पर्यटन को कार्बन मुक्त बनाने के लिए ज़्यादा सहयोग की ज़रूरत

5 दिसम्बर 2019

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने  जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए परिवहन और पर्यटन क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है. स्पेन के मैड्रिड शहर में 2019 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप-25) के दौरान यूएन एजेंसी ने पर्यटन क्षेत्र के परिवहन स्रोतों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के बारे में बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की.

रिपोट्र के अनुसार 2030 तक, पर्यटन गतिविधियों के कारण परिवहन संबंधी उत्सर्जन सभी मानव निर्मित कार्बन डाय ऑक्साइड उत्सर्जन का 5.3 प्रतिशत हो जाएगा. 

यूएन एजेंसी के कार्यकारी निदेशक मैनुअल बटलर ने बताया, "इस व्यापक अध्ययन में पर्यटन में इस्तेमाल होने वाले परिवहन के विभिन्न माध्यमों के पर्यावरणीय असर का विश्लेषण किया गया है."

पर्यटन संगठन के मुताबिक़ परिवहन से संबंधित उत्सर्जन एक बड़ी चुनौती है.

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ़्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के उपकार्यकारी सचिव ओवैस सरमद  का मानना है कि पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित  योगदानों में ‘बेहद चिंताजनक’ माना जाता है, लेकिन फिर भी अभी तक इस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है."

विश्व में आंतरिक और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. इसके मद्देनज़र वर्ष 2030 में वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में अनुमानित वृद्धि के आंकड़ें परिवहन सैक्टर की कार्बन पर निर्भरता कम करने की "मौजूदा महत्वाकांक्षा" के उलट हैं.

ओवैस सरमद  ने कहा, "उद्योगों को और ज़्यादा प्रयास करने की ज़रूरत है, लेकिन सरकारों को भी उन्हें साथ लेकर चलने वाली नीतियों  पर काम करना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सब एक साथ मिलकर महत्वाकांक्षाएं पूरी करने की ओर क़दम बढ़ा सकें."

"वन प्लैनेट सस्टेनेबल टूरिज़्म यानी एक ग्रह टिकाऊ पर्यटन कार्यक्रम दुनिया भर में स्थाई पर्यटन को बढ़ावा देने का एक अहम ज़रिया है."

परिवहन से संबंधित कार्बन उत्सर्जन एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और पर्यटन क्षेत्रों की कार्बन पर निर्भरता कम करने के प्रयासों में तेज़ी लाने के लिए दुनिया भर के परिवहन क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है.

इसके अलावा, पर्यटन उद्योग को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए; जैसे कि उत्सर्जन से विकास को अलग करना,  जिससे अंतरराष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों के अंतर्गत ही विकास के लक्ष्य पूरे किए जा सकें. 

अंत में यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा, "यह अब पर्यटन क्षेत्र, विशेष रूप से पर्यटन नीति निर्माताओं पर निर्भर है कि वो डेटा को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित करें कि ये सैक्टर जलवायु एमरजेंसी से निपटने में प्रमुख भूमिका निभाए." 

अनुसंधान के निष्कर्ष

• वर्ष 2016 से 2030 तक पर्यटन परिवहन संबंधी कार्बन  उत्सर्जन 1,597 मिलियन टन से बढ़कर 1,998 मिलियन टन होने की संभावना है.
• अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आवागमन 20 अरब से बढ़कर 37 अरब होने की उम्मीद है, जिसमें ज़्यादातर योगदान घरेलू पर्यटन का होगा
• वर्ष 2016 में पर्यटन से संबंधित परिवहन उत्सर्जन, सभी परिवहन उत्सर्जन का 22 प्रतिशत रहा. माना जा रहा है कि यह रुझान 2030 तक जारी रहेगा.

 

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