यूक्रेन: निर्धनता और भुखमरी रोकने की ख़ातिर, सहनशील पुनर्बहाली में मदद की दरकार

यूक्रेन की राजधानी कियेव में, हवाई हमलों से ध्वस्त एक आवासीय इमारत के बाहर, कुछ महिलाएँ बातचीत करते हुए.
© UNOCHA/Matteo Minasi
यूक्रेन की राजधानी कियेव में, हवाई हमलों से ध्वस्त एक आवासीय इमारत के बाहर, कुछ महिलाएँ बातचीत करते हुए.

यूक्रेन: निर्धनता और भुखमरी रोकने की ख़ातिर, सहनशील पुनर्बहाली में मदद की दरकार

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि यूक्रेन में युद्ध एक सतत मानवीय आपदा है और ऐसे में आम लोगों को मौत व तबाही के जिस स्तर का सामना करना पड़ रहा है, उस पर पार पाने और पुनर्निर्माण में, वर्षों का समय लगेगा.

यूएन प्रमुख ने पेरिस में आयोजित एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए ये बात कही, जिसमें दुनिया भर के लगभग 50 देशों ने लगभग एक अरब योरो के बराबर नई धनराशि जुटाने पर सहमति व्यक्त की है.

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इस धनराशि के ज़रिये, यूक्रेन में रूसी हमले से ध्वस्त हुई बिजली ग्रिड, जल प्रणालियाँ और स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली में मदद की जाएगी.

यूएन महासचिव ने कहा कि यूक्रेन में लगभग एक करोड़ लोग बिजली आपूर्ति से वंचित हैं, और साथ ही लाखों लोग जल आपूर्ति व गर्माहट के साधनों से भी वंचित हैं, जबकि सर्दियों का मौसम नज़दीक आ रहा है और तापमान कम हो रहा है.

सीधे सहायता

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “पिछले कुछ महीनों के दौरान, मानवीय सहायताकर्मियों ने छह लाख 30 हज़ार से ज़्यादा आम लोगों को, सर्दियों में काम आने वाली सामग्रियों के साथ सीधे मदद मुहैया कराई है, और महत्वपूर्ण सेवाओं में 400 बिजली जैनरेटर वितरित किये हैं.”

उन्होंने कहा, “मगर ये सब, एक बाल्टी में केवल एक बून्द के बराबर है. देश भर में हुई भारी तबाही को देखते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से मज़बूत सहायता व समर्थन की दरकार है, जोकि मानवीय सहायता के दायरे से भी ऊपर हो.”

“हमें यूक्रेन की सहनशील पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण में निवेश करना होगा ताकि मौजूदा संकट को, लाखों यूक्रेनियों के लिये, निर्धनता, खाद्य अभाव और तबाही में तब्दील होने से रोका जा सके.”

स्वास्थ्य सेवाओं पर जोखिम – WHO

इसी बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन - WHO ने संघर्षों व अशान्ति के वातावरण में रहने वाले लोगों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर ख़तरों के बारे में, नवीन चेतावनी जारी की है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने पुष्टि की है कि यूक्रेन में स्वास्थ्य सेवाएँ लगातार हमलों का शिकार हो रही हैं, और 24 फ़रवरी को रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से, अब तक चिकित्सा सेवाओं व कर्मचारियों पर कम से कम 715 हमले हुए हैं.

जिनीवा में WHO की प्रवक्ता डॉक्टर मार्गरेट हैरिस ने यूक्रेन के पूर्वी इलाक़ों के दूरगामी या ख़तरनाक स्थानों पर रहने वाले एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों तक पहुँच बनाए जाने की अपील भी की है.

साँस सम्बन्धी बीमारियों में उछाल

यूक्रेन के एक इलाक़े में युद्ध से हुई तबाही को देखते हुए एक महिला
© UNOCHA/Matteo Minasi
यूक्रेन के एक इलाक़े में युद्ध से हुई तबाही को देखते हुए एक महिला

प्रवक्ता ने बताया कि ऊर्जा ढाँचे पर लगातार हमलों के कारण, बहुत से लोगों के लिये बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, और बहुत से लोगों के पास, गर्माहट बनाए रखने के लिये, अपने पास बचा सामान जलाने के सिवाय, अन्य कोई विकल्प नहीं बचा है, वो भी अक्सर तंग व हवा के आवागमन रहित वाले स्थानों में.

डॉक्टर मार्गरेट ने कहा कि इस तरह की आग, विशेष रूप से बच्चों और वृद्धजन के फेफड़ों के लिये हानिकारक है. उन्होंने ये भी बताया कि साँस सम्बन्धी अनेक बीमारियों में उछाल देखा गया है.

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स का ख़ेरसॉन दौरा

सयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने यूक्रेन की यात्रा के दौरान मंगलवार को दूसरे दिन ख़ेरसॉन में हालात का जायज़ा लिया. ख़ेरसॉन, यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और यूक्रेन के बलों ने एक महीने पहले, इस शहर का नियंत्रण फिर से हासिल किया था.

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों को बताया कि स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों के दौरान गोलाबारी में, बहुत से घर और नागरिक ठिकाने तबाह हुए हैं जिनमें एक स्कूल और एक चिकित्सा सुविधा शामिल है.

पिछले महीने के दौरान, मानवीय सहायता क़ाफ़िलों ने ख़ेरसॉन की नागरिक आबादी तक, पानी, भोजन, दवाएँ, कम्बल और अन्य ज़रूरी सामान पहुँचाए हैं, जिनमें अस्पतालों व स्कूलों के लिये बिजली के जैनरेटर भी शामिल हैं.