सुरक्षा परिषद: यूएन महासभा ने पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों को चुना

11 जून 2021

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान, शुक्रवार को अल्बानिया, ब्राज़ील, गेबॉन, घाना और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सुरक्षा परिषद के पाँच नए अस्थाई सदस्य देशों के रूप में चुना गया है. नवनिर्वाचित सदस्य देश अपना कार्यकाल 1 जनवरी 2022 को शुरू करेंगे और उनके पास 31 दिसम्बर 2023 तक सुरक्षा परिषद की अस्थाई सदस्यता रहेगी.

अन्तिम नतीजों के अनुसार, नए अस्थाई सदस्यों के लिये हुए मतदान में घाना को 185 वोट प्राप्त हुए, वहीं गैबॉन को 183, यूएई को 179, अल्बानिया को 175 और ब्राज़ील को 181 वोट हासिल हुए.

संयुक्त अरब अमीरात ने महासभा में मतदान से पहले एक वक्तव्य जारी कर, मौजूदा समय की गम्भीर चुनौतियों का सामना करने में अपना सृजनात्मक सहयोग प्रदान करने का वादा किया था.

अल्बानिया एकमात्र ऐसा सदस्य देश है जो पहले कभी भी सुरक्षा परिषद का सदस्य नहीं रहा है.

इससे पहले ब्राज़ील 10 बार, गेबॉन व घाना तीन-तीन बार, और संयुक्त अरब अमीरात एक बार, सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य देश रह चुके हैं.

नवनिर्वाचित पाँच सदस्य देशों के अलावा अन्य अस्थाई देशों में, भारत, आयरलैण्ड, केनया, मैक्सिको और नॉर्वे हैं.

सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देश हैं जिनमें से पाँच स्थाई हैं और 10 अस्थाई सदस्य हैं. पाँच स्थाई सदस्यों के नाम हैं -  चीन, फ्राँस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका.  

संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पाँच अस्थाई सदस्यों के लिये, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर हर साल चुनाव होता है और उनका कार्यकाल दो वर्ष का होता है.

इस वर्ष के अन्त में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले देशों में, वियतनाम, सेण्ट विन्सेन्ट एण्ड द ग्रेनेडीन्स, एस्टोनिया, निजेर और ट्यूनीशिया हैं.

सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुने जाने के लिए महासभा के दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है और ये चुनाव गुप्त मतदान के ज़रिये होता है.

पांच सदस्य अफ़्रीकी, एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में स्थित देशों से; एक सदस्य पूर्वी योरोप से; लातिन अमेरिकी क्षेत्र से दो सदस्य; और पश्चिमी योरोपीय व अन्य समूहों से दो सदस्य चुने जाते हैं.

 

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