फ़लस्तीन: पूर्ण यूएन सदस्यता और इसराइली क़ब्ज़ा ख़त्म करने की पुकार

23 सितम्बर 2022

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने, अपने देश को संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बनाए जाने की अपील फिर दोहराई है. उन्होंने शुक्रवार को यूएन महासभा के 77वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए इसराइल के साथ शान्ति स्थापना की क्षीण होती सम्भावनओं के बारे में आगाह भी किया है.

राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा, फ़लस्तीन पिछले 10 वर्षों से संयुक्त राष्ट्र में पर्यवेक्षक रहा है जिससे ये साबित होता है कि अब पूर्ण सदस्यता हासिल करने के योग्य है. आप सबने इसे मान्यता दी है.

उन्होंने इस सन्दर्भ में जी-77 संगठन की अध्यक्ष किये जाने का भी सन्दर्भ दिया. केवल हम ही अपवाद हैं. दुनिया भर में केवल हम ही हैं जिन पर दोहरे मानक लागू किये जा रहे हैं.

हत्याएँ, लूटपाट, विध्वंस

राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अपना सम्बोधन इस विवरण के साथ शुरू किया कि फ़लस्तीनी लोग किस तरह, दशकों से इसराइली क़ब्ज़े के तहत तकलीफ़ें उठाते रहे हैं.

उन्होंने दुभाषियों के ज़रिये अपने सम्बोधन में कहा, इसराइल ने अपनी सेना और फ़लस्तीनी क्षेत्रों में बसने वाले आतकंवादियों को खुली छूट दे रखी है जो दिन-दहाड़े फ़लस्तीनी लोगों को मार रहे हैं, उनकी ज़मीन और पानी को लूट रहे हैं, उनके घरों को जला रहे हैं और ध्वस्त कर रहे हैं, उन्हें इस विध्वंस के बदले रक़म अदा करने के लिये मजबूर कर रहे हैं, या उन्हें ख़ुद अपने ही घर, अपने ही हाथों से ध्वस्त करने के लिये विवश कर रहे हैं, और उनके पेड़ों को उजाड़ रहे हैं.

उन्होंने अन्य घटनाओं के साथ-साथ, फ़लस्तीनी-अमेरिकी पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की हत्या के मुद्दे का भी ज़िक्र किया.

ध्यान रहे कि अल जज़ीरा पत्रकार शिरीन को मई 2022 में उस समय घातक गोली लगी थी जब वो फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में किसी घटना को कवर करने के लिये वहाँ थीं. महमूद अब्बास ने कहा कि इसराइल ने ये स्वीकार किया है कि शिरीन की मौत, एक इसराइली बन्दूक निशानेबाज़ की गोली से हुई थी.

उन्होंने विश्व नेताओं से कहा, मैं संयुक्त राज्य अमेरिका को ये चुनौती देता हूँ कि वो उन लोगों पर मुक़दमा चलाएँ, जिन्होंने इस अमेरिकी नागरिक (शिरीन) को मार दिया. क्यों? क्योंकि वो इसराइली हैं.

भरोसा दरक रहा है

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति ने शान्ति की सम्भावनाओं के सम्बन्ध में कहा कि न्याय और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून पर आधारित शान्ति हासिल करने की सम्भावना और हमारा भरोसा, दुर्भाग्य से दरक रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इसराइल अन्तरराष्ट्रीय प्रस्तावों की अनदेखी कर रहा है और समझौतों को कमज़ोर कर रहा है और अब वो शान्ति प्रक्रिया में कोई भागीदार ही नहीं बचा है.

इसराइल ने अपनी मौजूदा नीतियों, जोकि पूर्व नियोजित व सोची-समझी हैं, उनके ज़रिये दो-राष्ट्र की स्थापना के समाधान को ध्वस्त किया है और अब भी कर रहा है. इससे बिल्कुल स्पष्टतः साबित होता है कि इसराइल शान्ति में विश्वास नहीं करता है. इसराइल ताक़त और आक्रामक तरीक़ों के ज़रिये यथा स्थिति को ही बनाए रखने में विश्वास करता है.

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने यूएन महासचिव से, क्षेत्र में शान्ति, सुरक्षा और स्थिरता प्राप्ति की ख़ातिर इसराइली क़ब्ज़े को ख़त्म करने के लिये, अन्तरराष्ट्रीय प्रस्तावों और अरब शान्ति पहल के अनुरूप, एक अन्तरराष्ट्रीय योजना बनाने का आहवान किया.

एक सकारात्मक घटनाक्रम

महमूद अब्बास ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ़ बाइडेन और इसराइली प्रधानमंत्री याइर लपीड के साथ-साथ अन्य नेताओं ने इस यूएन महासभा में अपने भाषणों में, दो-राष्ट्र की स्थापना के समाधान का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा, ये वास्तव में एक सकारात्मक घटनाक्रम है. हालाँकि उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि इस रुख़ की गम्भीरता और विश्वसनीयता का असल इम्तेहान, इसराइल के लिये बातचीत की मेज़ पर तुरन्त लौटने के रूप में होगा.

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति ने कहा, फ़लस्तीनी राष्ट्र शान्ति की तरफ़ नज़रें टिकाए हुए हैं. आइये हम ये शान्ति क़ायम करें – सुरक्षा, स्थिरता और ख़ुशहाली में जीवन जीने के लिये – हमारी आने वाली पीढ़ियों की भलाई की ख़ातिर और क्षेत्र के तमाम लोगों की ख़ातिर.

 

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिये यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें
♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एण्ड्रॉयड