महामारी यात्रा पाबन्दियों में बदलाव के लिये, वैश्विक कार्रवाई की दरकार

20 मई 2022

प्रवासन में बेहतरी लाने के लिये काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र के दो संगठनों के अध्यक्षों ने शुक्रवार को कहा है कि देशों को, महामारी के यात्रा उपायों को स्पष्ट, समान और नवीनतम बनाने के लिये सर्वसम्मति क़ायम करनी होगी. इन अधिकारियों ने, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा फ़ोरम के दौरान आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में ये पुकार लगाई.

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के महानिदेशक एंतोनियो वितॉरिनो और प्रवासन नीति संस्थान (MPI) के अध्यक्ष ऐण्ड्रयू सेली ने एक ऐसा रास्ता अपनाने का आहवान किया जो स्वास्थ्य सुरक्षा और प्रत्याशित सीमा पार सचलता के बीच सन्तुलन क़ायम करे.

उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि ठोस कार्रवाई नहीं करने से, ना केवल भविष्य की पीढ़ियाँ प्रभावित होंगी, बल्कि महामारी से समान पुनर्बहाली भी नहीं हो सकेगी.

तालमेल की पुकार

शुक्रवार का यह कार्यक्रम आईओएम और एमपीआई ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से आयोजित किया था. अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा फ़ोरम भी चार दिन चलने के बाद शुक्रवार को सम्पन्न हो गया.

प्रवासन व सचलता पर नाटकीय रूप से भिन्न सन्दर्भों के बावजूद, इस कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने इस पर सहमति व्यक्त की कि तरीक़ों में तालमेल बिठाने, सीमा प्रबन्धन के लिये डिजिटल व अन्य ढाँचे का निर्माण करने के साथ-साथ, सीमा पार आवागमन के लिये सार्वजनिक धन की उपलब्धता बढ़ाने की ज़रूरत है.

एंतोनियो वितॉरिनो और ऐण्ड्रयू सेली सहित अनेक प्रतिभागियों ने, सीमा पार आवागन और महामारी का सामना करने के लिये तैयारियों पर चर्चा करने के लिये, किसी देश के नेतृत्व में, मित्र पक्षों का एक समूह गठित करने की हिमायत की.

भविष्य के लिये निहितार्थ

इस समूह के गठन से, अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR) की मौजूदा समीक्षा में मदद मिलेगी और जिनके तहत स्वास्थ्य आपदाओं का सामना करने के लिये तैयारियों और कार्रवाई शासित होती है. साथ ही एक नई महामारी सन्धि की दिशा में बातचीत में भी मदद मिलेगी.

एंतोनियो वितोरिनो ने कहा, “इस साझा क़दम के अभाव में, ये ख़तरा और भी ज़्यादा बढ़ जाएगा कि भविष्य का प्रवासन और भी ज़्यादा बिखराव वाला होगा, जिससे कोविड-19 महामारी से दो गतियों वाली पुनर्बहाली के पहले से ही मौजूद संकेत और ज़्यादा मज़बूत होंगे, जिनमें कम विकसित देश पीछे छूटे हुए हैं.”

उन्होंने कहा, “इसके परिणामस्वरूप भविष्य का आर्थिक और सामाजिक विकास अवरुद्ध हो जाएगा, जबकि उसे कुशल प्रबन्धित प्रवासन के ज़रिये तेज़ गतिवान बनाया जा सकता है.”

साझा मानकों का अभाव

ऐण्ड्रयू सेली ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि वैसे तो यात्राओं के लिये तमाम मार्ग और साधन फिर से खोल दिये जाने के लिये एक आम दिलचस्पी और चलन नज़र आ रहे हैं, मगर यह प्रक्रिया अब भी उच्च रूप में विषम, असमान, और अनियोजित है.

उन्होंने कहा कि टैस्टिंग जैसी ज़रूरतों के लिये साझा मानकों, सीमाओं के परे टीकाकरण के दर्जे को साबित करने वाले साझा उपकरणों, और सीमा पर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों के प्रबन्धन के लिये क्या तरीक़े कारगर होते हैं, इस बारे में हमारे पास साझा मानकों का अभाव है.

प्रवासन को सुरक्षित बनाना

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा फ़ोरम की चार दिन की बैठक, सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिये ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करने में हुई प्रगति का जायज़ा लेने के लिये आयोजित की गई थी. यह ग्लोबल कॉम्पैक्ट, देशों ने दिसम्बर 2018 में स्वीकृत किया था.

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) मानवीय और व्यवस्थित प्रवासन को प्रोत्साहन देता है और इस मुद्दे पर सरकारों व साझीदारों के साथ मिलकर काम करता है.
प्रवासन नीति संस्थान (MPI) आप्रवासन और एकीकरण नीतियों में बेहतरी चाहता है, जिनमें आधिकारिक और विश्वसनीय शोध और विश्लेषण भी शामिल हैं.

 

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