कोलंबिया में शांति बहाली की दिशा में अहम प्रगति

13 जनवरी 2020

कोलंबिया में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत कार्लोस रुइथ मैसियू  ने कहा है कि गंभीर चुनौतियों के बावजूद देश में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है. विशेष प्रतिनिधि ने सोमवार को कोलंबिया पर यूएन महासचिव की ताज़ा रिपोर्ट पेश करते हुए सुरक्षा परिषद को यह जानकारी दी है.

कोलंबिया में यूएन सत्यापन मिशन के प्रमुख और विशेष प्रतिनिधि कार्लोस रुइथ मैसियू ने बताया कि कोलंबिया में हिंसा प्रभावित समुदायों की सुरक्षा सहित कई गंभीर चुनौतियों का सामना करते हुए शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.

अक्टूबर 2019 में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के साथ क्षेत्रीय चुनावों में हिस्सेदारी का बढ़ना कोलंबियाई लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है.

नवंबर 2016 में संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से कोलंबिया सरकार और ग़ुरिल्ला फ़ार्क विद्रोहियों (FARC) के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ था जिसके बाद दशकों से चले आ रहे सशस्त्र संघर्ष पर विराम लगा था.

हज़ारों पूर्व लड़ाके शांति प्रक्रिया के तहत मिले अवसरों का लाभ उठाकर नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रहे हैं हालांकि कई सुरक्षा ख़तरे और मुश्किलें बरक़रार हैं.

शांति प्रक्रिया में पीड़ितों की हिस्सेदारी

विशेष प्रतिनिधि ने बताया कि कोलंबिया में पीड़ितों की मदद के लिए ‘सत्य, न्याय, पुनर्वास और पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थापित व्यापक प्रणाली’ अपना अमूल्य कार्य जारी रखे है और इसमें पीड़ितों की सक्रिय भागीदारी रही है.

विशेष प्रतिनिधि मैसियू ने इस प्रगति के लिए कोलंबिया सरकार, विद्रोही गुट एफ़एआरसी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सहयोग के साथ-साथ कोलंबियाई नागरिकों – नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों, निजी सेक्टर, स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं – की भूमिका की प्रशंसा की है.

UN Verification Mission/Elizabeth Tarde
पूर्व लड़ाकों को शांति प्रक्रिया के तहत फिर से नई ज़िंदगी शुरू करने का अवसर मिल रहा है.

“पिछले शनिवार ही दक्षिणी तोलिमा क्षेत्र, जहां क़रीब 50 साल पहले हिंसक संघर्ष शुरू हुआ था, वहां पूर्व लड़ाकों, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने आस-पास के इलाक़े में रहने वाले लोगों की भलाई के लिए एक पुल का निर्माण शुरू किया है.”

“मुझे नहीं लगता कि नए वर्ष का आरंभ करने के लिए इससे ज़्यादा कोई और उत्साहजनक ख़बर हो सकती है कि पहले जिनमें दुश्मनी थी वे अब स्थानीय समुदाय की भलाई के लिए एक पुल बना रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2019 में फिर से समाज में एकीकरण के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है जिससे इस प्रक्रिया के लिए एक खाका तैयार हो गया है.

9 हज़ार से ज़्यादा पूर्व लड़ाके दूरदराज़ के इलाक़ों में रहते हैं और सुरक्षा जोखिमों का सामना करने के अलावा बुनियादी सुविधाओं के अभाव से पीड़ित हैं.

शिक्षा, रोज़गार और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है.

चिंताजनक घटनाएँ

उन्होंने चिंता ज़ाहिर की है कि पहले हिंसा से प्रभावित इलाक़ों में फिर अशांति होने से शांति के लिए ख़तरा पैदा हो गया है. प्रतिबंधित हथियारबंद गुट सामुदायिक नेताओं और पूर्व लड़ाकों को निशाना बना कर हमले कर रहे हैं.

“अगर सामाजिक नेताओं की साहसिक आवाज़ों को हिंसा के ज़रिए चुप करा दिया जाए और एकीकरण के लिए संकल्प दिखाने वाले और अपने हथियार डालने वाले पूर्व लड़ाकों को अगर मार दिया जाए, तो शांति पूरी तरह हासिल नहीं की जा सकेगी.”

उन्होंने कहा कि मुश्किल से हासिल की गई इस प्रगति की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए  

उन ग्रामीण इलाक़ों में हालात विशेष रूप से ख़राब हैं जहां सरकारी मशीनरी की उपस्थिति सीमित है और ग़रीबी व्याप्त है. यहां हथियारबंद गुट अब भी स्थानीय लोगों को आतंकित कर रहे हैं और ग़ैरक़ानूनी अर्थव्यवस्था पर क़ब्ज़ा बनाए रखना चाहते हैं.

"कोलंबिया दशकों से जिन चुनौतियों का सामना करता रहा है उनके निपटारे के लिए शांति समझौते में दूरदर्शी प्रावधान सुझाए गए हैं. इस वजह से शांति समझौते को आपस में जुड़े पहलुओं के साथ पूरी तरह लागू किया जाना ही एक शांतिपूर्ण व समृद्ध कोलंबिया के लिए सर्वश्रेष्ठ आशा प्रदान करता है.”

 

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