अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2023, अफ़ग़ान महिलाओं व लड़कियों के लिए समर्पित

अफ़ग़ानिस्तान में वरदाक प्रान्त में, एक स्कूल में एक शिक्षा केन्द्र में पढ़ाई करते हुए.
© UNICEF/Christine Nesbitt
अफ़ग़ानिस्तान में वरदाक प्रान्त में, एक स्कूल में एक शिक्षा केन्द्र में पढ़ाई करते हुए.

अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2023, अफ़ग़ान महिलाओं व लड़कियों के लिए समर्पित

संस्कृति और शिक्षा

संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की महानिदेशक ऑड्री अज़ूले ने इस वर्ष 24 जनवरी को मनाए जाने वाले ‘अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ को, अफ़ग़ान लड़कियों व महिलाओं के लिए समर्पित किया है. यूएन एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सभी लड़कियों व युवा महिलाओं की स्कूलों व विश्वविद्यालयों में वापसी और उनके लिए शिक्षा अवसरों की सुलभता सुनिश्चित की जानी होगी.

यूनेस्को का कहना है कि शिक्षा सर्वजन का अधिकार है, मगर अफ़ग़ानिस्तान में लड़कियों व महिलाओं को इस बुनियादी अधिकार से वंचित कर दिया गया है, और उन्हें माध्यमिक स्कूल और उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति नहीं है.

यूनेस्को महानिदेशक ऑड्री अज़ूले ने आगाह किया कि दुनिया में किसी भी देश को महिलाओं व लड़कियों के लिए शिक्षा पर रोक नहीं लगानी चाहिए.

“शिक्षा एक सार्वभौमिक मानवाधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना होगा. अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का यह दायित्व है कि अफ़ग़ान लड़कियों व महिलाओं के अधिकार बिना देरी के बहाल किए जाएँ.”

“महिलाओं के विरुद्ध लड़ाई को रोका जाना होगा.”

वर्ष 2001 से 2018 के दौरान, उच्चतर शिक्षा केन्द्रों में महिलाओं की संख्या में 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई थी, और हाल में थोपी गई पाबन्दी से पहले हर तीन में से एक युवा महिला यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्त कर रही थीं.

बद से बदतर हालात

मगर, अगस्त 2021 में अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर तालेबान के नियंत्रण के बाद, सितम्बर महीने में 12 वर्ष से अधिक आयु की सभी लड़कियों की स्कूलों में वापसी को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया था.

इससे 11 लाख लड़कियों और युवा महिलाओं के लिए औपचारिक शिक्षा के अवसर दूर हो गए.

हेलमन्द प्रान्त में यूनीसेफ़-समर्थित एक स्कूल में छात्राएँ. (फ़ाइल)
© UNICEF/Mark Naftalin
हेलमन्द प्रान्त में यूनीसेफ़-समर्थित एक स्कूल में छात्राएँ. (फ़ाइल)

फ़िलहाल, स्कूली आयु की 80 प्रतिशत अफ़ग़ान लड़कियाँ व युवा महिलाएँ स्कूल से बाहर हैं, जिनकी संख्या लगभग 25 लाख है. देश में 30 प्रतिशत लड़कियों ने कभी भी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त नहीं की है.

दिसम्बर 2022 में, महिलाओं के लिए यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्ति पर भी अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी गई, जिससे सरकारी और निजी उच्चतर शिक्षा केन्द्रों में शिक्षा हासिल कर रहीं एक लाख से अधिक महिला छात्रों पर असर पड़ा.

यूएन एजेंसी के अनुसार, शिक्षा पर पाबन्दी के इस निर्णय के बाद, अफ़ग़ानिस्तान में विशाल चुनौतियों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रगति दर्ज की गई थी, उसके मिट जाने का ख़तरा है.

“इससे अफ़ग़ानिस्तान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहाँ लड़कियों व महिलाओं की शिक्षा सुलभता को स्थगित कर दिया गया है.”

साथ ही, देश पर उन शिक्षित महिलाओं के योगदान से वंचित रह जाने का जोखिम है, जोकि स्थानीय विकास के लिए अति महत्वपूर्ण हैं.

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन, पिछले 20 वर्षों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में शिक्षा प्रणाली को समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध प्रयास किए हैं.

काबुल के दश्त-ऐ-बरछी इलाक़े में स्थित शिक्षण केन्द्र में लड़कियाँ पढ़ाई कर रही हैं.
© UNICEF/Shehzad Noorani
काबुल के दश्त-ऐ-बरछी इलाक़े में स्थित शिक्षण केन्द्र में लड़कियाँ पढ़ाई कर रही हैं.

यूनेस्को के सक्रिय प्रयास

इसके तहत, देश में साक्षरता कार्यक्रम संचालित किए गए, जिनके ज़रिये छह लाख युवाओं व वयस्कों तक पहुँच बनाई गई – इनमें 60 प्रतिशत महिलाएँ थीं.

अगस्त 2021 के बाद से, यूनेस्को ने अपने समर्थन प्रयासों में बदलाव किए हैं ताकि समुदाय-आधारित साक्षरता और कौशल विकास कक्षाओं के ज़रिये शिक्षा प्राप्ति जारी रखी जा सके.

इन प्रयासों से 25 हज़ार युवाओं और वयस्कों तक पढ़ाई-लिखाई में मदद पहुँचाई गई है, जिनमें 20 प्रान्तों में 60 प्रतिशत महिलाएँ व किशोर लड़किया हैं.

यूनेस्को एक पैरोकारी मुहिम “उजले भविष्य के लिए साक्षरता” भी आगे बढ़ा रहा है, जिसका उद्देश्य दो करोड़ अफ़ग़ान नागरिकों के बीच शिक्षा के अधिकार के प्रति जागरूकता का प्रसार करना है, विशेष रूप से महिलाओं व किशोर लड़कियों के लिए.

इसके अलावा, यूनेस्को द्वारा शिक्षा डेटा निगरानी पहल भी काम शुरू किया जा रहा है, ताकि विश्वसनीय डेटा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके. इससे सर्वाधिक आवश्यक और अपूर्ण शिक्षा ज़रूरतों के लिए सहायता धनराशि प्रदान करने में मदद मिलेगी.