'बच्चों के लिए साफ़ पानी का अधिकार' सुनिश्चित करना ज़रूरी

27 अगस्त 2019

स्वच्छ और सुरक्षित पानी की उपलब्धता बच्चों के स्वस्थ जीवन के लिए बेहद अहम है, लेकिन लंबे समय से चल रहे हिंसक संघर्षों के कारण इस बुनियादी ज़रूरत को भी पूरा कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार विश्व भर में 21 करोड़ बच्चों को पीने का साफ़ पानी नहीं मिलता जबकि 42 करोड़ बच्चे पर्याप्त साफ़-सफ़ाई के अभाव में रहने को मजबूर हैं.

यूनीसेफ़ की रिपोर्ट ‘Water Under Fire’ में उदाहरणों के ज़रिए बताया गया है कि स्वच्छ जल और साफ़-सफ़ाई सुनिश्चित करने वाली सेवाओं के लिए किस तरह वित्तीय संसाधन जुटाए जा सकते हैं ताकि प्रभावित लोग पीड़ा से उबर सकें, उनके लिए जोखिम कम हों और वैश्विक स्तर पर छोटे बच्चों और उनके समुदायों को इस समस्या से उबारा जा सके.

स्वच्छ पानी पीने और साफ़-सफ़ाई का अधिकार बाल अधिकारों पर संधि के मूल में है. यह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना एक बच्चे के जीवन के लिए भोजन, स्वास्थ्य सेवा और संरक्षण ज़रूरी है.

लेकिन कॉक्सेस बाज़ार से यूक्रेन और यमन तक, लंबे समय से चले आ रहे संकटों और हिंसक संघर्षों से बच्चे इन अधिकारों से वंचित हो रहे हैं.

नाज़ुक और हिंसा-प्रभावित इलाक़ों में अक्सर सुरक्षित पानी तक पहुंच संभव नहीं हो पाती; बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त होते हैं, पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो पाती और जल का एकत्र होना ख़तरनाक होता है.

सुरक्षित पानी के अभाव में बच्चे बीमार पड़ते हैं, स्कूल और अस्पताल में काम नहीं होता और बीमारियां और कुपोषण फैलता है.

जल और साफ़-सफ़ाई प्रणाली में गिरावट और उसके ध्वस्त होने से जल असुरक्षा बढ़ रही है जिससे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता फैल रही है.

इससे हर स्तर पर शांति और विकास प्रभावित हो रहा है और बच्चों व उनके समुदायों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है.

यूनीसेफ़ में एसोसिएट डायरेक्टर एन नायलर ने बताया कि हिंसक संघर्ष से जुड़े संकट बार-बार सामने आ रहे हैं जिससे और लोग प्रभावित हो रहे हैं.

इससे बच्चों के लिए विशेष रूप से बेहद कठिन परिस्थितियां पैदा हो रही हैं.

सिर्फ़ मानवीय मदद के ज़रिए इन मुद्दों का समाधान नहीं तलाश किया जा सकता. इसके लिए व्यापक साझेदारियों की आवश्यकता बताई गई है ताकि टिकाऊ और सुदृढ़ जल, साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता सेवाएँ सुनिश्चित की जा सकें और बच्चों व उनके परिवारों के लिए एक शांतिपूर्ण भविष्य का सृजन हो सके.

नाज़ुक और हिंसा प्रभावित इलाक़ों में जल, साफ़-सफ़ाई और स्वच्छता से जुड़े तथ्य:

  • बेहद नाज़ुक हालात में रह रहे लोगों के खुले में शौच के लिए जाने की संभावना तीन गुना ज़्यादा होती है; बुनियादी साफ़-सफ़ाई सेवा तक पहुंच ना होने की संभावना चार गुना और पीने के साफ़ पानी की व्यवस्था ना होने की संभावना आठ गुना होती है.
  • विश्व में 80 करोड़ से ज़्यादा लोग नाज़ुक और हिंसक संघर्ष प्रभावित इलाक़ों में रह रहे हैं और इनमें हर दस में से एक व्यक्ति बेहद मुश्किल परिस्थितियों में रहते हैं.
  • हिंसक संघर्ष की परिस्थिति में असुरक्षित पानी बंदूक की गोलियों जितना ही ख़तरनाक है. औसतन - 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से मरने की संभावना प्रत्यक्ष हिंसा का शिकार होने की तुलना में तीन गुना ज़्यादा होती है.
  • छोटे बच्चों में स्थिति और भी ख़तरनाक है. दूषित पानी और साफ़-सफ़ाई की कमी की वजह से पांच साल से कम उम्र के बच्चों के मौत की संभावना प्रत्यक्ष हिंसा का शिकार होने की तुलना में 20 गुना ज़्यादा है.
  • जल प्रणाली पर हमलों से बच्चों पर सीधा असर पड़ता है. जब टंकी से साफ़ पानी आना बंद होता है, बच्चों को असुरक्षित पानी पीने पर निर्भर होना पड़ता है जिससे बीमारी का ख़तरा बढ़ता है.

 

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