लैंगिक समानता

लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई महिलाओं ने कोलंबिया के बोगोटा की सड़कों पर मार्च निकाला और महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ हिंसा को खत्म करने की माँग की.
UN Women

बहुत सी महिलाओं व लड़कियों के लिए उनका घर ही बना ‘सबसे ख़तरनाक स्थान’, यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों ने बुधवार को प्रकाशित एक हैरान करने वाली नई रिपोर्ट में कहा कि वर्ष 2021 में हर घंटे औसतन पाँच से अधिक महिलाओं या लड़कियों की हत्या, उनके ही परिवार किसी सदस्य ने कर दी . संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) और यूएन महिला संगठन  (UN Women) के एक नवीन अध्ययन में ये बात सामने आई है.

महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का अन्त करने की मांग के साथ, उरुग्वे में एक महिला आन्दोलन
UN Women/Sahand Minae

महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध हिंसा को ‘इतिहास की पुस्तकों में’ समेट दें

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने महिलाओं के विरुद्ध हिंसा का अन्त करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर बुधवार को कहा है कि हर 11वें मिनट कोई महिला या लड़की, अपने अन्तरंग साथी या परिवार के सदस्य के हाथों अपनी जान गँवा देती है. उन्होंने 25 नवम्बर को मनाए जाने वाले इस दिवस के मौक़े पर सभी से महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध हिंसा को, अतीत की बात बना देने का आग्रह भी किया है.

ईरान की तथाकथित नैतिकता पुलिस की हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद स्वीडन के स्टॉकहोम में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए.
Unsplash/Artin Bakhan

ईरान: विरोध प्रदर्शनों में बच्चों की मौतों व उन्हें बन्दी बनाए जाने पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने ईरान में पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान, सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में बच्चों की मौत होने और उन्हें हिरासत में लिये जाने के मामलों पर गहरी चिन्ता जताई है.

ईरान में 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की, हिजाब सम्बन्धी विवाद में मौत होने के बाद, स्वीडन में भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
Unsplash/Artin Bakhan

ईरान: हिजाब प्रदर्शनकारियों पर हिंसक बल प्रयोग की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने मंगलवार को कहा है कि ईरान में अधिकारियों को हाल ही में पुलिस हिरासत में मौत का शिकार होने वाली महिला महसा अमीनी के लिये न्याय की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का पूर्ण सम्मान करना होगा.

ईरान की राजधानी तेहरान का एक आसमानी दृश्य.
© Unsplash/Mahyar Motebassem

ईरान: ‘अनुचित' हिजाब गिरफ़्तारी के बाद, महिला की मौत पर गम्भीर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक मानवाधिकार उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ़ ने ईरान में एक महिला की हिरासत में मौत होने पर चिन्ता व्यक्त की. महसा अमीनी इस महिला को "अनुचित" हिजाब पहनने के कारण हिरासत में लिया गया था.

माली के मोपती क्षेत्र में गश्त के दौरान यूएन पुलिस की एक टीम.
MINUSMA/Harandane Dicko

यूएन मिशन में पुलिस – ‘वचन, उम्मीद व आशावाद का मूर्त रूप’

संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को न्यूयॉर्क में यूएन पुलिस प्रमुखों की तीसरी शिखर बैठक (UNCOPS) को सम्बोधित करते हुए कहा कि 90 से अधिक देशों में सेवारत यूएन पुलिस अधिकारी बहुपक्षवाद का मूर्त रूप हैं.  

हाल ही में पिपलांत्री के दौरे पर गए, भारत में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडैण्ट कोऑर्डिनेटर, शॉम्बी शार्प, श्याम सुन्दर पालीवाल के साथ.
UN India

'बेटी, जल और पेड़': एक पर्यावरण नारीवादी कार्यकर्ता की अनोखी मुहिम

भारत में राजस्थान प्रदेश के एक पूर्व-सरपंच, श्याम सुन्दर पालीवाल ने एक अनूठी परम्परा शुरू की, जिसके ज़रिये पर्यावरण और लैंगिक समानता को जोड़कर इलाक़े की कायापलट ही कर दी गई. उनकी पहल से न केवल इस सूखे रेगिस्तानी इलाक़े में हरियाली छा गई, बल्कि कभी बोझ मानी जाने वाली लड़कियों के जन्म पर जश्न मनाया जाने लगा.

सऊदी अरब की एक डॉक्टरेट छात्रा सलमा अल शेहाब, अपने पति और दो बच्चों के साथ.
© European Saudi Organisation for Human Rights

सऊदी अरब: ट्वीट मामले पर, 34 वर्ष की सज़ायाफ़्ता महिला की रिहाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय – OHCHR ने सऊदी अरब की एक महिला को तथाकथित असहमति रखने वालों और कार्यकर्ताओं के ट्वीट ‘फॉलो’ करने व उनके सन्देशों को आगे बढ़ाने के लिये एक महिला को 34 वर्ष की क़ैद की सज़ा सुनाए जाने पर शुक्रवार को आक्रोष व्यक्त किया है.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के नवाबाद ज़िले में, एक अफ़ग़ान लड़की
© UNICEF/Mohammad Haya Burhan

अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं व लड़कियों के लिये यूएन एजेंसियों की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने सोमवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक साल के शासन के दौरान महिलाओं और लड़कियों की ज़िन्दगियों के हालात बहुत ख़राब हुए हैं, जिससे मानवाधिकारों के तमाम क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. यूएन एजेंसियों ने तालेबान शासन के एक साल बाद, देश की महिलाओं और लड़कियों को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.