यूएन75: सबकी चाहत वाले भविष्य की ओर

21 सितम्बर 2020

वर्ष 2020 में संयुक्त राष्ट्र अपनी स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ मना रहा है. इस अवसर पर सोमवार, 21 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अनेक विश्व नेताओं ने शिरकत की. इस आयोजन की थीम थी - "The Future we want, The United Nations we need यानि 'भविष्य, हमारी चाहत वाला, संयुक्त राष्ट्र, हमारी ज़रूरत वाला'. साथ ही युवाओं की भूमिका, और आने वाली पीढ़ियों के लिये संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता बनी रहने पर भी ख़ास ज़ोर दिया गया.

इन समारोहों की झलकियों सम्बन्धी सामग्री यहाँ संकलित है...

संयुक्त राष्ट्र अपनी स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ मनाते समय इस विश्व संगठन के सामने पेश भविष्य की चुनौतियों पर भी ग़ौर कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र को भावी पीढ़ियों के लिये प्रासंगिक बनाने के लिये वैश्विक संवाद शुरू किया गया है. दुनिया और संयुक्त राष्ट्र के सामने पेश चुनौतियों पर एक नज़र...

संयुक्त राष्ट्र का प्रशंसा गीत

यूएन महासभा के 75वें सत्र के बारे में विस्तृत मल्टीमीडिया सामग्री इस वेबसाइट पर उपबल्ध है. यहाँ प्रस्तुत है कवि डब्ल्यू एच ऑडेन की एक कविता पर यूएन वीडियो द्वारा तैयार एक फ़िल्म, जो उन्होंने एक ऐसे भविष्य की आशा व्यक्त करते हुए लिखी थी जहाँ सभी इनसान भाई समान हों...

 

 

भविष्य की ओर क़दम बढ़ाते हुए...

संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ मनाए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव यूएन महासभा में पारित किया जाना प्रस्तावित था. संक्षेप में ज़िक्र किया जाए तो इस प्रस्ताव में पृथ्वी ग्रह की संरक्षा करने, शान्ति को बढ़ावा देने, और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने का संकल्प फिर दोहराया गया है.

महासभा अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने अपने उदघाटन सम्बोधन में कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध से हुई तबाही के बाद एक ऐसे विश्व मंच की स्पष्ट ज़रूरत महसूस की गई थी जहाँ देशों की गतिविधियों में तालमेल बिठाया जा सके, और संयुक्त राष्ट्र पिछले 75वर्षों के दौरान इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिये प्रयासरत रहा है.

महासभा अध्यक्ष ने विभिन्न उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया जिनमें, परमाणु हथियार संघर्ष रोकने के लिये शस्त्र नियन्त्रण प्रणालियाँ विकसित किया जाना, शान्ति मिशनों के ज़रिये शान्ति क़ायम रखना और आम लोगों की हिफ़ाज़त सुनिश्चित करना, और, चुनावी सहायता शामिल हैं जिनके ज़रिये लोकतन्त्र में आम लोगों का भरोसा फिर बहाल हुआ है.

वोल्कान बोज़किर ने इस महीने के आरम्भ में यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा था कि भविष्य में आगे बढ़ते हुए, एक “अपग्रेडेड” यानि एक नवीनीकृत संयुक्त राष्ट्र को वर्तमान की चुनौतियों का सामना करना होगा. उन्होंने आने वाले दशकों में यूएन की प्रासंगिकता बनाए रखने और कमज़ोर हालात वाले लोगों व समुदायों की हिफ़ाज़त के लिये कार्यक्रम बनाए जाने, साथ ही, कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों का मुक़ाबला करने के प्रयासों के बारे में भी बातचीत की. 

वोल्कान बोज़किर का ये इण्टरव्यू यहाँ देखा जा सकता है...
 

 

-----------------------------------------------------------

उपलब्धियों पर गर्व, उम्मीदों पर ख़रा उतरना होगा...

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर सोमवार को न्यूयॉर्क में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ज़ोर देकर कहा कि एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिये इस विश्व संगठन से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं.

यूएन प्रमुख ने सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को ध्यान दिलाया कि न्यायसंगत, सहनशील और टिकाऊ विश्व का निर्माण करने के लिये बहुपक्षवाद एक आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने और अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिये यूएन को नए कलेवर में इन प्रयासों के केन्द्र में बने रहना होगा. 

अपने सम्बोधन में महासचिव ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र उतना ही मज़बूत है जितना चार्टर के मूल्यों और एक दूसरे के साथ सहयोग के लिये सदस्य देश संकल्पित हैं.

ये सम्बोधन विस्तार से यहाँ पढ़ सकते हैं...

-------------------------------------------------------------------------------------

संयुक्त राष्ट्र के सामने दरपेश चुनौतियों, उसकी उपलब्धियों और भविष्य के लिये प्रासंगिकता के सन्दर्भ में एक फ़िल्म तैयार की गई जिसका नाम है - नेशन्स यूनाइटेड: असाधारण समय के लिये असाधारण समाधान...

 

--------------------------------------------------------------------------------------

ऐसी कौन सी तीन चीज़ें हैं जो विश्व को बचा सकती हैं...

 

 

 

 

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लि/s यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें
♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एण्ड्रॉयड