सीरियाई बच्चों के लिए नया साल शांतिपूर्ण होने की कामना

सीरिया में हर दिन औसतन साढ़े चार हज़ार से ज़्यादा बच्चों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ रहा है.
© UNICEF/Delil Souleiman
सीरिया में हर दिन औसतन साढ़े चार हज़ार से ज़्यादा बच्चों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ रहा है.

सीरियाई बच्चों के लिए नया साल शांतिपूर्ण होने की कामना

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फ़ोर ने नए साल पर एक अपील जारी करते हुए कहा है कि सीरिया में युद्ध की समाप्ति ही बच्चों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है. देश के पश्चिमोत्तर में इदलिब गवर्नरेट में बुधवार को एक प्राइमरी स्कूल में रॉकेट हमले में पांच बच्चों की मौत हो गई.

सीरिया में हिंसक संघर्ष को लगभग एक दशक पूरा हो रहा है और लाखों की संख्या में बच्चे इसका शिकार हुए हैं.

यूनीसेफ़ प्रमुख ने कहा कि, “नए साल का पहला दिन आशाओं से भरा और आगामी वर्ष के लिए ख़ुद को तैयार होने का होता है. सीरिया में परिवारों के लिए उम्मीद की कोई भी किरण दिल दहला देने वाली हिंसा के कारण ख़त्म हो जाती है.”

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हर दिन, साढ़े चार हज़ार से ज़्यादा बच्चों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ रहा है और इनमें से कई ऐसे हैं जो कई बार विस्थापन का शिकार हो चुके हैं.

“युद्ध के अंत के ज़रिए ही सीरिया में बच्चों को सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है जिसके वे हक़दार हैं. जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक शांतिपूर्ण वर्तमान और आशावान भविष्य का उनका अधिकार पूर्ण नहीं होगा.”

यूनीसेफ़ प्रमुख ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2020 उनके लिए शांति लेकर आएगा. साथ ही उन्होंने बच्चों, स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों पर हमलों को रोके जाने की अपील की है.

इदलिब में और उसके आस-पास हाल के हफ़्तों में भारी हिंसा में एक लाख 40 हज़ार से ज़्यादा बच्चे विस्थापित हुए हैं.

लेकिन स्कूलों व अस्पतालों सहित उन बुनियादी ढांचों पर हमले आम बात हो गई है जिन पर आम नागरिक निर्भर हैं.

पिछले वर्ष, संयुक्त राष्ट्र ने स्कूलों पर 145 हमले और अस्पतालों व मेडिकल स्टाफ़ पर 80 हमलों की पुष्टि की थी. इनमें से 90 फ़ीसदी से ज़्यादा हमले देश के पश्चिमोत्तर हिस्से में हुए.

सीरिया में जारी हिंसा के अलावा परिवारों को कड़ाके की सर्दी का भी सामना करना पड़ रहा है. इससे उनके लिए हालात ज़्यादा विकट हो गए हैं – विशेषकर उन परिवारों के लिए जो हिंसा से बचने के लिए घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं

यूनीसेफ़ और उसके साझेदार संगठन ज़मीनी स्तर पर सीरियाई बच्चों को ठंड के कपड़े, कंबल, पीने का साफ़ पानी, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और मनोसामाजिक सेवाओं उपलब्ध करा रहे हैं.

हालांकि हेनरीएटा फ़ोर ने कहा है कि इन प्रयासों से कई जानों को बचाने में मदद मिल रही है लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं.

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों के नवीनीकरण का आग्रह किया है जिनमें पश्चिमोत्तर सीरिया में मानवीय राहत का रास्ता बरक़रार रखने की बात कही गई है.