बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर ही आधारित है यूएन का काम

15 जनवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डो एस्पिनोसा ने कहा है कि दुनिया में बहुपक्षीय और क़ानून आधारित व्यवस्था तभी मज़बूत बन सकती है जब यूएन में नई ऊर्जा का संचार किया जाए. सदस्य देशों को अपनी प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कि यही उनकी पहली प्राथमिकता है.

एस्पिनोसा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र को सशक्त बनाना ही बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना है और इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के साथ वह दुनिया भर के नेताओं से मिल रही हैं. उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए प्रयास करने और यूएन के कामकाज को 2030 के टिकाऊ विकास लक्ष्यों से जोड़ने पर भी प्रतिबद्धता जताई. इसके लिए उन्होंने व्यापक स्तर पर आम लोगों में जागरूकता फैलाने और समर्थन जुटाने पर बल दिया. 

उनकी दूसरी प्रथामिकता प्रवासियों और शरणार्थियों पर हुए दो वैश्विक समझौतों को प्रभावी तरीक़े से अमल में लाना है. इसके लिए उन्होंने दो सहायकों को चुना है जो सदस्य देशों के साथ बातचीत कर ग्लोबल कॉम्पैक्ट को लागू करने में प्रगति सुनिश्चित करेंगे. एस्पिनोसा ने अंतरराष्ट्रीय प्रवासन के मुद्दे पर स्वस्थ बहस की महत्ता पर बल दिया जो तथ्य पर आधारित हो. 

महिलाधिकारों के चैंपियन के तौर पर उनकी तीसरी प्राथमिकता लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण होगी. "महासभा में लैंगिक बरारबरी के लिए प्रयास करने के लिए मैं वचनबद्ध हूं. शुरुआत मेरे कार्यालय से होती है जहां लैंगिक समानता एक सच्चाई है." एस्पिनोस ने हाल ही में लैंगिक बराबरी के लिए एक समूह का गठन किया है. 

रोज़गार के अच्छे अवसर उपलब्ध कराना उनकी चौथी प्राथमिकता है. उनका मानना है कि टिकाऊ विकास लक्ष्य 8 के तहत जो प्रयास किए जा रहे हैं उन्हें और मज़बूत करने की ज़रूरत है.

पर्यावरण संरक्षण एस्पिनोसा की पांचवी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सभी भागीदरों को जलवायु और पर्यावरण कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए वह कटिबद्ध हैं क्योंकि लगातार बढ़ते पारे को रोकने के लिए और कदम उठाए जाने की ज़रूरत है.उन्होंने माना कि फ़िलहाल जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में दुनिया में पिछड़ रही है.  

"जलवायु परिवर्तन से निपटने की कार्रवाई को एक ऐसे अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए जिससे लोगों के लिए बेहतर भविष्य का रास्ता बनाया जा सके जो हरित, स्वच्छ और टिकाऊ हो."

प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे पर उन्होंने यूएन साझेदारों से कहा कि जो कहा जाता है उसे अमल में लाया जाना चाहिए और सिर्फ़ एक बार इस्तेमाल में लाई जाने वाली प्लास्टिक से बनी वस्तुओं के संयुक्त राष्ट्र कार्यालयों में इस्तेमाल में कटौती होनी चाहिए. 

विकलांगों के लिए अधिकार सुनिश्चित करना उनकी छठी प्राथमिकता है. इस लक्ष्य को पाने के लिए वह पिछले साल दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय विकलांगता दिवस से पहले एक समिति का गठन कर चुकी हैं. साथ ही विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों पर हुई संधि के सार्वभौमिक अनुसमर्थन के लिए इस महीने वह एक मुहिम शुरू करन ेकी योजना बना रही हैं. इसी संबंध में जून 2019 में एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा.

शांति और स्थिरता उनकी अगली प्राथमिकता है. संघर्ष की रोकथाम, शांति निर्माण और फिर उसे कायम रखने के लिए हर उपलब्ध मंच का उपयोग करेंगी ताकि शांतिपूर्ण और मज़बूत समाजों को बनाया जा सके. 

 

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