नई तकनीक आशा की किरण, लेकिन 'भय का स्रोत' भी

इंटरनेशनल इकॉनॉमिक फ़ॉरम में यूएन प्रमुख ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़ से मुलाक़ात की.
Ministry of Foreign Affairs (MFA) of the Russian Federation
इंटरनेशनल इकॉनॉमिक फ़ॉरम में यूएन प्रमुख ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़ से मुलाक़ात की.

नई तकनीक आशा की किरण, लेकिन 'भय का स्रोत' भी

एसडीजी

तकनीकी नवप्रवर्तन (इनोवेशन) से दुनिया की कायापलट हो रही है और इसके ज़रिए टिकाऊ विकास लक्ष्यों तक पहुंचना भी संभव है. रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फ़ॉरम को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि इंटरनेट लोगों को जोड़ता है लेकिन यह समुदायों में दरार भी ला रहा है.

महासचिव गुटेरेश ने सचेत किया कि आशा भरा रास्ता होने के बावजूद नई तकनीक भय का स्रोत भी है क्योंकि इससे श्रम बाज़ार में व्यापक तब्दीलियां होंगी. आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में नई नौकरियां पैदा होंगी लेकिन बड़ी संख्या में रोज़गार के अवसरों पर भी असर होगा.

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं के साथ मंच साझा करते हुए यूएन महासचिव ने डिजिटल सहयोग पर गठित एक उच्चस्तरीय पैनल जल्द ही एक नई रिपोर्ट सौंपने वाला है.

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इस रिपोर्ट में चौथी औद्योगिक क्रांति के भविष्य और उससे उपजने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर अनुशंसाओं को जारी किया जाएगा.

कई महीनों से पैनल के सदस्यों ने उद्योग और शिक्षा जगत, निजी क्षेत्र, सरकारों, आम नागरिक संगठनों और अंतरसरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठनों से सुझाव सुने और उनके आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है. पैनल का गठन लगभग एक साल पहले किया गया था.

“शिक्षा में हमें व्यापक निवेश की आवश्यकता है – लेकिन एक अलग तरह की शिक्षा की भी...सिर्फ़ चीज़ों को सीखना नहीं बल्कि कैसे सीखना है यह समझना. और पूरे जीवनकाल में सीखना.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि इस प्रक्रिया में प्रभावित लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा का सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है.

साइबर हमलों के नुक़सानों, निजता के हनन और मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को उन्होंने बड़ा ख़तरा बताया.

उन्होंने ध्यान दिलाया कि इंटरनेट एक ऐसा असाधारण ज़रिया है जो लोगों को जोड़ता है लेकिन नफ़रत भरे भाषणों से उन्हें विभाजित करने का हथियार भी है. और अभी सिर्फ़ आधी दुनिया ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर पा रही है.

“हमारी साझा चुनौती डिजिटल असमानता को घटाना, डिजिटल क्षमता का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना है कि नई तकनीकें हमारे साथ हों और सकारात्मक बदलाव लाने की ताक़त का काम करें.”

महासचिव गुटेरेश ने स्पष्ट किया कि उनका साझा फ़र्ज़ है कि वह यह प्रदर्शित करें कि उन्हें फ़िक्र है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग सफल हो सकता है. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुधार एजेंडा, निरस्त्रीकरण एजेंडा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और नफ़रत भरे भाषणों के विरूद्ध कार्ययोजना को इसी नज़रिए से आगे बढ़ाया जा रहा है.

शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात के बाद यूएन प्रमुख ने कहा कि बहुपक्षवाद के समर्थन में रूस अहम भूमिका अदा करता रहा है और मौजूदा समय में मुश्किल हालात में यह समर्थन पहले से कहीं महत्वपूर्ण है.