अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान में, अगस्त 2021 में तालेबान की सत्ता वापसी के बाद, महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगी में तूफ़ान आ गया है.
Sayed Habib Bidel/UNWomen

तालेबान द्वारा महिलाओं के मानवाधिकार उल्लंघन, माने जा सकते हैं - मानवता के विरुद्ध अपराध

संयुक्त राष्ट्र के 11 स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सत्ताधीन तालेबान शासकों द्वारा महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाने की नवीनत गतिविधियों की जाँच, लैंगिक प्रताड़ना के रूप में की जानी चाहिए.

अफ़ग़ानिस्तान के कन्दहार में यूनीसेफ़-समर्थित एक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतीक्षा कक्ष.
© UNICEF/Alessio Romenzi

अफ़ग़ानिस्तान: आर्थिक बदहाली के बीच, बढ़ते अपराध और पनपता आतंकवाद

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने गुरूवार को आगाह किया कि अफ़ग़ानिस्तान में दो-तिहाई लोग भूख की मार झेल रहे हैं, लड़कियों की शिक्षा पर तालेबानी आदेश लागू किए गए हैं, जबकि अफ़ीम उत्पादन में बड़ी बढ़ोत्तरी के परिणामस्वरूप अपराध और आतंकवाद एक बार फिर फल-फूल रहे हैं.

अफीम का पौधा अफ़ग़ानिस्तान में व्यापक रूप से उगाया जाता है.
Oneclearvision

अफ़ग़ानिस्तान: अफ़ीम की खेती में एक तिहाई वृद्धि, मुनाफ़ा व क़ीमतें भी बढ़े

संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स व अपराध निरोधक कार्यालय - UNODC ने मंगलवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान अलबत्ता, तालेबान के शासन और मानवीय व आर्थिक संकटों के दौर का सामना कर रहा है, इसके बावजूद इस वर्ष अफ़ीम (Opium) की फ़सल अनेक वर्षों की तुलना में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है और उसकी क़ीमतें भी बढ़ी हैं.

© UNICEF/Asad Zaidi

यूएन न्यूज़ हिन्दी बुलेटिन, 7 अक्टूबर 2022

इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...

  • पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही कल्पना से परे, यूएन महासचिव ने समर्थन के लिये लगाई पुकार.
  • अफ़ग़ानिस्तान में दस साल का आर्थिक विकास, उलटा केवल 12 महीनों में.
  • टिकाऊ विकास पर केन्द्रित भारत-यूएन विकास साझेदारी कोष को हुए पाँच साल पूरे.
  • जलवायु परिवर्तन, महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध हिंसा का जोखिम बढ़ने की एक वजह.
  • और, विश्व शिक्षक दिवस पर शिक्षा में रूपान्तरकारी बदलाव किये जाने की आवश्यकता पर बल.
ऑडियो
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अफ़ग़ानिस्तान में, मौजूदा मानवीय संकट से, महिलाएँ व बच्चे, सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.
UNAMA/Shamsuddin Hamedi

अफ़ग़ानिस्तान: दस साल का आर्थिक विकास, केवल 12 महीनों में उलट गया

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की बुधवार को जारी एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के शासन की एक साल की अवधि में, देश की अर्थव्यवस्था सिलसिलेवार संकटों से गुज़र रही है, जिसे केवल मानवीय सहायता से नहीं सुलझाया जा सकता है.

काबुल के दश्त-ऐ-बरछी इलाक़े में स्थित शिक्षण केन्द्र में लड़कियाँ पढ़ाई कर रही हैं.
© UNICEF/Shehzad Noorani

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में शिक्षण केन्द्र पर 'भयावह' हमले की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में आत्मघाती बम हमले की निन्दा की है, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है. नवीनतम समाचारों के अनुसार मृतकों में अधिकतर युवा महिलाएँ है, जो एक शिक्षण केन्द्र पर परीक्षाओं की तैयारियों में जुटी थीं.

एक 12 वर्षीय लड़का अफ़ग़ानिस्तान के एक पश्चिमी प्रान्त - उरुज़गान में केले बेचते हुए.
© UNICEF

अफ़ग़ानिस्तान के साथ सम्पर्क व बातचीत ज़रूरी, अन्यथा बिखराव का जोखिम

अफ़ग़ानिस्तान के लिये, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष उप प्रतिनिधि मार्कस पॉटज़ेल ने सुरक्षा परिषद को देश में हालात से अवगत कराते हुए बताया कि यदि तालेबान, सभी अफ़ग़ान नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रचनात्मक ढंग से सम्पर्क व बातचीत में विफल रहा, तो देश का भविष्य अनिश्चित है. 

17 वर्षीय मुरसल फासिही को अफगानिस्तान में माध्यमिक विद्यालय में जाने की अनुमति नहीं है
UNFPA Afghanistan

अफ़ग़ानिस्तान: आपबीती - जबरन स्कूल से बाहर होने के बावजूद शिक्षा छोड़ने से इनकार

अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त 2021 में तालेबान की सत्ता वापसी के बाद से, प्रशासन ने 12 से 18 साल की लड़कियों को घर पर ही रहने और उनकी शिक्षा रोकने का आदेश जारी किया था. संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक कार्यक्रम की मदद से लड़कियों को इस परिस्थिति में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यहाँ लड़िकयाँ अपनी साथियों को तब तक की शिक्षा के लिये तैयार कर रही हैं जब तक कि औपचारिक स्कूली शिक्षा में उनकी वापसी नहीं हो जाती.

काबुल में एक तेरह वर्षीय लड़की घर पर पढ़ती हुई, जब तालिबान ने घोषणा की थी कि 7-12 ग्रेड में अफगान लड़कियों के लिए स्कूल फिर से नहीं खुलेंगे.
UNICE/Mohammad Haya Burhan

अफगानिस्तान: तालेबान से हाई स्कूल छात्राओं की शिक्षा फिर शुरू किये जाने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर क़ाबिज़ तालेबान से आग्रह किया है कि माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की स्कूलों में जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित की जानी होगी. तालेबान द्वारा हाई स्कूल छात्राओं की पढ़ाई रोकने के लिये सरकारी आदेश जारी किये जाने का एक वर्ष पूरा होने पर महासचिव की ओर से यह अपील जारी की गई है. 

अफ़ग़ानिस्तान के हेरात शहर में एक मस्जिद के सामने भिक्षा का इन्तज़ार करते महिलाएँ और बच्चे.
UNAMA/Abdul Hamed Wahidi

'अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार संकट में नज़र आ रहे हैं सर्वसत्तावाद के लक्षण'

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने सोमवार को आगाह करते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के शासन के दौरान मानवाधिकार संकट और ज़्यादा गहरा रहा है और उनका शासन सर्वसत्तावाद की तरफ़ बढ़ रहा है.