कोविड-19: दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित नए वैरिएण्ट का नामकरण, ऐहतियात बरतने की पुकार

दक्षिण अफ़्रीका के जोहानसबर्ग में, कोविड-19 की जाँच का अभियान
IMF Photo/James Oatway
दक्षिण अफ़्रीका के जोहानसबर्ग में, कोविड-19 की जाँच का अभियान

कोविड-19: दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित नए वैरिएण्ट का नामकरण, ऐहतियात बरतने की पुकार

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO के विशेषज्ञों ने दक्षिण अफ़्रीका में चिन्हित किये गए कोविड-19 के नए वैरिएण्ट को ग्रीक नाम – ‘ओमिक्रॉन’ दिया है और इसके अनेक रूप परिवर्तनों और इसकी तेज़ संक्रमण रफ़्तार के कारण, इसे चिन्ताजनक रूप परिभाषित किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साथ ही, तमाम देशों आग्रह किया है कि वो दक्षिण अफ़्रीका और बोत्सवाना में चिन्हित किये गए, कोविड-19 के नए वैरिएण्ट के मद्देनज़र, यात्रा पाबन्दियों पर विचार करने के लिये, जोखिम आधारित और वैज्ञानिक रुख़ अपनाएँ.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार आरम्भिक सबूतों से पता चलता है कि डेल्टा जैसे अन्य वैरिएण्ट की तुलना में, इस नए वैरिएण्ट से फिर से संक्रमित होने का ज़्यादा जोखिम है.

इस समय, दक्षिण अफ़्रीका के लगभग सभी प्रान्तों में, मामले बढ़ रहे हैं. संगठन ने बताया है कि B 1.1529 नामक ये वैरिएण्ट, संक्रमण के पूर्व मामलों की तुलना में, ज़्यादा रफ़्तार के साथ चिन्हित किया गया है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी देशों से निगरानी बढ़ाने और इस वैरिएण्ट के बारे में बेहतर व गहन जानकारी हासिल करने के लिये, इसके चरित्र का विश्लेषण करने के प्रयास बढ़ाने के लिये कहा है. 

कोविड-19 के लिये, विश्व स्वास्थ्य संगठन की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया वान करख़ोवे ने कहा कि इस बारे में अभी सीमित जानकारी उपलब्ध है.

कोविड-19 के दौरान, अनेक देशों के बीच अन्तरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी बहुत कम हुई.
UN News/Daniel Dickinson
कोविड-19 के दौरान, अनेक देशों के बीच अन्तरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी बहुत कम हुई.

उन्होंने ट्विटर पर सवाल-जवाब के दौरान कहा कि इस वैरिएण्ट के बारे में हमें केवल यही जानकारी उपलब्ध है कि इसके बहुत सारे रूप मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में ये वायरस से व्यवहार को व्यापक रूप में प्रभावित कर सकता है.

डॉक्टर मारिया वान करख़ोवे ने कहा कि शोधकर्ता, इस बारे में जानकारी हासिल करने और निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं कि इस वैरिएण्ट और इसके रूपों का, जाँच-पड़ताल, चिकित्साविधान और वैक्सीन के सन्दर्भ में क्या अर्थ है.

उन्होंने कहा कि इस वैरिएण्ट का प्रभाव जानने के लिये, कुछ सप्ताहों का समय लगेगा और इसके लिये बड़े पैमाने पर कार्य जारी है. इस वैरिएण्ट की निगरानी की जा रही है.

‘भेदभाव ना करें’

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की विशेषज्ञ ने, वैरिएण्ट के बारे में जानकारी मुक्त रूप से स्वास्थ्य एजेंसी के साथ साझा करने के लिये, दक्षिण अफ़्रीका और बोत्साना का शुक्रिया अदा किया.

उन्होंने आग्रह करते हुए कहा, “सभी ये बात ध्यान से सुनें: ऐसे देशों के साथ भेदभाव ना करें जो अपनी जानकारी और सूचनाएँ मुक्त रूप से साझा करते हैं.”

ध्यान रहे कि ब्रिटेन, फ़्रांस और इसराइल ने दक्षिण अफ़्रीका और आसपास के देशों से, सीधी हवाई उड़ानें रद्द कर दी हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अभी तक, नए वैरिएण्ट के 100 से भी कम मामले सामने आए हैं, जोकि मुख्य रूप से युवा लोगों में, जिनकी टीकाकरण की दर काफ़ी कम है.

ख़ुद को और अन्य को बचाएँ

दक्षिण अफ़्रीका के जोहनसबर्ग में, एक महिला कोविड-19 के संक्रमण से बचने के उपायों के लिये, मास्क बनाते हुए.
IMF Photo/James Oatway
दक्षिण अफ़्रीका के जोहनसबर्ग में, एक महिला कोविड-19 के संक्रमण से बचने के उपायों के लिये, मास्क बनाते हुए.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अधिकारियों ने पहले भी जारी की गई सलाह दोहराते हुए कहा कि सभी लोग ख़ुद को कोविड-19 से बचाने के लिये बहुत कुछ कर सकते हैं. इन उपायों में मास्क पहनना और भीड़ भरे स्थानों से दूर रहना शामिल है.

डॉक्टर मारिया वान करख़ोवे ने कहा कि सभी लोगों को ये समझने की ज़रूरत है कि ये वायरस जितना ज़्यादा फैलेगा, इसके पास, उतने ही ज़्यादा अपने रूप बदलने के अवसर होंगे.

उन्होंने कहा कि जब भी सम्भव हो, सभी लोग कोविड-19 की वैक्सीन का टीकाकरण कराएँ, और ये भी सुनिश्चित करें कि ख़ुद को इस वायरस के जोखिम के दायरे में ना पहुँचाएँ, व ख़ुद से अन्य लोगों को भी इस वायरस का संक्रमण फैलने से रोकें.