ओमिक्रॉन वैरिएण्ट के वजूद से, एक 'वैश्विक महामारी सन्धि' की ज़रूरत रेखांकित

29 नवंबर 2021

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोरोनावायरस के नए वैरिएण्ट ओमिक्रॉन का ख़तरनाक वजूद उभरने से दुनिया भर के लिये, एक बार फिर ये बात बहुत अहमियत के साथ पुष्ट होती है कि इस महामारी के बारे में मौजूदा घबराहट और लापरवाही का नज़रिया बन्द करना होगा.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ने, सोमवार को जिनीवा में, संगठन की प्रशासनिक संस्था की तीन दिवसीय विशेष बैठक को सम्बोधित करते हुए ये बात कही है.

उन्होंने नए वैरिएण्ट पर वैश्विक चिन्ताओं के बीच दलील दी है कि इस वायरस के ख़िलाफ़ कड़ी मेहनत और कठिनाइयों से हासिल की गई प्रगति को बनाए रखने के लिये, और ज़्यादा अन्तरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है. 

विश्व स्वास्थ्य एसेम्बली की ये विशेष बैठक, तथाकथित महामारी सन्धि के मुद्दे पर कोई निर्णय लेने के लिये आयोजित की गई है.

डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि विश्व ने, कोविड-19 की चुनौती का सामना करने के लिये, अन्तरराष्ट्रीय सहयोग व एकजुटता के साथ काम नहीं किया है, और अन्य चुनौतियों के साथ-साथ वैक्सीन विषमता के कारण, ओमिक्रॉन जैसे नए ख़तरनाक वैरिएण्ट उभरने में कामयाब होते रहे हैं.

उन्होंने कहा, “बिल्कुल अभी-अभी ओमिक्रॉन ने दिखाया है कि दुनिया को, महामारियों पर एक नई सन्धि की क्यों ज़रूरत है: हमारी मौजूदा व्यवस्था, देशों को ऐसे जोखिमों के बारे में अन्य देशों को सतर्क करने के लिये, कोई प्रोत्साहन नहीं मुहैया कराती, जो अन्ततः उनकी सीमाओं तक भी पहुँचेंगी.”

दक्षिण अफ़्रीका की सतर्कता के लिये सराहना

ब्राज़ील में एक स्वास्थ्यकर्मी को कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगाए जाेते हुए.
© UNICEF/PAHO/Karina Zambrana
ब्राज़ील में एक स्वास्थ्यकर्मी को कोविड-19 वैक्सीन का टीका लगाए जाेते हुए.

डॉक्टर टैड्रॉस ने रेखांकित करते हुए कहा कि कोरोनावायरस के एक नए वैरिएण्ट – ओमिक्रॉन के बारे में पता लगाने और उसे चिन्हित करने के लिये, दक्षिण अफ़्रीका की प्रशंसा की जानी चाहिये, नाकि उसे दण्डित किया जाए. ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले, ओमिक्रॉन वैरिएण्ट दक्षिण अफ़्रीका में ही चिन्हित किया गया था.

डॉक्टर टैड्रॉस का इशारा, कुछ देशों द्वारा दक्षिण अफ़्रीका और कुछ पड़ोसी देशों पर लगाई गईं हवाई यात्रा पाबन्दियों की तरफ़ था.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरश ने भी सोमवार को, दर्जन भर से अधिक देशों द्वारा, दक्षिण अफ़्रीका क्षेत्र से हवाई उड़ानों पर लगाई गई पाबन्दियों के कारण, यहाँ के देशों के अलग-थलग पड़ने पर, गहरी चिन्ता व्यक्त की है.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को जारी, एक कड़े शब्दों वाले वक्तव्य में कहा कि अफ़्रीका में वैक्सीन टीकाकरण की अनैतिक निम्न दर के लिये, अफ़्रीका को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है – और महत्वपूर्ण विज्ञान व स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी दुनिया को मुहैया कराने के लिये, उस क्षेत्र को दण्डित नहीं किया जाना चाहिये. 

उन्होंने कहा, “मैं तमाम देशों की सरकारों से, यात्रियों के लिये बारम्बार टैस्ट कराने की अनिवार्यता के साथ-साथ, अन्य असरदार और उपयुक्त ऐहतियाती उपायों पर विचार करने की अपील करता हूँ.”

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने देशों की सरकारों से, यात्राओं पर पाबन्दियाँ लगाने के सम्बन्ध में, विज्ञान आधारित निर्णय लेने के लिये कहा है. 

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि यात्राओं की इजाज़त देने और आर्थिक गतिविधियाँ आगे बढ़ाने के लिये, तमाम उपयुक्त क़दम उठाया जाना बहुत अहम है.

 

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