तंबाकू सेवन की जानलेवा लत से छुटकारे के लिए ज़्यादा मुस्तैदी की दरकार

26 जुलाई 2019

इस समय लगभग पाँच अरब लोग ऐसे देशों में रह रहे हैं जहाँ धूम्रपान पर पाबंदी लगाई जा चुकी है, धूम्रपान उत्पादों पर ख़तरे की चेतावनी दिखाई जाती है और तंबाकू सेवन पर नियंत्रण के अन्य तरीक़े शुरू किए गए हैं, फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताज़ा रिपोर्ट दिखाती है कि बहुत से देश तंबाकू सेवन और धूम्रपान पर नियंत्रण पाने के लिए समुचित उपाय नहीं कर रहे हैं.

शुक्रवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धूम्रपान और तंबाकू सेवन वाले प्रतिबंधों वाले देशों में रहने वालों की ये संख्या एक दशक पहले के मुक़ाबले चार गुना ज़्यादा है.

यानी अनेक देशों की सरकारों ने तंबाकू के ख़िलाफ़ लड़ाई में अच्छी प्रगति की है मगर बहुत से देश अब भी लोगों को तंबाकू सेवन और धूम्रपान की लत छुड़ाने के लिए समुचित उपाय नहीं कर रहे हैं.

दुनिया भर में तंबाकू सेवन और धूम्रपान का लोगों के स्वास्थ्य और ज़िंदगियों पर पड़ने वाले असर के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ये सातवीं रिपोर्ट है.

इस रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू नियंत्रण फ्रेमवर्क कन्वेंशन (WHO FCTC) में सुझाए गए तरीक़ों को असरदार ढंग से लागू करने के क्षेत्र में देशों के प्रयासों का विश्लेषण किया गया है.

ये तरीक़े या उपाय MPOWER में दिए गए सुझावों की ही तरह तंबाकू से ज़िंदगियाँ बचाने और तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य की देखभाल पर होने वाले ख़र्च को कम करने के लिए वजूद में लाए गए हैं.

MPOWER रिपोर्ट सरकारों को तंबाकू नियंत्रण के लिए रणनीति बनाने में विश्व स्वास्थ्य संगठन के फ्रेमवर्क की तर्ज़ पर कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते 2007 में लाँच किया गया था.

ये छह मुख्य बिंदु थे:

  • Monitor – तंबाकू के इस्तेमाल और उसकी रोकथाम संबंधी नीतियों की निगरानी.
  • Protect – लोगों को धूम्रपान से बचाना
  • Offer – तंबाकू सेवन छोड़ने में मदद मुहैया कराना
  • Warn – लोगों को तंबाकू सेवन के ख़तरों के बारे में आगाह करना
  • Enforce – तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन, उनकी हमायत और स्पांसरशिप पर प्रतिबंध लागू करना
  • Raise taxes on tobacco - तंबाकू पर कर वृद्धि.

तंबाकू पर पाबंदी मुस्तैद हो

ताज़ा रिपोर्ट का मुख्य ज़ोर उन देशों पर है जहाँ लोगों को तंबाकू सेवन को छोड़ने में मदद मुहैया कराने में ख़ास प्रगति हुई है.

ये रिपोर्ट शुक्रवार को ब्राज़ील में लाँच की गई जो MPOWER को लागू करने वाला तुर्की के बाद दूसरा देश बन गया है और इसमें ब्राज़ील ने अच्छी कामयाबी हासिल की है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस का कहना था कि तमाम देशों की सरकारों को सभी नागरिकों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराने के प्रयासों के हिस्से के रूप में ही तंबाकू सेवन बंद करने के उपाय बहुत गंभीरता से लागू करने चाहिए.

उनका कहना था, “तंबाकू सेवन के हमेशा के लिए अलविदा कह देना एक ऐसा सबसे अच्छा काम है जो कोई व्यक्ति ख़ुद अपने स्वास्थ्य की ख़ातिर आसानी से कर सकता है.

MPOWER सरकारों को तंबाकू सेवन की लत छुड़ाने में लोगों की मदद करने के लिए कारगर तरीक़े बताता है. तंबाकू सेवन छोड़कर लोग ना सिर्फ़ अपने जीवन में बल्कि अन्य लोगों के जीवन में अनेक वर्ष बचा सकते हैं.”

रिपोर्ट में कुछ तसल्ली भी व्यक्त की गई है कि तंबाकू सेवन की लत छुड़वाने में प्रगति भी हो रही है.

अब क़रीब दो अरब 40 करोड़ लोग ऐसे देशों में रहते हैं जहाँ तंबाकू सेवन बंद कराने के लिए व्यापक सुविधाएँ और सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं.

साल 2007 तक ये संख्या लगभग दो अरब थी, यानी इन क़रीब 12 वर्षों में तंबाकू सेवन बंद कराने के प्रयासों के दायरे में लगभग 40 करोड़ लोग और जुड़ गए हैं.

रिपोर्ट में हालाँकि कुछ अफ़सोस भी व्यक्त किया गया है कि सिर्फ़ 23 देश ऐसे हैं जहाँ तंबाकू सेवन बंद कराने के लिए बहुत गंभीरता और मुस्तैदी से काम किया जा रहा है.

इसलिए MPOWER को पूरी गंभीरता से लागू करने के मामले में अब भी देशों की संख्या बहुत कम है.

 

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