हेती में भीषण भूकम्प से तबाही - बचाव व राहत कार्यों में जुटी यूएन टीम

15 अगस्त 2021

संयुक्त राष्ट्र, हेती में शनिवार को आए शक्तिशाली भूकम्प के बाद बचाव एवं राहत कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाने में समर्थन दे रहा है. ख़बरों के अनुसार इस आपदा में सैकड़ों लोग हताहत हुए हैं और दक्षिण-पश्चिमी इलाक़े में भीषण क्षति हुई है. 

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने हेती में त्रासदीपूर्ण हालात पर नज़र रखने की बात कही है.

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के मुताबिक़ उसकी टीमें, तात्कालिक ज़रूरतों का आकलन करने और प्राथमिकता के तौर पर सहायता प्रदान करने के लिये ज़मीनी स्तर पर जुट गई हैं.  

बताया गया है कि रिक्टर पैमाने पर 7.2 की तीव्रता वाले भूकम्प के कारण, 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर लोग प्रभावित हुए हैं.

महासचिव गुटेरेश ने अपने ट्विटर सन्देश में, उन भूकम्प प्रभावित लोगों के प्रति गहरी सम्वेदना प्रकट की है जिन्होंने इस घटना में अपने परिजनों व मित्रों को खो दिया है.  

यूएन उपमहासचिव आमिना जे मोहम्मद ने अपने सन्देश में हेती की जनता के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र इस घड़ी में उनके साथ है. 

हेती में भूकम्प एक ऐसे समय में आया जब कैरीबियाई क्षेत्र, एक चक्रवाती तूफ़ान की चपेट में आया है, और हेती में कोविड-19 के संक्रमण मामलों में तेज़ी देखने को मिली है. 

पिछले महीने हेती के राष्ट्रपति जोवेनल मोइस की हत्या कर दी गई थी. 

विस्थापित बच्चों व परिवारों की ज़रूरतें 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने अपने वक्तव्य में बताया कि भूकम्प के झटके पोर्त-औ-प्रान्स में महसूस किये गए, मगर इसका केन्द्र देश के दक्षिणी इलाक़ों में था, जहाँ जान-माल की व्यापक हानि हुई है.

ख़बरों के अनुसार, इस भूकम्प की तीव्रता वर्ष 2010 में आए उस भीषण भूकम्प के समान ही है, जिससे देश में भारी तबाही हुई थी. 

लाखों लोगों की मौत हुई थी, चर्च, स्कूल व अन्य इमारतें ढह गई थीं, प्रभावित इलाक़ों में बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी और लाखों बेघर हो गए थे. 

हेती में यूनीसेफ़ प्रतिनिधि ब्रूनो मैस ने बताया, “हेती मे आए भूकम्प के बाद हताहतों व भीषण नुक़सान की ख़बरों से हमें गहरा दुख हुआ है.” 

उन्होंने कहा कि यूएन एजेंसी आपदा के बाद की इस घड़ी में बच्चों और उनके परिवारों के साथ एकजुट है. 

यूएन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक़ उनकी टीम सरकार व ग़ैरसरकारी संगठनों के साथ मिलकर प्रभावितों तक राहत पहुँचाने के कार्य में जुटी है. 

उन्होंने सचेत किया है कि भूकम्प की वजह से विस्थापन का शिकार हुए बच्चों व उनके परिवारों को तात्कालिक शरण, स्वच्छ जल, चिकित्सा देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता होगी. 

ट्विटर पर अपने सन्देश में यूनीसेफ़ की प्रमुख हैनरीएटा फ़ोर ने दोहराया कि आने वाले दिनों में यूनीसेफ़ प्रभावित परिवारों व बच्चों तक राहत पहुँचाने के लिये साझीदारों के साथ मिलकर प्रयास करना जारी रखेगा. 

 

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