वैश्विक

पेंट में सीसे के इस्तेमाल पर पाबंदी का आह्वान

सीसा (Lead) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे होने वाले स्वास्थ्य ख़तरों पर दुनिया भर में चिंता व्याप्त है. बच्चों पर इसका ज़हरीला असर विशेष रूप से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है – इससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है और उनके सोचने-समझने की क्षमता भी. सीसा युक्त पेंट के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से  20 से 26 अक्टूबर तक कार्रवाई सप्ताह का आयोजन किया गया है.

ऑनलाइन नफ़रत के ऑफ़लाइन दुष्परिणामों को रोकने में 'देश व कंपनियां नाकाम'

अभिव्यक्ति की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ (विशेष रैपोर्टेयर) डेविड काए ने कहा है कि ऑनलाइन माध्यमों पर फैल रही नफ़रत पर रोक लगाने में देश और कंपनियां विफल साबित हो रही हैं. सोमवार को एक रिपोर्ट भी जारी की गई है जिसमें इस विकराल चुनौती से निपटने के लिए इंटरनेट पर क़ानूनी मानकों का सहारा लेने की बात कही गई है.

'लोकतंत्र के लिए ज़हर' है यहूदीवाद-विरोध, शिक्षा में निवेश की अपील

धर्म या आस्था की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने कहा है कि यहूदीवाद-विरोध लोकतंत्र के लिए ज़हरीला है और अगर उससे नहीं निपटा गया तो यह सभी समाजों के लिए एक बड़ा ख़तरा बन जाएगा. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा में ज़्यादा निवेश किए जाने की अपील भी की ताकि बढ़ते भेदभाव और नफ़रत की रोकथाम हो सके.

प्रथम कमेटी: निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे

हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर के नेता एकत्र होते हैं और लगभग एक सप्ताह के लिए दुनिया की नज़रें इस पर टिक जाती हैं. इस सत्र में अगले वर्ष के लिए एजेंडा तय किया जाता है जिस पर काम भी इसी वक़्त शुरू हो जाता है. लेकिन फ़ैसलों को किस तरह एक्शन में बदला जाए, उसके लिए सदस्य देशों के प्रतिनिधि छह प्रमुख कमेटियों के रूप में अपना कामकाज आगे बढ़ाते हैं. महासभा की छह कमेटियों के परिचय की इस श्रंखला में पेश है प्रथम कमेटी के बारे में कुछ जानकारी. प्रथम कमेटी पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निरस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों की ज़िम्मेदारी है.

टीबी संक्रमण में कमी, मगर बीमारी का विकराल रूप बरक़रार

संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वर्ष 2018 में तपेदिक (टीबी) बीमारी के कारण 15 लाख लोगों की मौत हुई जो दर्शाता है कि इस बीमारी से निपटना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. यूएन एजेंसी ने अपनी नई रिपोर्ट में इस बीमारी के उन्मूलन के लिए ज़्यादा संसाधन निवेश किए जाने और राजनैतिक समर्थन की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

'चरम ग़रीबी का अंत ज़रूरी' है टिकाऊ भविष्य के लिए

वैश्वीकरण से यदि सभी बच्चों, उनके परिवारों और समुदायों को लाभ नहीं पहुंचा तो सर्वजन के लिए टिकाऊ भविष्य का निर्माण कर पाना संभव नहीं होगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'अंतरराष्ट्रीय ग़रीबी उन्मूलन दिवस' पर जारी अपने संदेश में ग़रीबी के कुचक्र को तोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों में बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने की पुकार लगाई है.

दक्षिण सूडान: डर के माहौल में चुनौतियों को समझने की कोशिश

दक्षिण सूडान के लासू में हिंसक वारदातों के बढ़ने से स्थानीय जनता के सामने पेश आ रही चुनौतियों को समझने और उनके समाधान तलाश करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने इलाक़े का दौरा किया है. इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के फ़ोर्स कमांडर ब्रिगेडियर शैलेश तिनाइकर और दक्षिण सूडान में भारत के राजदूत एसडी मूर्ति शामिल थे.

एक तरफ़ बेतहाशा भोजन से मोटापा, दूसरी तरफ़ भोजन के अभाव में भुखमरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 'विश्व खाद्य दिवस' पर जारी अपने संदेश में भुखमरी मिटाने और एक ऐसी दुनिया बनाने की पुकार लगाई है जहां पौष्टिक भोजन हर जगह सभी के लिए उपलब्ध हो. वैश्विक आबादी के एक बड़े हिस्से को खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नहीं है, बढ़ता वज़न और मोटापे की समस्या स्वास्थ्य के लिए कई चुनौतियां खड़ी कर रही है जिसके मद्देनज़र इस वर्ष भुखमरी से लड़ाई के अलावा सेहतमंद आहार की ज़रूरत को भी रेखांकित गया है.

दुनिया भर में बिगड़ रही है मानवाधिकारों की स्थिति: मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया है कि दुनिया भर में बहुपक्षवाद के लिए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता, अलबत्ता मानवाधिकारों के सार्वभौमिक घोषणा-पत्र में हुई ऐतिहासिक सहमतियों को मज़बूत करने के लिए सदस्य देशों के साथ मिल-जुलकर काम किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार पदाधिकारी मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को महासभा की तीसरी कमेटी के सामने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए ये बात कही. इस कमेटी पर दुनिया भर में सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक मुद्दों से निपटने की ज़िम्मेदारी है.

वैश्विक जलवायु कार्रवाई में ग्रामीण महिलाएँ एक शक्तिबल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में ग्रामीण महिलाएँ व लड़कियाँ जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के वैश्विक प्रयासों में एक ताक़तवर माध्यम हैं.