिया में भुखमरी के भयानक स्तर से, 5 लाख 13 हज़ार  से अधिक बच्चों की जान जाने का जोखिम बना हुआ है, जो 2011 के अकाल की तुलना में एक लाख 73 हज़ार अधिक है.

संयुक्त राष्ट्र के YuWaah पैरोकारों का नियुक्ति समारोह.
UN India

भारत: युवाओं को कार्रवाई के केन्द्र में लाने की अनूठी पहल

भारत में संयुक्त राष्ट्र ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिये भारत के 35 करोड़ युवाओं को प्रेरित करने और उनका समर्थन जुटाने के लिये प्रथम 'युवाह' पैरोकार नियुक्त किये हैं.

एक युवा महिला कर्मचारी अंतसिराबे में एक गैस स्टेशन पर काम करती है. मेडागास्कर.
ILO/मार्सेल क्रोज़ेट

ILO: कोविड-19 महामारी के प्रभावों से युवा कामगार सर्वाधिक प्रभावित

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने गुरूवार को कहा है कि इस वर्ष रोज़गार व आमदनी वाला कामकाज नहीं पा सकने वाले युवजन की संख्या सात करोड़ 30 लाख तक पहुँचने का अनुमान है, जोकि कोविड-19 से पहले के हालात से पूरे साठ लाख ज़्यादा संख्या है.