अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस: एक बेहतर दुनिया के लिये, सभी पीढ़ियों की एकजुटता ज़रूरी
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त) पर कहा है कि ये दिन पीढ़ियों के बीच साझेदारी की शक्ति का उत्सव मनाने का अवसर है. उन्होंने इस अवसर पर कहा है कि एकजुटता और सहभागिता की आश्यकता, आज पहले से कहीं ज़्यादा है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस पर एक वीडियो सन्देश में कहा है कि इस वर्ष का विषय-- “अंतर पीढ़ी एकजुटताः सभी आयुजनों के लिये उपयुक्त विश्व की रचना”- हमें एक बुनियादी सत्य की याद दिलाता, और वो है “हमें सर्वजन के लिये उपयुक्त विश्व की रचना में, युवा और वृद्ध, सभी आयु के लोगों के सहयोग की आवश्यकता है.”
उनका कहना है कि अक्सर आयु के बन्धन, पूर्वाग्रह और भेदभाव, इस आवश्यक सहकारिता में बाधक हो जाते हैं.
“जब युवाओं को उनके जीवन पर असर डालने वाले फ़ैसलों से बाहर रखा जाता है या वृद्धजनों की आवाज़ नहीं सुनी जाती, तो हम सभी की हार होती है.”
यूएन प्रमुख ने कहा है कि एकजुटता और सहभागिता की आवश्यकता आज पहले से कहीं अधिक है क्योंकि हमारी दुनिया के सामने ऐसी तमाम चुनौतियाँ खड़ी हैं जो हमारे सामूहिक भविष्य के लिए ख़तरा हैं.
बेहतर व शान्तिपूर्ण भविष्य निर्माण
उन्होंने कहा कि कोविड19 से जलवायु परिवर्तन, संघर्ष, ग़रीबी, असमानता और भेदभाव तक तमाम चुनौतियों को पार करते हुए टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने और अपना मनचाहा, अधिक बेहतर एवं शांतिपूर्ण भविष्य रचने के लिये, हमें सभी के सहयोग की आवश्यकता है.
“हमें शिक्षा एवं कौशल निर्माण में भारी निवेश के ज़रिये युवाओं को समर्थन देना होगा, जिसमें सितम्बर में होने वाला शिक्षा कायाकल्प शिखर सम्मेलन भी है.”
उन्होंने कहा कि हमें लैंगिक बराबरी को समर्थन देना होगा और नागरिक तथा राजनैतिक जीवन में युवाओं की भागीदारी के अवसरों का दायरा बढ़ाना होगा.
“युवाओं की आवाज़ सुन लेना ही पर्याप्त नहीं है- हमें स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तरों पर निर्णय तंत्रों में उन्हें शामिल करना होगा. संयुक्त राष्ट्र में नए युवा कार्यालय की स्थापना के हमारे प्रस्ताव के पीछे मूल भावना भी यही है.”
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि “हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पुरानी पीढ़ियों को सामाजिक संरक्षण तक पहुँच हासिल हो, और अपने समुदायों में योगदान करने एवं दशकों के अपने संचित अनुभव का लाभ देने के अवसर मिलें.”
उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण दिवस पर आइये, बाधाएँ मिटाने और सर्वजन के लिये अधिक समतापूर्ण, न्यायपूर्ण एवं समावेशी विश्व के निर्माण हेतु, सभी पीढ़ियाँ साथ मिल कर काम करें.”