फ्राँस: चर्च में हमले की कड़ी निन्दा, सहिष्णुता की पुकार

29 अक्टूबर 2020

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने फ्राँस के दक्षिणी शहर नीस के एक चर्च में चाकू से किये गए हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. ख़बरों के अनुसार गुरुवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है. यूएन अलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की निन्दा करते हुए सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. 

महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी किये गए बयान में उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ व्यक्त करते हुए फ्राँस की सरकार और स्थानीय जनता के साथ संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता को प्रदर्शित किया है. 

मीडिया ख़बरों के अनुसार चाकू से लैस एक हमलावर ने नीस के केन्द्रीय इलाक़े में स्थित नॉट्रे डैम बैसिलिका में क़रीब सुबह 9 बजे प्रवेश किया. 

इस हमले में एक पुरुष और महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. एक अन्य महिला गम्भीर रूप से घायल हुई जिसकी बाद में मौत हो गई. 

पुलिस द्वारा गोलियाँ चलाने के बाद हमलावर घायल हुआ है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. 

फ्राँस में स्थानीय प्रशासन इस मामले को एक आतंकवादी घटना मानकर जाँच कर रहा है. 

नीस शहर में गुरूवार को हुए इस हमले से क़रीब दो सप्ताह पहले राजधानी पेरिस के नज़दीक के एक इलाक़े में एक शिक्षक, सैमुअल पैटी का सिर धड़ से अलग करके हत्या कर दी गई थी.  

बताया जाता है कि चार्ली एब्दो मैगज़ीन में प्रकाशित इस्लाम धर्म के पैग़म्बर मोहम्मद के कार्टून, शिक्षक सैमुअल पैटी द्वारा स्कूल की कक्षा में दिखाए जाने के विरोध में ये हमला किया गया था.  

फ्राँस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. 

अन्य हमले

ख़बरों के अनुसार गुरूवार को फ्राँस के दक्षिणी शहर एविनियोन में एक व्यक्ति द्वारा धमकी भरे अन्दाज़ में हथियार लहराने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई. 

इसके अलावा, सऊदी अरब के जेद्दाह में फ्रांस के वाणिज्यिक दूतावास (Consulate) के बाहर हुए एक हमले में एक सुरक्षाकर्मी ज़ख़्मी हुआ है. संदिग्ध हमलवार को हिरासत में ले लिया गया है. 

फ्राँस में घटनाओं के बाद पुलिस ने हत्याओं की जाँच शुरू कर दी है और देश में राष्ट्रीय सुरक्षा अलर्ट प्रणाली को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया गया है. 

कुछ दिन पहले स्कूल अध्यापक सैमुअल पैटी की हत्या के बाद राष्ट्रपति मैक्राँ ने कार्टूनों के पुन: प्रकाशन को सही ठहराया था लेकिन उनके इस फ़ैसले का मुस्लिम देशों में विरोध हुआ है. 

इन देशों में तथाकथित मुस्लिम विरोधी भावनाओं के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा फूटा है और तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैयप एरदोआन सहित कुछ अन्य नेताओं ने फ़्राँस के उत्पादों का बहिष्कार किये जाने की माँग उठाई है.

असहनीय हमले, आपसी सहिष्णुता का आहवान

धार्मिक स्थलों की रक्षा और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की कड़ी निन्दा की है. 

उन्होंने कहा है कि हर वो हमला जिसमें श्रृद्धालुओं सहित आम लोगों को निशाना बनाया जाए, वो असहनीय है और उसे किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता. 

यूएन अलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों के बाद हमें आपसी सम्मान और शान्ति के प्रयासों को बढ़ावा देने से पीछे नहीं हटना चाहिये. 

इससे पहले बुधवार को जारी अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि पैग़म्बर मोहम्मद की तस्वीरें फिर से प्रकाशित किये जाने से अनेक मुसलमानों को ठेस पहुँची है और उनके लिये यह अपमानजनक है.  

उन्होंने कहा कि धर्मों और पवित्र धार्मिक प्रतीकों का अपमान किये जाने से नफ़रत और हिंसक चरमपन्ध भड़कता है जिससे समाज में विभाजन और ध्रुवीकरण बढ़ता है. 

उच्च प्रतिनिधि ने सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. 

 

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