यमन: सऊदी गठबन्धन की कार्रवाई में जान-माल का नुक़सान, हमलों की निन्दा

21 जनवरी 2022

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को, यमन में सऊदी-नेतृत्व वाले गठबन्धन द्वारा हवाई कार्रवाई किये जाने की निन्दा की है. इस हमले में विद्रोही हूथी लड़ाकों के क़ब्ज़े वाले साडा शहर में, एक हिरासत केन्द्र क्षतिग्रस्त होने से कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज़्यादा घायल हुए हैं.  

सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबन्धन की, यमन में अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में, विद्रोही अन्सार अल्लाह गुट (हूथी लड़ाके) से लड़ाई चल रही है. 

हूथी लड़ाकों का राजधानी सना समेत देश के अधिकतर इलाक़ों में वर्ष 2015 से नियंत्रण है.

इस सप्ताह, हूथी लड़ाकों ने गठबन्धन में साझेदार संयुक्त अरब अमीरात पर सोमवार को हमला किया, जिसके बाद से हिंसक टकराव में तेज़ी आई है.

यूएन प्रमुख के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने महासचिव की ओर से एक बयान जारी किया, जिसमें शुक्रवार को हुई बमबारी पर क्षोभ जताया गया है. 

बताया गया है कि इस कार्रवाई में बच्चे भी हताहत हुए हैं. महासचिव ने सभी पक्षों को ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के अन्तर्गत, आम नागरिकों व नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाना वर्जित है.

हुदायदाह समझौते के समर्थन के लिये यूएन मिशन (UNMHA) ने हाल के दिनों में बन्दरगाह शहर हुदायदाह में टकराव की घटनाओं पर गहरी चिन्ता ज़ाहिर की है. 

इन घटनाओं में बड़े पैमाने पर आम लोग हताहत हुए हैं और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को क्षति पहुँची है.

समाचार माध्यमों के अनुसार, शुक्रवार तड़के सऊदी लड़ाकू विमानों ने हुदायदाह शहर में रिहायशी इलाक़ों पर कम से कम छह आम नागरिकों की मौत हुई है और 18 अन्य घायल हुए हैं. 

यूएन प्रमुख ने अपने वक्तव्य में कहा है कि हुदायदाह में हवाई कार्रवाई में, दूरसंचार केन्द्र को नुक़सान पहुँचा है, जिससे देश के अनेक हिस्सों में महत्वपूर्ण इण्टरनैट सेवाओं पर भीषण असर हुआ है.

वक्तव्य में कहा गया है कि “महासचिव ने इन घटनाओं की तुरन्त, प्रभावी और पारदर्शी जाँच कराए जाने का आग्रह किया है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.”

साथ ही, उन्होंने युद्धरत पक्षों से जल्द से जल्द हिंसा में कमी लाने और यूएन के विशेष दूत से मुलाक़ात का का आग्रह किया है. 

महासचिव ने कहा है कि यह राजनैतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और हिंसक संघर्ष का, वार्ता के ज़रिये समाधान ढूंढने के लिये महत्वपूर्ण है.

आमजन की सुरक्षा

दिसम्बर 2018 में यूएन की मध्यस्था में ऐतिहासिक हुदायदाह समझौता हुआ था, जिसके बाद युद्धविराम की निगरानी और शहर के असैन्यीकरण के लिये यूएन मिशन को स्वीकृति मिली थी.

लाल सागर पर स्थित यह बन्दरगाह शहर, मानवीय राहत सामग्री के प्रवेश द्वार और यमन के अधिकतर निर्यात के नज़रिये से बेहद अहम है.

यूएन मिशन ने शुक्रवार को एक बयान जारी करके, सभी पक्षों को ध्यान दिलाया है कि आम नागरिकों की रक्षा की जानी होगी, निर्दोष यमनी नागरिकों को हताहत होने से बचाना होगा, और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को होने वाली क्षति को रोकना होगा.

मिशन के मुताबिक़, हुदायदाह में सैन्य टकराव जारी रहने से, यमनी लोगों के लिये विनाशकारी नतीजे हो सकते हैं, चूँकि हुदायदाह बन्दरगाह, बड़ी आबादी के लिये एक अहम जीवनरेखा है. 

मानवीय सहायता मामलों में संयोजन के लिये यूएन कार्यालय (OCHA) के अनुसार, देश में 80 प्रतिशत आयातित सामान यहीं से होकर गुज़रता है. 

यमनी जनता भोजन, दवाओं और ईंधन के लिये 80 से 90 प्रतिशत आयात पर निर्भर हैं. 

हिंसा में तेज़ी

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने गहरी चिन्ता जताई कि इस वर्ष के शुरुआती दिनों में, ड्रोन और हवाई हमलों में तेज़ी आई है, जिसकी चपेट में आने से आम लोग मारे गए हैं और नागरिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुँची है.

यूएन मानवाधिकार कार्यालय के आँकड़े दर्शाते हैं कि जनवरी 2022 में अब तक, सऊदी गठबन्धन द्वारा 839 बार हवाई कार्रवाई की गई है.

दिसम्बर 2021 में यह आँकड़ा, पूरे महीने के दौरान एक हज़ार 74 था. 

इसके अलावा, हूथी लड़ाकों द्वारा 16 ड्रोन और 12 बैलेस्टिक मिसाइल समेत अन्य प्रकार के हमले किये गए हैं. 

ख़बरों के अनुसार, जनवरी महीने में अब तक सऊदी अरब की तरफ़, 10 बार ड्रोन से कार्रवाई की जा चुकी है.

 

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