बहामास में डोरियन तूफ़ान की तबाही के बीच सहायता कार्य तेज़

3 सितम्बर 2019

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और उसके साझेदारों ने डोरियन तूफ़ान से बहामास में भारी तबाही होने की चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वो इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने वाले हर एक व्यक्ति के लिए चिंतित हैं. डोरियन तूफ़ान ने बहामास और अबाको दो कैरीबियाई द्वीपों को बुरी तरह प्रभावित किया है. 

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यों के संयोजक कार्यालय के एक पदाधिकारी जेन्स लाएर्के ने जिनीवा में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ग्रैंड बहामा और अबाको द्वीप से मिले शुरूआती आकलन में जानकारी मिली है कि तूफ़ान का असर बहुत भीषण है. 

इन दोनों स्थानों पर ही इस समुद्री तूफ़ान ने भीषण तबाही मचाई है और मंगलवार की सुबह तक वहीं जमा हुआ था. 

जेन्स लाएर्के ने कहा, "ताज़ा ख़बरें मिलने तक डौरियन तूफ़ान ने अबाको द्वीप की ज़मीन पर बुरी तबाही मचाई है जहाँ की आबादी लगभग 17 हज़ार है. हम उन सभी की सुरक्षा के लिए बहुत चिंतित हैं. अब ये तूफ़ान ग्रैंड बहामा के ऊपर पहुँच चुका है जहाँ की आबादी लगभग 51 हज़ार है. हम उन सभी के लिए बहुत चिंतित हैं. बहामास के प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि इस तूफ़ान के कारण पाँच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है."

बीते सप्ताहांत को जब ये तूफ़ान बहामास के पश्चिमोत्तर इलाक़े में पहुँचा था तो शुरू में इस तूफ़ान की श्रेणी 5 परिभाषित की गई थी.

उस समय इस तूफ़ान की हवाएँ 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चल रही थीं. डोरियन नामक इस तूफ़ान की श्रेणी अब दो अंक कम कर दी गई है. 

लेकिन विश्व मौसम संगठन ने कहा है कि इसकी श्रेणी कुछ भी हो, ये तूफ़ान अब भी बहुत घातक और जानलेवा होने में सक्षम है.

विश्व मौसम संगठन की प्रवक्ता क्लेयर न्यूलिस ने कहा, "बहामास की धरती पर तबाही मचाने वाला ये तूफ़ान अभी तक के रिकॉर्ड में सबसे ताक़तवर था.

इसकी भीषणता की चोटी के समय इसकी तूफ़ानी हवाओं की रफ़्तार 270 किलोमीटर प्रतिघंटा थी जोकि बहुत ज़्यादा तेज़ है. हवाई थपेड़ों की रफ़्तार तो 321 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दर्ज की गई."

"ये बिल्कुल जानलेवा है और बहुत घातक है, हालाँकि अब ये कुछ कमज़ोर होकर श्रेणी-3 के स्तर वाला समुद्री तूफ़ान हो गया है. अब भी हवाएँ घातक रफ़्तार से जारी हैं, तूफ़ान का उफ़ान अब भी जानलेवा है और अब भी भीषण वर्षा जारी है."

अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस और रेडक्रेसेंट सोसायटीज़ (आईएफ़आरसी) ने तूफ़ानी लहरों की ऊँचाई पाँच से सात मीटर तक होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि तेज़ हवाओं से व्यापक नुक़सान हुआ है और 13 हज़ार से ज़्यादा घर या तो बुरी तरह क्षति ग्रस्त हुए हैं या पूरी तरह तबाह हो गए हैं. ये संख्या दोनों द्वीपों पर कुल घरों की लगभग 45 फ़ीसदी है. 

आईएफ़आरसी के प्रवक्ता मैथ्यू कॉचरेन का कहना था, "जहाँ तक लोगों की ज़रूरतों का सवाल है तो हमारा ख़याल है कि अबाको द्वीप की आबादी सबसे ज़्यादा नाज़ुक हालात का सामना कर रही है.

इस द्वीप पर हेती समुदाय की ख़ासी आबादी है जिन्हें, हमारे ख़याल में, इस तूफ़ान की तबाही से निपटने और ज़िंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए काफ़ी मदद की ज़रूरत पड़ेगी."

"हमारा ख़याल है कि दोनों द्वीपों पर लगभग 62 हज़ार लोगों को पीने के साफ़ पानी की ज़रूरत होगी."

हज़ारों को खाद्य सहायता की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने अन्य मानवीय सहायता पार्टनर्स के साथ मिलकर लोगों की ज़रूरतों का शुरूआती आकलन किया है. इसके अनुसार अबाको द्वीप में 14 हज़ार से ज़्यादा और ग्रैंड बहामा में 47 हज़ार से ज़्यादा लोगों को खाद्य सहायता की ज़रूरत होगी. 

एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा है कि इस समुद्री तूफ़ान से हुए नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए बहामास सरकार के साथ मिलकर शुरूआती त्वरित आकलन किया जाएगा. उसी के अनुरूप ज़रूरतों की प्राथमिकता तय की जाएगी.

आपदा का ख़तरा कम करने के मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत मामी मिज़ूतूरी ने  इस बीच इस भीषण तूफ़ान को असाधारण क़रार देते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

 

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