वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

लैंगिक समानता

यूएन जनसंख्या कोष (UNFPA) का अनुमान है कि भारत के बिहार प्रदेश में, वर्ष 2022 में, 63 प्रतिशत लड़कियों का विवाह, 18 वर्ष की उम्र से पहले ही कर दिया गया था.
UNICEF/Vishwanathan

भारत: रूढ़िवादिता की बेड़ियाँ तोड़ती, रौशनी परवीन

भारत की 24 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता रौशनी परवीन, बाल विवाह की पीड़िता रहीं हैं और अब इस प्रथा के विरुद्ध अभियान चलाती हैं. रौशनी परवीन, शान्ति एवं सुलह पर केन्द्रित, वर्ष 2023 के युवा कार्यकर्ता सम्मेलन (जिनीवा) के विजेताओं में शामिल हैं. रौशनी परवीन की अनेक दोस्तों की तरह हीउनका विवाह भीकेवल 13 साल की उम्र में कर दिया गया था. रौशनी परवीन कोअपने पति से अलग होने का निर्णय लेने परअपने परिवार की कड़ी आलोचना का सामना करना पडा. रौशनी परवीन अब बाल विवाह के सम्भावित जोखिम का सामना करने वाली लड़कियों की पहचान करकेउन्हें जागरूक बनाने के प्रयास करती हैं. एक वीडियो.

विश्व भर में महिलाओं व लड़कियों को लिंग-आधारित हिंसा का सामना करना पड़ता है.
© IOM 2021/Lauriane Wolfe

राष्ट्रीयता क़ानूनों में महिलाओं के साथ भेदभाव, लैंगिक समानता के लिए चुनौती

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने क्षोभ प्रकट किया है कि विश्व के लगभग 50 देशों में अब भी ऐसे राष्ट्रीयता क़ानून मौजूद हैं, जिनके तहत महिलाओं व लड़कियों के साथ लैंगिक आधार पर भेदभाव किया जाता है. इसके मद्देनज़र, उन्होंने ऐसे क़ानूनों के प्रावधानों में संशोधन किए जाने पर बल दिया है.

ईरान की राजधानी तेहरान की एक सड़क पर हिजाब पहने हुए एक महिला.
Unsplash/Amir Hosseini

ईरान: नया हिजाब विधेयक, 'अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का मखौल', वापिस लेने की मांग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने ईरान की संसद द्वारा, लड़कियों व महिलाओं के लिए अनिवार्य पोशाक संहिता वाले विधेयक को पारित किए जाने पर गहरा खेद व्यक्त किया है. इस विधेयक में हिजाब नहीं पहनने और अन्य उल्लंघन मामलों में दोषी पाए जाने पर, 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है. 

दुनिया भर में लैंगिक समानता हासिल करने के लिए महिला नेतृत्व एक प्रमुख प्रोत्साहक कारक है.
UN Women

भारत – महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर संयुक्त राष्ट्र की बधाई

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने, भारत में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने का स्वागत किया है. इस विधेयक के तहतराष्ट्रीय संसद और प्रान्तीय विधायिकाओं मेंमहिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान है. 

अफ़ग़ानिस्तान में, कुछ बच्चे सामुदायिक शिक्षा के लिए क़तार में.
© UNICEF/Mihalis Gripiotis

UNCTAD: एसडीजी प्राप्ति की वार्षिक लागत $5 ट्रिलियन से अधिक

संयुक्त राष्ट्र के अर्थशास्त्रियों ने मंगलवार को कहा है कि महत्वाकांक्षी सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की लागत, अनुमानतः प्रति वर्ष $5.4 से $6.4 ट्रिलियन के बीच है.

स्वयं सहायता समूह से प्रशिक्षण के बाद महिलाओं में भारी मशीनरी चलाने का आत्मविश्वास आ गया.
UNWOMEN India/Ruhani Kaur

भारत: भूमिहीन प्रवासी श्रमिक से, मुखर सामुदायिक नेत्री तक का सफ़र

भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्वयं सहायता समूह, घूंघट के पीछे छुपकर ज़िन्दगी गुज़ारने को मजबूर महिलाओं के उत्थान के प्रयास कर रहे हैं, जिससे वो महिलाएँ आर्थिक सशक्तिकरण के ज़रिए, समुदाय की मूक सदस्य बने रहने भर के बजाय, एक प्रभावी कामकाजी महिला बनने व समुदायों का नेतृत्व करने में सक्षम हो रही हैं. इन महिलाओं की प्रेरक कहानी को यूएनवीमेन के प्रकाशन में स्थान मिला है.  

साधारण महिलाओं की असाधारण कहानियाँ.
UNWOMEN India

भारत: ज़मीनी स्तर की महिला नेतृत्व की कहानी, उनकी ज़ुबानी

भारत के ओडिशा प्रदेश के भुवनेश्वर शहर की एक महिला, मुख्यधारा की मीडिया के बजाय, अपने वीडियो चैनल के ज़रिए, संवेदनशील वर्ग की महिलाओं की कहानियाँ प्रसारित कर रही है, जिससे धीरे-धीरे ही सही, मगर क्षेत्र के ग्रामीण इलाक़ों में लैंगिक पूर्वाग्रह ध्वस्त हो रहे हैं. यूएनवीमेन के प्रकाशन से एक प्रेरक कहानी...

जंगल से शरीफ़े तोड़ती महिलाएँ.
UN Women India/Ruhani Kaur

भारत: सामुदायिक वन अधिकारों का मीठा फल

भारत में महाराष्ट्र प्रदेश के आदिवासी इलाक़े की महिलाएँ, वन अधिकार हासिल करके, स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए वन उत्पादों की इकाइयाँ स्थापित कर रही हैं, जिससे क्षेत्र की आर्थिक उन्नति के साथ-साथ, महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य प्राप्त करने में बहुत प्रगति हुई है. यूएनवीमेन के एक प्रकाशन में, इन आदिवासी महिलाओं की जिजीवीषा की सराहना की गई है.

2023 महिला फ़ुटबॉल विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में आयोजित हो रहा है.
FIFA

महिला फ़ुटबॉल विश्व कप: लैंगिक समानता के लिए UN Women और फ़ीफ़ा की साझा मुहिम

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत यूएन संस्था (UN Women) और अन्तरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल महासंघ (FIFA), इस वर्ष महिला विश्व कप फ़ुटबॉल के दौरान महिला खिलाड़ियों के कौशल व उपलब्धियों को रेखांकित करने, फ़ुटबॉल जगत में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और दुर्व्यवहार व भेदभाव की रोकथाम करने के लिए एक साथ मिलकर प्रयास करेंगे. 

भारत के राजस्थान राज्य में महिलाएँ, एक स्वास्थ्य व शिक्षा प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा ले रही हैं.
UN Women/Anindit Roy-Chowdhury/Ashutosh Negi

टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिए लैंगिक समानता अहम, कार्रवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार, 11 जुलाई, को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ पर अपने सन्देश में सचेत किया है कि विशाल मानव परिवार, आठ अरब से अधिक लोगों से मिलकर बना है, मगर सर्वजन के लिए एक शान्तिपूर्ण व समृद्ध दुनिया सुनिश्चित करने के प्रयासों में फ़िलहाल विफलता हाथ लग रही है.