काला सागर निर्यात बढ़ा, वैश्विक वाणिज्य व खाद्य क्षेत्रों में विश्वास बहाली

काला सागर अनाज निर्यात पहल के तहत, पहला वाणिज्यिक जहाज़, सामग्री लेकर रवाना होते हुए.
© UNOCHA/Levent Kulu
काला सागर अनाज निर्यात पहल के तहत, पहला वाणिज्यिक जहाज़, सामग्री लेकर रवाना होते हुए.

काला सागर निर्यात बढ़ा, वैश्विक वाणिज्य व खाद्य क्षेत्रों में विश्वास बहाली

शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायताकर्मियों का कहना है कि यूक्रेन व रूस के बन्दरगाहों से अनाज व उर्वरकों के निर्यात को सम्भव बनाने के लिये वजूद में आए काला सागर अनाज निर्यात समझौते के लागू हुए दो महीने हो चुके हैं जिस दौरान निर्यात में व्यापक बढ़ोत्तरी से वैश्विक वितरकों में विश्वास बहाल हो रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 27 जुलाई 2022 को तुर्कीये के इस्तान्बूल शहर में हस्ताक्षर किये गए, काला सागर समझौते को, “आशा की एक मशाल” क़रार दिया था.

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संयुक्त राष्ट्र और तुर्कीये समर्थित उस समझौते पर यूक्रेन व रूस के प्रतिनिधियों ने भी हस्ताक्षर किये थे.

उस समझौते के तहत 1 अगस्त 2022 को शुरू होकर, अभी तक 54 लाख मीट्रिक टन अनाज व अन्य खाद्य सामग्रियों से भरे, 240 जहाज़ यूक्रेनी बन्दरगाहों से रवाना हो चुके हैं.

यूक्रेनी बन्दरगाहों से रवाना होने वाले और वहाँ पहुँचने वाले जहाजों की निगरानी के लिये, ओडेसा में बनाए गए संयुक्त समन्वय केन्द्र (JCC) में यूएन प्रतिनिधि डेनिस मैलॉन का कहना है, “काला सागर अनाज निर्यात पहल के तहत हम जो देख रहे हैं वो है – भरोसे में बढ़ोत्तरी, जहाज़रानी समुदाय में भरोसा, व्यावसायिक जहाज़रानी समुदाय में भरोसा.”

उन्होंने कहा, “हम जहाज़रानी बीमा की क़ीमतों में कमी होते देख रहे हैं, हम निर्यात के लिये प्रयोग किये जा रहे जहाज़ों की गुणवत्ता में भी सुधार होता देख रहे हैं."

"हम स्थानीय समुदाय और कृषक समुदाय के भरोसे में भी बढ़ोत्तरी देख रहे हैं. अब वो ये देख पा रहे हैं कि उनका अनाज निर्यात हो रहा है, जिससे उनके भंडार ख़ाली हो पा रहे हैं, और ये भी कि वो भविष्य की फ़सलों के लिये तैयारियाँ कर सकते हैं.”

संयुक्त राष्ट्र के विशेष जहाज़

संयुक्त राष्ट्र का विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) अभी तक मानवीय सहायता सामग्री से भरे चार जहाज़, यूक्रेन से रवाना कर चुका है.

इसी तरह के नवीनतम जहाज़ का नाम – बीसी वैनेसा है जिसमें 30 हज़ार टम अनाज भरा है जो अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय तकलीफ़ें कम करने के मक़सद से अपनी मंज़िल की ओर अग्रसर है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यक्रमों के तहत, इसी तरह के जहाज़, इथियोपिया और यमन में गेहूँ पहुँचा चुके हैं.

इस समझौते का एक नतीजा – वैश्विक खाद्य क़ीमतों में त्वरित गिरावट भी है, जिसकी बदौलत, उपभोक्तागण आसानी से अनाज ख़रीद पा रहे हैं, एक बार फिर.

यूक्रेन दुनिया के सबसे बड़े अनाज निर्यातक देशों में से एक है, जोकि हर साल वैश्विक बाज़ारों को, साढ़े चार करोड़ टन अनाज निर्यात करता है.