'प्रवासन और टिकाऊ विकास में निकट संबंध'

27 फ़रवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने कहा है कि प्रवासन और टिकाऊ विकास के मुद्दे गहराई तक आपस में जुड़े हुए हैं.. ऐसे में टिकाऊ विकास लक्ष्यों से जुड़ा संयुक्त राष्ट्र का 2030 एजेंडा तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक उसमें व्यापक रूप से प्रवासियों को सम्मिलित न किया जाए. 

प्रवासन के मुद्दे पर एक बैठक में महासभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) और 2030 एजेंडा दुनिया में सभी का जीवन स्थायी रूप से बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं,

उन्होंने अपने भाषण में एसडीजी 10 के सातवें उद्देश्य का विशेष रूप से उल्लेख किया जो व्यवस्थित,  नियमित, और ज़िम्मेदार ढंग से प्रवासन को संभव बनाने के लिए कार्य करता है. इसे पूरा करने के लिए उन्होंने योजनाबद्ध ढंग से बेहतर प्रबंधन के साथ प्रवासन नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया है. 

"ऐसी नीतियों और गतिविधियों में प्रवासियों को शामिल किए जाने की ज़रूरत है जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और ज़रूरी सेवाओं को मुहैया कराने पर केंद्रित हैं. इससे शांतिपूर्ण और समावेशी समाजों के निर्माण को सुनिश्चित किया जा सकेगा. "

महासभा अध्यक्ष ने कहा कि मजबूरी में प्रवासन को हमेशा के लिए ख़त्म करने का सर्वोत्तम रास्ता एसडीजी लक्ष्यों को पूरा करना है. इसके ज़रिए ऐसे कारणों को ख़त्म किया जा सकता है जो लोगों को अपना घर छोड़कर  बेहतर जीवन की तलाश में जाने को मजबूर करते हैं. "कोई भी अपने परिवार, ज़मीन और संपत्ति को छोड़ कर तब तक नहीं जाना चाहता जब तक कोई बड़ी वजह न हो."

प्रवासी महिलाओं की संख्या कुल प्रवासियों की संख्या में आधे से अधिक है. इसलिए उनकी आवश्यकताओं को विशेष रूप से पूरा किया जाना चाहिए. उन्हें मुश्किल श्रम नीतियों का सामना करना पड़ता है, वे हिंसा और शोषण का शिकार होती हैं और बड़ी संख्या में मानव तस्करों के हाथ लगने का जोखिम झेलती हैं. 

आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रवासियों की आय का 85 फ़ीसदी हिस्सा मेज़बान देशों में ही रहता है. "ये तथ्य हमें बताता है कि प्रवासन से होने वाला लाभ चुनौतियों से कहीं बड़ा है.  सैकड़ों अरबों डॉलर की रकम प्रवासी वापस अपने देशों को भेजते हैं. यह योगदान विकास कार्यों में मदद के लिए कुल आधिकारिक धनराशि का तीन गुना है."

एस्पिनोसा ने कहा कि इस तरह से प्रवासी ग़रीबी कम करने, भुखमरी उन्मूलन और बेहतर स्वास्थ्य के लक्ष्य को हासिल करने में अपना योगदान देते हैं. 

प्रवासन के मुद्दे पर पूर्वाग्रहों से प्रेरित बहस से उपजने वाली चुनौतियों पर ज्ञानपरक चर्चा होनी चाहिए. साथ ही नकारात्मक और भेदभावपूर्ण बहस को उखाड़ फेंकने के लिए मिलकर प्रयास किए जाने चाहिए. 

प्रवासन के मुद्दे पर ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑफ़ माइग्रेशन पर सहमति पिछले साल दिसंबर में बनी थी जिसमें प्रवासन के हर पहलू से व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से निपटने पर ज़ोर दिया गया है. एस्पिनोसा ने ध्यान दिलाया कि यह समझौता किसी भी देश की संप्रभूता को प्रभावित नहीं करता. कोई भी देश, चाहे वो कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अकेले प्रवासन के मुद्दे को नहीं सुलझा सकता. 

प्रवासन और विकास के मुद्दे पर वार्ता का आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने किया था ताकि उन टिकाऊ विकास लक्ष्योें पर प्रगति का जायज़ा लिया जा सके जो प्रवासन से संबंधित हैं. 

 

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